Historic Moment Simultala Welcomes First Train Stop of Darbhanga-Kolkata Maithili Express 15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस के ठहराव के साथ हर्षौल्लास में डूबा सिमुलतला क्षेत्रवासी, Jamui Hindi News - Hindustan
Hindi NewsBihar NewsJamui NewsHistoric Moment Simultala Welcomes First Train Stop of Darbhanga-Kolkata Maithili Express

15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस के ठहराव के साथ हर्षौल्लास में डूबा सिमुलतला क्षेत्रवासी

15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस के ठहराव के साथ हर्षौल्लास में डूबा सिमुलतला क्षेत्रवासी 15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस के

Newswrap हिन्दुस्तान, जमुईTue, 16 Sep 2025 02:29 AM
share Share
Follow Us on
15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस के ठहराव के साथ हर्षौल्लास में डूबा सिमुलतला क्षेत्रवासी

सिमुलतला, निज संवाददाता सिमुलतला में ऐतिहासिक पल का नजारा तब देखने को मिला जब रेलवे द्वारा घोषित तीन जोड़ी ट्रेन का ठहराव का पहली ट्रैन रविवार को 8:35 बजे रात्रि 15234 डाउन दरभंगा - कोलकाता मैथिली एक्सप्रेस सिमुलतला स्टेशन में रुकी। स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही लोगों ने उत्साह के साथ हरहर महादेव के जयकारा लगाए एवं ट्रैन के चालक व उपचालक को फूलमाला पहना कर स्वागत किया। उत्साह में लोगों ने ट्रेन के इंजन एवं डब्बा को फूलमाला से सजाकर स्वागत किया। साथ ही चालक व उपचालक का मुह मीठा करवाया गया। उपस्थित लोगों के बीच मिठाईयां बांटी गई। ट्रेन ठहराव को भव्य रूप देने के लिए सिमुलतला नागरिक मंच के बैनर तले कार्यक्त्रम आयोजित कर भारत सरकार के रेलमंत्री और रेलवे अधिकारियों को अभिनंदन किया गया।

