
केकेएम कॉलेज जमुई की टीम 7 विकेट से रही विजयी
केकेएम कॉलेज जमुई की टीम 7 विकेट से रही विजयी केकेएम कॉलेज जमुई की टीम 7 विकेट से रही विजयी केकेएम कॉलेज जमुई की टीम 7 विकेट से रही विजयी
जमुई। नगर प्रतिनिधि गुरुवार को अंतर महाविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता कोशी कॉलेज खगड़िया के तत्वावधान में सत्र 2025-26 का चौथा मुकाबला केकेएम कॉलेज जमुई और आरएस कॉलेज तारापुर के बीच खेला गया। इसमें केकेएम कॉलेज की टीम ने ये मैच 7 विकेट से जीत लिया। तारापुर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, निर्धारित 20 ओवर में तारापुर की टीम ने 6 विकेट खोकर 135 रन बनाए, जिसके जवाब में केकेएम कॉलेज जमुई ने 13.2 ओवर में ही लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और यह मैच 7 विकेट से जीत लिया। शानदार बल्लेबाजी और गेंदबाजी के लिए सचिन को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
सचिन ने कुल 41 रन और दो विकेट हासिल किया ,वहीं विशाल ने 43 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। लगातार दूसरे दिन भी गरजा पीला शेर,कइयों पर गिरी गाज फोटो- 07- झाझा नप क्षेत्र में चेकनाका के करीब अतिक्रमण पर गाज गिराती जेसीबी झाझा,निज संवाददाता पीला शेर यानि बुलडोजर लगातार दूसरे दिन गुरूवार को भी गरजता और कई अतिक्रमण कारियों पर गाज गिराता दिखा। गुरूवार को एक बार फिर जेसीबी,ट्रैक्टर आदि से लैस एवं पुलिसिया सुरक्षा के साथ नप की एक टीम स्वच्छता सह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी मोनिका कुमारी के पर्यवेक्षण में अतिक्रमण को ध्वस्त करती दिखी। गुरूवार को दूसरे राउंड की शुरूआत स्थानीय कर्पूरी चौक से हुई। सुश्री मानिका ने बताया कि उसके बाद वहां से बस स्टैंड होते हुए नप के पुराने कार्यालय वाली नवाब रोड के अलावा खलासी मोहल्ला इलाके में जहां भी कच्चा-पक्का जिस प्रकार का भी अतिक्रमण काबिज नजर आया उसे ध्वस्त कर दिया गया है। साथ ही लोगों को पुन: अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है। वैसे,फिर से अतिक्रमण की नौबत या सूरत सामने नहीं आए,यह सुनिश्चित करने के लिए भी क्या कोई फुलप्रूफ उपाय किए जा रहे हैं,के सवाल पर उन्होंने बताया कि हटाए गए तमाम अतिक्रमण की पूरी सूचि जमुई डीएम के अलावा स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी दी जाएगी। इसके बाद उक्त संभावित स्थिति पर पुलिस की भी निगहबानी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि पुन: अतिक्रमण की सूरत मिलने पर ध्वस्तीकरण के साथ-साथ उन पर जुर्माना समेत कानूनी कार्रवाई भी होगी। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण रोधी यह अभियान फिलहाल जारी रहेगा। टूटते के साथ जुटते भी दिख रहे: इधर अतिक्रमण के खिलाफ बुधवार को मेगा अभियान चलाकर कई कच्चे-पक्के स्ट्रक्चर तोड़े जाने के अगले ही दिन कुछ मुकामों पर टूटे हिस्से को पुन: जोड़े जाने की कवायद भी सामने आती मिली। मेन रोड पर स्थित एक-दो दुकानदार बुधवार को उनके प्रतिष्ठान के आगे की तोड़ी गई सीढ़ियों को राजमिस्त्री लगवाकर गुरूवार को पुन:जोड़वाते भी दिखे। अब वे उक्त निर्माण अपने हिस्से में ही करा रहे या फिर पुन:अतिक्रमण कर रहे हैं यह तो नप के पहरूए ही जांच कर स्पष्ट कर सकते हैं। स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि ऐसे मामलों की जांच की जाएगी। उधर,रेलवे स्टेशन रोड से हटाए जाने के बाद फल-सब्जी के दर्जनों फुटपाथी दुकानदार स्टेशन रोड स्थित बंद पड़े नूतन टॉकीज के सामने के रेलवे कॉलोनी वाली दो गलियों में काबिज हुए दिखे। अतिक्रमण हटने से जाम से मुक्त नजर आने लगीं सड़कें,यातायात भी हुआ सुगम फोटो- 08 -अतिक्रमण हटने के बाद जाम से पूरी तरह मुक्त नजर आतीं शहर की मुख्य सड़कें झाझा,निज संवाददाता शहर की सड़कों के दोनों ओर कतारबद्ध रूप से काबिज नजर आने वाली फुटपाथी दुकानें,रेहड़ी आदि हटते ही सड़कों की पूरी बदली-बदली नजर आने लगी है। मुख्य सड़कें अतिक्रमण