दस सूत्री मांगों को लेकर ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, अनुशासन में दिखा ड्राइवरों का बड़ा जमावड़ा

Mar 10, 2026 01:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमुई
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दस सूत्री मांगों को लेकर ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, अनुशासन में दिखा ड्राइवरों का बड़ा जमावड़ा दस सूत्री मांगों को लेकर ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहा

दस सूत्री मांगों को लेकर ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, अनुशासन में दिखा ड्राइवरों का बड़ा जमावड़ा

जमुई, नगर संवाददाता शहर जे कचहरी चौक स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के तत्वावधान में ड्राइवरों ने अपनी दस सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्त्रम की शुरुआत बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर संघ के पदाधिकारियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। धरना कार्यक्त्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष विकास यादव ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रामाशीष पटेल ने किया। धरना को संबोधित करते हुए मुख्य प्रवक्ता सह जिला संयोजक एवं समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ तथा जिला कोषाध्यक्ष गणेश यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि ड्राइवर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उन्हें सामाजिक न्याय और सुरक्षा नहीं मिल पाती है।

उन्होंने सरकार से ड्राइवरों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए उनकी मांगों को पूरा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं हुई तो ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले देशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र राय के आह्वान पर बिहार के सभी जिलों में यह धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया है। धरना के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपने की बात कही। धरना में रखी गई प्रमुख मांगों में सड़क दुर्घटना में होने वाली मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करना, ड्राइवर वेलफेयर फंड की स्थापना, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपये तथा अपंगता की स्थिति में 10 लाख रुपये मुआवजा सुनिश्चित करना, ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देना और 1 सितंबर को ‘ड्राइवर दिवस’ घोषित करना शामिल है। इसके अलावा ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, ड्राइवर सुरक्षा कानून बनाने, पेंशन योजना लागू करने और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था की मांग भी की गई। धरना के अंत में जिला अध्यक्ष विकास यादव ने ड्राइवरों से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोई भी ड्राइवर शराब पीकर वाहन न चलाएं और सड़क पर अनुशासन बनाए रखें। कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि हजारों की संख्या में पहुंचे ड्राइवर खाकी वर्दी में अनुशासन के साथ धरना में शामिल हुए और शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम का समापन किया। इस मौके पर माले नेता बाबू साहेब, कुणाल सिंह, नितेश्वर आजाद, जिला सलाहकार मो. चांद, मदन शर्मा, गंगा राम चंद्रवंशी, मिथिलेश सिंह, बबन यादव, दिलीप यादव, मनोज यादव सहित बड़ी संख्या में ड्राइवर और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।झाझा नगर की मुख्य पथ को छोडि़ए, सहायक पथों में भी जाम से मुक्ति की नागरिक कर रहे प्रशासन से मांगफोटो-03 : झाझा नगर की मुख्य पथ को छोड़ सहायक पथ में जाम का दृश्यझाझा, नगर संवाददाताझाझा नगर की मुख्य पथ को छोडि़ए, सहायक पथों में भी जाम से मुक्ति की नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं। झाझा नगर की मुख्य पथ को छोड़ सहायक पथ दुर्गा मंदिर चौक बरमसिया पथ में ऐसे ही रोज जाम से नागरिक परेशान हैं। पुलिस बल की तैनाती के बावजूद झाझा में जाम पर विराम नहीं लग पा रहा है। सड़क जाम से आमजन त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।