कार्यक्त्रम के दौरान सिमुलतला स्टेशन प्रबंधक अखिलेश कुमार, पूर्व प्रबंधक सह जसीडीह स्टेशन प्रबंधक शंकर शैलेश का स्वागत माला पहनाकर किया गया। कार्यक्त्रम का अगुवाई मुंगेर जमुई कोऑपरेटिव बैंक के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीकांत यादव, जिला परिषद प्रतिनिधि आलोक राज, जदयू नेता शंभू सिंह गौतम, मनोज कुमार यादव, संजय सिंह मांगू, शशिभूषण सिंह आदि कर रहे थे। अन्य पांच गाड़ियां किस दिन कौन समय में रुकेगी... 15 सितंबर तड़के 13155 अप कोलकाता - सीतामढ़ी मिथिलांचल एक्सप्रेस सुबह 03:01 बजे पहुंचेगी और 03:03 बजे प्रस्थान करेगी। 15 सितंबर की शाम 15233 अप कोलकाता - दरभंगा मैथिली एक्सप्रेस शाम 04:07 बजे पहुंचेगी और 04:09 बजे प्रस्थान करेगी। 15 सितंबर की शाम 13156 अप सीतामढ़ी - कोलकाता मिथिलांचल एक्सप्रेस शाम 07:41 बजे पहुंचेगी और 07:43 बजे प्रस्थान करेगी। 16 सितंबर तड़के 13020 डाउन काठगोदाम - हावड़ा बाघ एक्सप्रेस सुबह 02:56 बजे पहुँचेगी और 02:58 बजे प्रस्थान करेगी। 16 सितंबर तड़के 13019 अप हावड़ा - काठगोदाम बाघ एक्सप्रेस सुबह 03:09 बजे पहुँचेगी और 03:11 बजे प्रस्थान करेगी। नक्सली संग़ठन के लिये ताबूत की अंतिम कील साबित हुआ प्रवेश का मारा जाना प्रवेश दा के नेतृत्व में पुलिस गस्ती दल पर हमला कर एएसआई समेत चार सैफ जवानों कर दी गई थी हत्या 22 अगस्त 2009 को सरेशाम सोनो चौक पर नक्सलियों ने दी थी घटना का अंजाम जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 42 नक्सली मामलों में आरोपित था मारा गया नक्सली प्रवेश दा फ़ोटो-04 : ग्रुप से प्राप्त फ़ोटो सोनो(जमुई), निज संवाददाता राजनीकान्त सोनो सोमवार को झारखंड प्रदेश के हजरीबाग में करोड़ रुपये के इनामी नक्सली प्रवेश दा उर्फ सहदेव सोरेन के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद नक्सली संग़ठन पूरी तरह हासिये पर आ गई है। प्रवेश दा का जमुई,बांका,लखीसराय व भागलपुर जिले में भी काफी दबदबा रहा है बिहार सरकार ने भी उसके पर 5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। सदी के पहली व दूसरे दशक में क्षेत्र में नक्सलियों की समानांतर सरकार चला करती थी।नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाकर बड़े बड़े फैसले करने लगा नहीं मानने पर सर कलम करने तक का दंड निर्धारित किये जाने लगा देखते ही देखते पूरा क्षेत्र पर नक्सलियों का दब दबा कायम हो गया। नक्सलियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जगह जगह केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई।सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही सुरक्षा बालों ने कार्यवाई शुरू तथा सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक एक शीर्ष नक्सली नेता चिराग दा,कुंदन दा,अभिनाश दा सिद्धू कोड़ा मारे गये तथ सुरंग यादव कोल्ह यादव जैसे कुख्यात नक्सली सलाखों की पीछे भेज दिया गया। लगातार सुरक्षा बलों की स्त्रिरयता व नक्सलियों के आतंक के साया में जी रहे क्षेत्रवासियों का विश्वास जितने में सुरक्षा बलों को मिली कामयाबी जो नक्सली संगठन के ताबूत की अंतिम कील साबित हुआ। सोनो तथा चरकापत्थर थाना में नक्सली प्रवेश दा के ऊपर कई मामले दर्ज हैं : झारखंड प्रदेश के हजारीबाग-गिरिडीह जिले के सीमा पर सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया इनामी नक्सली प्रवेश दा उर्फ उर्फ सहदेव सोरेन क्षेत्र में आतंक का पर्याय माना जाता था। सोनो चौक पर 22 अगस्त 2009 को प्रवेश दा के नेतृत्व में ही सरे शाम पुलिस गस्ती दल पर हमला कर एएसआई कलामुद्दीन समेत आधे दर्जन सैफ जवानों की हत्या जैसे जघन्य घटना का अंजाम देकर क्षेत्र व संग़ठन में अपनी पकड़ मजबूत बना लिया था। इस दौरान नक्सलियों ने इन पुलिस जवानों के हथियार भी लूट लिए थे। इसके अलावे ढोंढरी, तेतरिया, सरधोडीह, लखनकियारी तथा बेलंबा गावों में आम लोगों से मारपीट करना तथा बंद के दौरान वाहनों में आग लगा देने के मामले में 22 मार्च 2012 को उसे नामजद किया गया था। उत्क्त्रमित मध्य विद्यालय भलसुमिया को विस्फोट कर उड़ा दिए जाने की घटना में भी नामजद था। 16 दिसंबर 2015 को मुंडमाला मंदिर से एक किलोमीटर पश्चिम मैदान में उसने पुलिस गश्ती दल पर हमले की योजना भी बनाई थी। जिसमें वह विफल रहा था। पुलिस ने 5 मार्च 2015 को मुंडमाला जंगल से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया था उस समय भी प्रवेश दा भागने में सफल रहा था। 2011 में मरियम पहाड़ी के समीप पंचायत चुनाव कराने जा रही पोलिग पार्टी के वाहन पर हमला किया गया था। जिसमें चालक सहित एक मतदान कर्मी की मौके पर ही मौत हो गई थी। 2013 में रजौन निवासी विनोद यादव की हत्या में भी वह नामजद रहा। 