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जमुई: निमोनिया व इन्फ्लूंजा को मिशन इंद्रधनुष के जरिए साधने का प्रयास

चीनी बच्चों के बीच बहुतायत में फैली निमोनियो समेत श्वांस संबंधी बीमारी अब तक रहस्यमय बनी है। किंतु,चीन में व्यापक पैमाने पर फैली उक्त बीमारी को लेकर...

जमुई: निमोनिया व इन्फ्लूंजा को मिशन इंद्रधनुष के जरिए साधने का प्रयास
हिन्दुस्तान टीम,जमुईThu, 30 Nov 2023 12:45 AM
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जमुई/झाझा । निज संवाददाता
चीनी बच्चों के बीच बहुतायत में फैली निमोनियो समेत श्वांस संबंधी बीमारी अब तक रहस्यमय बनी है। किंतु,चीन में व्यापक पैमाने पर फैली उक्त बीमारी को लेकर भारत सरकार भी सतर्क है। केंद्र सरकार द्वारा इस क्रम में केंद्रीय से लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग तक को एडवाइजरी जारी किए होने की सूचना है। जानकारीनुसार भारत सरकार ने राज्यों से अपने अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों पर उक्त बीमारी के सामने आने पर उससे निपटने संबंधी तमाम उपाय व तैयारियों की समीक्षा करने को कहा है। इसी क्रम में जमुई जिले में उक्त संबंधी तैयारियों की पड़ताल करने पर तैयारियां सरजमीं पर कम और कागजों पर ज्यादा प्रतीत हुई। इस क्रम में विभिन्न पहलूओं पर तैयारी को ले सवाल करने पर जमुई के सिविल सर्जन डॉ.महेंद्र प्रताप सिंह बारंबार सघन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई) के तहत जारी टीकाकरण को ही सबसे बड़े उपाय के बतौर रेखांकित करते दिखे। उनके द्वारा बारंबार आईएमआई पर ही जोर देने से कहीं न कहीं यह जाहिर होता मिला मानों चाइनिज निमोनिया जैसे किसी खतरे की संभावित सूरत को वे टीकाकरण से ही साधने की दिशा में अपनी अधिक ऊर्जा लगा रहे हैं। उन्होंने कहा भी कि बच्चों को टीकाकृत करके ही इस बीमारी की संभावना से बचा जा सकता है। बताया कि वर्त्तमान में पूरे जिले में आईएमआई का तीसरा चरण चल रहा है। कहा,उक्त अभियान में लगी टीम को बच्चों की खोज करके जितने भी बच्चे छूटे हुए हैं उन सभी छूटे बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। हालांकि,उन्होंने इस क्रम में अन्य जरूरी उपाय व कदमों के संबंध में पूरा माइक्रो प्लान भी एक दिन पूर्व ही जारी किए होने की बात बताई। कहा,इसके अलावा डब्लूएचओ एवं यूनिसेफ आदि भी मॉनिटरिंग कर रहा है। किंतु उनसे जब उस माइक्रो प्लान की जानकारी आमजन की जानकारी के नजरिए से ‘हिन्दुस्तान से साझा करने का आग्रह किया गया तो वे गोलमोल जवाब देते मिले। इतना ही नहीं,सीएस द्वारा दावा किए गए उक्त प्लान की बावत जब झाझा की पीएचसी सह रेफरल अस्पताल के एमओआईसी से पूछा गया तो वे न केवल ऐसे किसी प्लान से पूरी तरह अनभिज्ञता जताते मिले। अपितु,प्रश्नगत निमोनिया बीमारी के संबंध में किसी तरह के विशेष इंतजाम या उपाय आदि की बात को भी नकारते हुए कहा कि जितना कुछ सामान्य तौर पर रहा करता है,वर्त्तमान में भी उतना ही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के जमीनी हाल की हकीकत को स्वत: ही समझा जा सकता है।

विशेष बेडों एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता का हाल:

प्रश्नगत बीमारी के मामले सामने आने पर वैसे मरीजों के लिए अलग वार्ड व बेड के सवाल पर सीएस का कहना था कि सदर अस्पताल में अलग से 7-8 बेड की तो हर वक्त ही व्यवस्था रहती है। ऑक्सीजन के पहलू पर बताया कि सदर में एक केंद्र सरकार व एक राज्य सरकार का कुल दो पीएसए प्लांट फंक्शनल हैं। जबकि जिले के अन्य पीएचसी, सीएचसी, रेफरल आदि में ऑक्सीजन कंसंटे्रटर एवं सिलिंडर भी पर्याप्त तौर पर उपलब्ध हैं। इनके संचालन कार्य से जुड़े सभी कर्मियों के प्रशिक्षित होने की हामी भरते मिले। और.....एंटीबॉयोटिक समेत सभी दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा करते मिले।

लक्षण

प्रसंगाधीन बीमारी के लक्षणों की बावत पूछे जाने पर सीएस ने बताया कि बच्चे को निमोनिया की सूरत में उसे तेज सांसें चलना,पसली का धंसना एवं कराहने जैसी आवाज होना जिसे की बच्चे की छाती के पास कान लगाकर सुना जा सकता है आदि लक्षण होते हैं।

सावधानी व उपाय:

झाझा के रेफरल अस्पताल के प्रभारी एमोआईस डॉ. शादाब अहमद इस क्रम में एहतियाती उपायों के तहत सबसे पहले किसी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निमोनिया की तथा इसके अलावा कहीं से भी इंफ्लूएंजा की वैक्सीन लगवा लने का मश्वरा देते मिले। साथ ही अनावश्यक ट्रैवलिंग एवं भीड़-भाड़ से भी दूर रहने की बात कही। जबकि सीएस ने ठंडा-गर्म व मौसम के उतार-चढ़ाव के प्रति सावधान रहने समेत नेबुलाइजर की बात कही।

कोविड के बाद चीन में निकली इस नई बीमारी से लोग अधिक चिंतित व सतर्क

लोग भूले नहीं होंगे कि सदी की सबसे बड़ी महामारी साबित होने वाली कोविड के भी चीन से ही दूसरे मुल्कों तक में फैली होने की चर्चाएं पुरजोर तौर पर सामने आती रही थीं। उस महामारी ने पूरी दुनियां में मौतों का तांडव मचा दिया था। ऐसे में चीन में सामने आई इस नई बीमारी से कहीं न कहीं लोग खासे चिंतित व सतर्क भी दिख रहे हैं।

हेल्थ सेंटर एवं एपीएचसी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में होंगे तब्दील

सीएस ने बताया कि जिले भर में स्थित 279 स्वास्थ्य उप केंद्र (एचएससी) एवं 48 अतिरिक्त प्रा.स्वा.केंद्र (एपीएचसी) इन सभी को भी अब हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तब्दील किया जाएगा।

डॉक्टरों की कमी को सीचओ से पाटा जा रहा, टेली कंसल्टेंसी का भी है विकल्प

सीएस ने बताया कि जिले के पीएचसी, सीएचसी, रेफरल, एपीएचसी आदि में जहां भी चिकित्सकों की कमी की स्थिति कायम है वहां सामुदायिक स्वा.पदा. यानि सीएचओ का पदस्थापन किया जा रहा है। इसके अलावा टेली कंसल्टेंस का भी विकल्प उपलब्ध है।

इस क्रम में पर्याप्त और पूरी तैयारी है। पूरा माइक्रो प्लान भी जारी कर दिया गया है। बच्चों के सौ फीसदी टीकाकरण पर विशेष फोकस है। जिले भर में मिशन इंद्रधनुष का तीसरा चरण अभी चल रहा है जिसमें सभी छूटे बच्चों को टीकाकृत करने का निर्देश दिया गया है।

कुमार महेंद्र प्रताप सिंह,सीएस,जमुई

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