नगर के सड़क यातायात अनियंत्रित होने से लोगों का जीवन नारकीय स्थिति में है। रेलवे स्टेशन बैंक स्कूल कॉलेज बाजार मंदिर जाना आना मुश्किल हो गया है। ट्रैफिक दरोगा के झाझा से हटा दिए जाने की टिस लोगों को बता रही है। आम जनों का, चाहे पैदल चलने वाले हों अथवा अपने वाहनों से ट्रेन पकड़ने के लिए अथवा ट्रेन से उतर कर घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन आना जाना हो या बैंक स्कूल कॉलेज बाजार मंदिर जाना आना, यह सब कुछ इतना मुश्किल हो गया है कि आमजन प्रशासन जनप्रतिनिधि सभी को नित्य प्रतिदिन कोसते सुने जा सकते हैं। मालूम हो कि जमुई के तत्कालीन एसपी डॉ शौर्य सुमन के द्वारा झाझा नगर क्षेत्र के लिए यातायात पुलिस का पदस्थापन किया गया था और उसका असर झाझा में दिखने लगा था। परंतु एक निश्चित कालखंड के बाद ट्रैफिक दरोगा को झाझा से हटा दिया गया जिसको लेकर यहां के विभिन्न नागरिक एवं व्यापारिक सगठनों में असंतोष है। थाना गेट एवं थाने की दीवार से सटे बाजार क्षेत्र में सड़क के किनारे लंबे चौड़े क्षेत्र लेकर चुनिंदा फल एवं सब्जी विक्त्रेताओं द्वारा सड़क मार्ग पर अनधिकृत कब्जा जमाए जाने के बाद लगातार झाझा वासी सड़क जाम की स्थिति से दो चार हो रहे थे। जाम की स्थिति को पैदा करने में टोटो चालकों, बाइकों के बाज़ार सड़क क्षेत्र में बेतरतीब ढंग से खड़ा करने वालों का भी भरपूर योगदान है। यहां के बुद्धिजीवियों का कहना है कि सड़क जाम की ऐसी स्थिति से त्रस्त नागरिकों की प्रशासन एवं मीडिया से गुहार एवं इस संबंध में मीडिया में बार-बार सुर्खियां बटोरने के बाद झाझा में ट्रैफिक दारोगा पदस्थापित किए गए परंतु उन्हें चंद महीनों बाद ही झाझा से हटा लिया गया जो दुखद विषय है। लोगों ने कहा कि यातायात दारोगा एवं आरक्षी बल के द्वारा, पूरे दिन नगर क्षेत्र में सड़क मार्ग अवरुद्ध नहीं हो, इसके लिए ्त्रिरयाशील रहने से निश्चित रूप से झाझा बाजार, रेलवे स्टेशन आने जाने में जाम की स्थिति नहीं रह रही थी और लोग आराम से आ जा रहे थे। जाम नहीं लग रहा था। कारण थी यातायात पुलिस की झाझा नगर क्षेत्र में स्त्रिरयता। चाहे बाइक सवार हों टोटो अथवा ऑटो चालक हों ट्रैक्टर चालक या छोटे माल वाहक वाहन हों, मुख्य बाजार में प्रवेश के उपरांत कोई इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं रहते कि दूसरे को रास्ता देने की कोशिश यदि की जाए तो स्वत: स्फूर्त उनको भी रास्ता मिल जाएगा और आवागमन में हो रही परेशानी दूर हो जाएगी। इस बात को लेकर जन जागरूकता फैलाई जाने की आवश्यकता बुद्धिजीवी महसूस कर रहे हैं। यह जन जागरूकता चाहे प्रशासनिक स्तर से हो अथवा राजनीतिक या सामाजिक स्तर से परंतु इसकी आवश्यकता है वरना जो स्थिति झाझा नगर क्षेत्र में तैयार हो गई है आए दिन सड़क पर झगड़ा होना आम बात हो गई है। नगर की सड़कों पर ई-रिक्शा बिना किसी नियम का पालन करते हुए फर्राटे से दौड़ लगा रहे हैं। झाझा की यातायात व्यवस्था बहुत खराब है। ई-रिक्शा बिना किसी रोक-टोक के जहां मन वहां रुक कर, जहां-तहां अपने वाहनों को लगाकर खड़े कर देते हैं। बीच सड़क में रोक कर सवारी उतारने चढ़ाने का काम करते हैं। इससे आम नागरिक काफी परेशान हैं। ऐसे कतिपय चालकों के चलते सड़क को पार करने में बुजुर्गों की कौन कहे, युवा युवतियों छात्र-छात्राओं पुरुष एवं महिलाओं को भी परेशानी हो रही है। सड़क के इस पार से उस पार करना मानो लगता है कि महानगर की सड़क पार कर रहे हों। झाझा में ऐसे दर्जनों ई-रिक्शा हैं जिनका कि रजिस्ट्रेशन नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन के दर्जनों ई रिक्शा भी नगर की यातायात व्यवस्था बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।नगर में ई रिक्शा तेरह चौदह साल से लेकर सोलह 17 साल के लड़के भी चला रहे हैं। ना तो इन्हें यातायात नियम की जानकारी है और ना हि वाहन चलाने का अधिकार। नतीजा है शहर में आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हालांकि अनेकों व्यस्क चालक ऐसे भी हैं जो सड़क पर चलने के नियमों की धज्जियां उड़ाते तथा मना करने पर लोगों से लड़ते देखे जा सकते हैं। टोटो रिक्शा चालक संघ के अध्यक्ष राजू यादव ने पूछे जाने पर बताया कि झाझा में लगभग तीन हजार टोटो चल रहे हैं। उन्होंने माना कि जो टोटो चालक अपंजीकृत हैं, यदि वे कोई दुर्घटना कर चलते बन जाते हैं तो प्रशासन को वे कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं रहेंगे।विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के दल ने किया मंदार पर्वत का शैक्षणिक परिभ्रमणफोटो-04 : छात्र-छात्राओं ने किया मंदार पर्वत का परिभ्रमणझाझा,निज संवाददातामुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत झाझा बाजार स्थित स्तरोन्नत मध्य विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं के दल ने शैक्षणिक यात्रा की। रवानगी के मौके पर वार्ड सं.18 की पार्षद के प्रतिनिधि संदीप शर्मा एवं विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो.शम्सुद्दीन अंसारी ने शैक्षणिक दल की बस को हरी झंडी दिखाकर बांका जिले के मंदार पर्वत पक्षी अभयारण्य स्थल हेतु रवाना किया। दल में छात्र-छात्राओं के अलावा शिक्षक सिकंदर कु.राव आईसीटी लैब इंस्टेक्टर विजय कुमार, शिक्षिका पुष्पा कुमारी,आशा कुमारी एवं शिक्षा सेवक संजय हरि व रसोईया लीला देवी भी मौजूद थे। प्रप्र शमसुद्दीन शम्स ने कहा कि ऐतिहासिक स्थल एवं प्राकृतिक स्थलों के इस तरह के परिभ्रमण से विधार्थियों का शैक्षणिक के साथ साथ मानसिक विकास भी होता है।

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