Jamui News: अस्पताल कर्मी जर्जर छत और शौचालय के टपकते गंदे पानी के बीच कार्य करने को है मजबूर
Jamui News: अस्पताल कर्मी जर्जर छत और शौचालय के टपकते गंदे पानी के बीच कार्य करने को है मजबूर अस्पताल कर्मी जर्जर छत और शौचालय के टपकते गंदे पानी के बीच कार्य करन

Jamui News: जमुई। निज संवाददाता सदर अस्पताल का बाहरी भवन अस्पताल की भव्यता को दर्शाता है लेकिन अंदर का दृश्य पुरी तरह से उपर से फीट-फाट अंदर से मोकामा घाट वाली कहावत को चरितार्थ करता है। सदर अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में बने पैथोलॉजी का कमरा, मनोचिकित्सक विभाग का कमरा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। पैथोलॉजी का कमरे का छत पूरी तरह से जर्जर तो है ही साथ ही उक्त कमरे में प्रथम तल्ला पर स्थित शौचालय का गंदा पानी टपकता रहता है। इस कारण कर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों को शौचालय के गंदे पानी के बीच कार्य करना पड़ रहा है। पैथोलॉजी में प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा बताया गया कि इसकी जानकारी उनके द्वारा कई बार अस्पताल प्रबंधन को दी गयी। बीच में कुछ मरम्मती का कार्य करवाया गया लेकिन हालात जस का तस बना हुआ है। कर्मियों के द्वारा बताया गया कि पानी टपकने से लाखों रुपए का लगा मशीन खराब हो सकता है。
मनोचिकित्सक विभाग का कमरा है जर्जर
सदर अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में बने मनोचिकित्सक विभाग का कमरे का छत पूरी तरह से जर्जर अवस्था में है। अक्सर छत का प्लास्टर टूट कर गिरता रहता है। इस कारण इस कमरे में मरीजों का काउंसलिंग करना और बैठना घातक साबित होता है। मनो चिकित्सक विभाग में कार्यरत चिकित्सक और कर्मी जान हथेली पर लेकर कार्यालय में बैठे रहते हैं। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल प्रबंधन इसे दुरुस्त कराने के बजाय किसी बड़े हादसा का इंतजार कर रही हैं।
कहते हैं प्रबंधक
इस संबंध में पूछे जाने पर सदर अस्पताल प्रबंधक रमेश कुमार पांडेय ने बताया कि जर्जर कमरे की मरम्मती कार्य को लेकर वरीय पदाधिकारी को जानकारी दी गयी है। जल्द ही क्षतिग्रस्त कमरे का मरम्मत कार्य करवाया जायेगा।
जमुई में बच्चों की ट्रैफिकिंग के खिलाफ ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट का अभियान, 2030 तक चलेगी निर्णायक लड़ाई
फोटो-37- कार्यक्रम में शामिल ट्रस्ट के लोग
जमुई, नगर संवाददाता
जमुई जिले में बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट ने बच्चों की ट्रैफिकिंग (बाल दुर्व्यापार) के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का एलान किया है। विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद ट्रस्ट ने कहा कि जमुई में बाल तस्करी की रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श "इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रास्पेरिटी" में देश के 782 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसी दौरान‘नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ की शुरुआत की गई, जो वर्ष 2030 तक संचालित होगा। ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है। ट्रस्ट के निदेशक सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि जमुई जैसे सामाजिक और आर्थिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट प्रशासन के सहयोग से ऐसे परिवारों की पहचान करेगा, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके बच्चे ट्रैफिकिंग के खतरे में हैं। इन परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सुनील कुमार मिश्रा ने कहा, ट्रैफिकर बाहर से नहीं आते, वे अक्सर हमारे आसपास के ही लोग होते हैं, जो नौकरी और बेहतर जीवन का झांसा देकर बच्चों को अपने साथ ले जाते हैं। बाद में उन्हें बंधुआ मजदूरी, भिक्षावृत्ति और यौन शोषण जैसे अपराधों में धकेल दिया जाता है। हमारा लक्ष्य है कि जमुई में ट्रैफिकिंग पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।
गिद्धौर प्रखंड में बाल मजदूरों से लिया जा रहा है काम
गिद्धौर। निज संवाददाता