से मुक्त हुईं,तो इसके नतीजे में अक्सर लगने वाले जाम से भी मुक्त हुइ्र नजर आने लगी हैं। उपर से यातायात भी सुगम,सहज व आसान हो गया दिखा। कल तक लगभग हर घड़ी जाम से कराहते नजर आने वाली शहर की सड़कें गुरूवार को मानों वाहनों को फर्राटे भरने का न्यौता दे रही थीं। किसी भी पल व किसी भी मुकाम पर जाम की सूरत सामने आती नहीं दिखी। सड़कों के दोनों ओर काबिज नजर आने वाला अतिक्रमण का साम्राज्य हटने से कल तक सिकुड़ी,सिमटी नजर आने वाली शहर की मेन रोड बुधवार से अनायास ही काफी चौड़ी नजर आने लगी हैं। सड़कों की मूल चौड़ाई सामने आने से स्थानीय लोग भी हैरान थे। शहर,खासकर सड़कों के बदले सूरते हाल से सभी तरह के वाहन मेन रोड पर भी जहां छूटकर फर्राटे भरते नजर आ रहे थे। तो दूसरी ओर,बाजार-हाट करने आए लोगों से लेकर राहगीर तक भी काफी राहत की सांसें लेते और सुगमता से सड़क के इस पार से उस पार होते नजर आ रहे थे। वैसे गमनागमन सहज हो जाने पर संतुष्टि जताते व प्रशासन को इस हेतुक साधुवाद देते कई लोग इस राहत की मियाद को लेकर यह आशंका भी जताते मिले कि चंद दिनों बाद ही कहीं फिर ‘पुनर्मुषिको भव:’ वाली सूरत से ही सामना न करना पड़े,जैसा कि विगत में भी होता आया है,कहा कई लोगों ने। बीड़ी तंबाकू पर चले सरकार के नए कर के डंडे से टूट रही बीड़ी उद्योग की कमर बिहार तंबाकू,बीड़ी एंड बीड़ीपत्ता व्यवसायी संघ ने सरकार से एक्साइज ड्यूटी को वापस लेने की मांग की झाझा,निज संवाददाता केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर तंबाकू एवं तंबाकू उत्पाद पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (सेंट्रल एक्साइज) के रूप में अब एक और नए टैक्स का डंडा चलाकर बीड़ी उद्योग की मानों कमर तोड़ दी है। इतना ही नहीं,केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन 2025 को संसद में पारित कराकर थोपे गए उक्त नए टैक्स के कहर से न सिर्फ बीड़ी उद्योग की कमर टूटेगी। अपितु, इस उद्योग से जुड़े देश भर के करीब 50 लाख मजदूर एवं करीब इतनी ही संख्या वाले केंदू पत्ता तोड़ने के काम से जुड़े आदिवासी मजदूरों के अलावा लेवलिंग,पैकेजिंग आदि विभिन्न कार्यों से जुड़े करीब 25 लाख अन्य मजदूर ,यानि प्रत्यक्ष तौर पर जहां कुल करीब सवा करोड़ गरीब-गुरबे की दो जून की रोटी पर भी संकट आ जाना तय है। वहीं उक्त सवा करोड़ मजदूरों पर निर्भर उनके परिवारों के करीब 6 करोड़ सदस्यों के जीवनयापन भी मुसीबत व मुश्किल में पड़ सकता है। यह कहना है बिहार तंबाकू, बीड़ी एंड बीड़ी व्यापारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रफुलचंद्र त्रिवेदी का। संघ सरकार के उक्त निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से बीड़ी निर्माण से जुड़े करोड़ों गरीब-गुरबों के हित में उक्त संशोधन से बीड़ी एवं बीड़ी तंबाकू को अलग रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने सरकार के निर्णय पर काफी हैरानी जताते हुए कहा कि बीड़ी उद्योग से जुड़े लोग सालों तक सरकार से बीड़ी पर लगाई गई 28 फीसद की हाई जीएसटी को कम कर 5 फीसद के स्लैब में करने के लिए संघर्ष करते रहे थे। कहा,अंतत:सरकार ने सहानुभूति व संवेदना दिखाते हुए जीएसटी को 28 से 18 फीसद कर बंदी के कगार पर पहुंचे इस उद्योग को काफी कुछ राहत देने की अनुकंपा की थी। किंतु,अब पुन:सेंट्रल एक्साइज के उक्त नए संशोधन में गरीब तबके के उपभोग वाली बीड़ी को संपन्न तबके वाली सिगरेट,गुटखा आदि संग एक ही कसाटी पर कसकर बीड़ी तंबाकू पर भी 40 फीसद की जीएसटी के अलावा 70 फीसद एक्साइज टैक्स का नया कर थोप दिया है। बताया कि नए करारोपण के नतीजे में बीड़ी की लागत में 138 फीसद का ऑल टाइम हाई इजाफा हो जाना तय है। और.....ऐसे में सरकार का उक्त नया करारोपण,पूर्व से ही मंदी व बंदी की मार झेल रहे बीड़ी उद्योग को आने वाले दिनों में कहीं न कहीं ‘आईसीयू’ में ला दे सकता है,कहा संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने।

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