मुसहरी गांव में शिक्षा की नई शुरुआत, मुस्कान बनी पहली मैट्रिक पास लड़की

Apr 13, 2026 01:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
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मुसहरी गांव में शिक्षा की नई शुरुआत, मुस्कान बनी पहली मैट्रिक पास लड़की

बरहट, निज संवाददाता प्रखंड मुख्यालय के बरहट पंचायत के मांगो टोला मुसहरी की रहने वाली मुस्कान कुमारी ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 257 अंक प्राप्त कर एक इतिहास रच दिया।लगभग 30 घरों और 200 से अधिक आबादी वाले इस बस्ती में आजादी के दशकों बीत जाने के बाबजूद भी आज तक किसी बच्चे ने मैट्रिक परीक्षा पास नहीं की थी। ऐसे में मुस्कान की यह सफलता पूरे गांव के लिए गर्व और नई शुरुआत का प्रतीक बन गई है।मुस्कान न केवल इस गांव की पहली मैट्रिक पास छात्रा बनी, बल्कि वह पहली लड़की भी है जिसने कठिन हालातों को हराकर शिक्षा के इस मुकाम तक पहुंचने का साहस दिखाया।गरीबी

और मजबूरी के बीच छूटा था पढ़ाई :मुस्कान की जिंदगी शुरू से ही संघर्षों से भरी रही। उसके पिता महावीर मांझी ईट भट्ठा पर मजदूरी कर परिवार चलाते हैं।जबकि घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो जाता था।इन्हीं हालातों के चलते मुस्कान को कक्षा 5 के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। करीब तीन साल तक वह स्कूल से दूर रही। इस दौरान वह अपनी मां के साथ जंगलों से लकड़ी लाने जाती खेतों में मजदूरी करती और घर के कामों में हाथ बंटाती थी।उसकी उम्र जहां किताबों और सपनों के बीच गुजरनी चाहिए थी, वहां वह जीवन की कठोर सच्चाइयों से जूझ रही थी।इसी बीच समग्र सेवा की साथी मुन्नी कुमारी की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने मुस्कान में पढ़ाई की ललक को समझा और उसे दोबारा पढ़ाई से जोड़ने का संकल्प लिया। मुस्कान को सामुदायिक सांस्कृतिक शिक्षण केंद्र से जोड़ा गया। धीरे-धीरे उसमें फिर से पढ़ने की ललक जगी और उसका नामांकन दोबारा कक्षा 6 में कराया और समग्र सेवा संस्था ने उसकी पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें, कॉपियां और मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया। यही सहयोग मुस्कान के लिए नई उम्मीद बन गया।257 अंक के साथ ऐतिहासिक सफलता :मुस्कान की अथक मेहनत और लगन का परिणाम तब सामने आया जब 10वीं परीक्षा के परिणाम घोषित हुए। उसने 257 अंक प्राप्त कर न सिर्फ परीक्षा पास की बल्कि पूरे गांव के लिए एक नया इतिहास लिख दिया।उसकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं गांव के लोग भी गर्व महसूस कर रहे हैं। जो गांव कभी शिक्षा से दूर था, वहां आज मुस्कान की सफलता ने नई सोच और उम्मीद की लौ जला दी है।बिहार पुलिस में सेवा का लक्ष्य :मुस्कान बताती है की उसका सपना है कि वह आगे पढ़ाई जारी रखे और बिहार पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करे।वह चाहती है कि उसकी तरह गांव के अन्य बच्चे भी पढ़ाई करें और अपने जीवन को बेहतर बनाएं।गांव के लिए बनी प्रेरणा :मुस्कान की कहानी अब सिर्फ उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं रह गई है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा बन गई है।जहां पहले शिक्षा को लेकर जागरूकता की कमी थी, वहां अब लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। खासकर लड़कियों के लिए यह एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है कि अगर हौसला हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।कहती हैं पंचायत के मुखिया :इस संबंध में मांझी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली पंचायत की मुखिया जितनी देवी ने बताया कि सरकार सभी को शिक्षा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। इसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है।जहां मांझी समुदाय के लोग भी धीरे-धीरे शिक्षा से जुड़ रहे हैं।उन्होंने कहा कि मुस्कान ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया है जो बेहद सराहनीय है। हालांकि अभी भी कई लोग अभाव और जागरूकता की कमी के कारण शिक्षा से दूर हैं, जिन्हें जोड़ने के लिए विशेष प्रयास और जागरूकता अभियान की जरूरत है।

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