3 मई 2013 को औरैया-महूगांय के बीच झांझी नदी पर बन रहे पुल में लेवी को लेकर मजदूरों को अगवा किए जाने की घटना में भी प्रवेश की संलिप्तता बताई गई है।कुख्यात नक्सली नेता चिराग दा के दाहिना हाथ माने जाने बाला प्रवेश दा के नेतृत्व में जिले के विभिन्न थानों में लगभग 4 दर्जन से अधिक नक्सली मामले दर्ज है। अभी तक जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 42 मामले सामने आया है शेष मामले की भी जनकारी इक्कठा किया जा रहा है। अभी तक जितने मामले में वह आरोपित है उसमें सर्वाधिक 20 मामले बरहट थाने में दर्ज हैं बताया गया है। जिले में सबसे पहले वर्ष 2003 सिमुलतला थाना में दर्ज नक्सली मामले में प्रेवश को आरोपित किया गया था दूसरा मामला 2004 में चन्द्रमंडी थाने में दर्ज की गई थी। उसके खिलाफ अंतिम मामले वर्ष 2022 में बरहट थाने में दर्ज बताया गया है। बरहट थाना कांड संख्या 11/2012, 74/2014, 78/2014, 03/2015, 12/2015,13/2015, 26/2015, 91/2015, 68/3016, 21/2017, 33/2017, 41/2017, 91/2017, 28/2018, 64/2018, 110/2018, 13/2021, 87/2021, 37/2022, 38/2022 सोनो थाना कांड संख्या 75/2008, 120/2009, 168/2013, 158/201 सोनो(चरकापत्थर) थाना कांड सँख्या 20/2010, 87/2013, 119/2013, 40/2015 खैरा थाना कांड सँख्या 08/2013, 168/2013, 169/2013, 24/2014, 65/2014, 114/2014 चकाई थाना कांड सँख्या 20/2010, 92/2014, 113/2014, 115/ 2014 चन्द्रमंडी थाना कांड सँख्या 58/2004, 72/2009, 73/2009 जमुई थाना कांड संख्या 67 /2014 सिमुलतला थाना कांड सँख्या 16/2003 उपरोक्त सभी मामलों में प्रवेश दा उर्फ सहदेव सोरेन आरोपित है, साथ पुलिस पूरी कुंडली खंगालने में लगी है। रेल: विश्वकर्मा पूजा आज से,जगतशिल्पी की अगवानी को सज-धजकर तैयार है झाझा रेल नगरी झाझा रेलनगरी में आज पधारेंगे भगवान विश्वकर्मा सभी रेलवे प्रतिष्ठानों में कर्मी व अधिकारी खुद ले रहे हैं हर तैयारी का जायजा,मेमू शेड का बड़ा ही भव्य होता है आयोजन फोटो-05 : झाझा स्थित रेलवे मेमू शेड में सज-धजकर तैयार भगवान विश्वकर्मा का भवन झाझा,निज संवाददाता रेल के तमाम इलाके आज मंगलवार से अगले तीन दिनों तक लोगों की भारी चहलपहल व गहमागहमी से गुलजार नजर आएंगे। झाझा रेलनगरी के हर हिस्से में मेले का नजारा होगा। इधर,रेल अधिकारियों व कर्मियों के बीच बला की खुशी का आलम है। वजह साफ है....आज झाझा रेलनगरी में रेलकर्मियों के ईस्टदेव भगवान विश्वकर्मा पधारने वाले हैं। तमाम दुनियां में भले ही भगवान विश्वकर्मा के पदार्पण को 17 सितंबर की तारीख तय हो। पर,झाझा रेलनगरी में जगतशिल्पी का आगमन हमेशा से ही एक दिन पूर्व होता आया है। आज आगमन के मद्देनजर मेमू शेड समेत अन्य सभी रेलवे प्रतिष्ठानों के परिसरों में भी खूबसूरत पंडालों के साथ-साथ अन्य साज-सज्जा के बीच भगवान विश्वकर्मा सज-धजकर तैयार हंै। जगतशिल्पी के भक्तों के लिए भी अगले दो दिनों के दौरान रेलनगरी में पसरे नजारे देखने लायक होंगे। व्यापक पैमाने पर वितरण होने वाले प्रसाद की तैयारी को मेमू शेड परिसर में हलवाइयों की टीम लगी है। जबकि,शेड के सीनि.डीईई संजीव कुमार के मार्ग दर्शन में पूजा कमिटी के भारत भूषण,सौरभ कुमार,प्रशांत व विकास कुमार आदि समेत संजय सिंह आदि अन्य इंजीनियरों व कर्मियों की टीम हर व्यवस्था की मॉनिटरिंग में लगी दिखी। एक दिन पूर्व पदार्पण का सिलसिला सवा सौ सालों से चला आ रहा है: जानकारों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा के झाझा रेलनगरी में 24 घंटे पूर्व ही पदार्पण का यह सिलसिला करीब सवा सौ साल पहले तब से ही चला आ रहा है जब से यहां रेलवे का पदार्पण हुआ था। भगवान विश्वकमा को ईस्टदेव के बतौर मानते व पूजते हैं रेलकर्मी: अन्य तबकों के लिए भले ही अन्य देव कहीं अधिक अहम रहे हों,पर सभी जानते हैं कि रेल के तमाम लोगों के लिए भगवान विश्वकर्मा ही उनके सबसे बड़े देव के बतौर देखे व पूजे जाते रहे हैं। इसको ले झाझा के तमाम रेलवे प्रतिष्ठानों में बीते कई दिनों से बड़ी भव्य तैयारियां चल रही थीं। तैयारी के हर पहलू का जायजा खुद वहां कार्यरत अधिकारी व कर्मी लेते दिख रहे थे। मेमू कारशेड,पीडब्ल्यूआई व टीआरडी आदि प्रतिष्ठानों में जहां जगतशिल्पी के पूर्व से ही स्थायी भवन (मंदिर) बने हैं,वहीं अन्य प्रतिष्ठानों में पंडाल व प्रतिमाएं बैठायी जाते देखा गया। इन प्रतिष्ठानों में आज पधारेंगे जगतशिल्पी: मेमू कार शेड,टीआरडी,आईओडब्ल्यू,टेलिकॉम,कैरेज एंड वागन,क्रू बुकिंग ऑफिस,पावर हाउस आदि। सिग्नल व पीडब्ल्यूआई समेत रिक्शा चालक यूनियन व टेम्पू-टैक्सी यूनियन आदि में विश्वकर्मा पूजा का आयोजन अगले दिन होने की बात बताई जाती है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।