जहां बच्चे स्कूल जाकर पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं गिद्धौर बाजार में बाल मजदूरी की तस्वीरें आम हो गई हैं। शुक्रवार को गिद्धौर से एक तस्वीर सामने आयी है। जिसमें एक नाबालिग बच्चा सिर पर ईंट रखकर ढुलाई करते दिखा। उसके साथ एक अन्य युवक ईंट दे रहा है। बाजार के बीचों-बीच भारी ईंटों की ढुलाई करते इन बच्चों को देखकर राहगीर भी रुक गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीबी और मजबूरी के कारण कई परिवार अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय दुकान और निर्माण कार्यों में लगा देते हैं। इससे न सिर्फ उनका बचपन छिन रहा है बल्कि बाल श्रम कानून का भी उल्लंघन हो रहा है। बाल श्रम अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का श्रम कराना दंडनीय अपराध है। ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग किया है कि बाजार क्षेत्र में बाल मजदूरी करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें मुक्त कराया जाए। साथ ही उनके माता-पिता को सरकारी योजनाओं से जोड़कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जाए।
कहते हैं एलईओ
वही इस संबंध में पूछे जाने पर लेबर इंस्पेक्टर सुधांशु कुमार ने बताया कि बीच-बीच में बाल श्रम रोकने की दिशा में छापेमारी की जाती रही है आगे भी कार्रवाई करेंगे।
झाझा में जारी है भूखंडों का सर्वे संबंधित कार्य
फोटो-38- झाझा अंचल स्थित सर्वे कार्यालय में अपने कार्य में तल्लीन सर्वे कर्मी व अमीन
झाझा, निज संवाददाता
राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर साल 2024 से ही जारी विशेष सर्वे कार्य के तहत राजस्व ग्राम एवं उनकी चौहद्दी में स्थित भूखंडों के भौतिक सत्यापन व सीमांकन आदि की कवायद प्रगति पर है। शिविर प्रभारी कैलाश कुमार व कानूनगो सोनू कुमार से मिली जानकारीनुसार झाझा अंचल की बीस पंचायतों में कुलजमा 197 एवं नप क्षेत्र में पांच मौजे हैं। बताया जाता है कि नप क्षेत्र में सर्वेक्षण का कार्य का आदेश अभी नहीं मिला है। किंतु उधर ग्रामीण क्षेत्र के 197 मौजों में तीन मौजों एवं उधर दो राजस्व ग्रामों के मिलन बिंदु के त्रिसीमांकन एवं सीमा सत्यापन आदि की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और अब किश्तवार आदि की कवायद जारी है। केशोपुर पंचायत के सुल्तानपुर एवं रामदासपुर मौजों में किश्तवार की कवायद भी लगभग समाप्ति पर है। बताया गया कि उक्त कवायदों के क्रम में संबंधित क्षेत्रों में जनसभा व अन्य माध्यमों से आम ग्रामीणों को सूचित किया जाता है। इसमें अब रैयती सहभागिता व रैयत की स्वघोषणा आदि भी ली जानी है। उन्होंने बताया कि करीब 110 साल पूर्व के सर्वे के अनुसार झाझा अंचल में एक लाख से कुछ अधिक खसरा ही थे जो अब करीब 3.27 लाख हो चुके हैं। बताया गया कि सरकार के निर्देश के अनुसार उक्त विशेष सर्वे आगामी मार्च, 27 माह तक चलेगा। हालांकि सूत्रों के अनुसार सर्वे अमीनों के पर्याप्त संख्या में सुलभ नहीं होने से उक्त कार्य अपेक्षित गति से नहीं बढ़ पा रहा है। बताया जाता है कि पूरे झाझा अंचल के लिए वर्तमान में सिर्फ 23 सर्वे अमीन ही सुलभ हैं जो शिविर प्रभारी कैलाश कुमार, कानूनगो सोनू कुमार के दिशा-निर्देशन में अपने कार्य को अंजाम देने में लगे हैं। मौके पर सहायक अमित अमन समेत कई अमीन मौजूद थे।
झाझा के रास्ते गया और मधुपुर के बीच प्रतिदिन चलेगी श्रावणी मेला स्पेशल
पैमार-वजीरगंज-तिलैया-नवादा-लखीसराय-किउल-झाझा-जसीडीह के रास्ते चलेगी
झाझा,निज संवाददाता
श्रावणी मेला के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा को ले रेलवे द्वारा एक और स्पेशल ट्रेन की सौगात दी गई है। पूमरे के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया है कि मानपुर-पैमार-तिलैया-नवादा-शेखपुरा-किउल-झाझा-जसीडीह के रास्ते गया और मधुपुर के बीच 03654/03653 श्रावणी मेला स्पेशल का परिचालन किया जायेगा।
श्रावणी स्पेशल की समय सारिणी:
गाड़ी सं. 03654 गया-मधुपुर श्रावणी मेला स्पेशल 02.08.2026 से 16.08.2026 तक प्रतिदिन गया से सायं 05 बजे खुलकर अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए शाम 7.48 बजे शेखपुरा,8.41 बजे लखीसराय,09 बजे किउल,9.42 बजे मननपुर, 10.20 बजे जमुई, रात 00.15 बजे झाझा एवं 01.10 बजे जसीडीह समेत अन्य सभी स्टेशनों पर रुकते हुए तड़के 02.20 बजे मधुपुर पहुंचेगी।
वापसी में,गाड़ी सं. 03653 मधुपुर-गया श्रावणी मेला स्पेशल 03.08.2026 से 17.08.2026 तक प्रतिदिन मधुपुर से तड़के 02.50 बजे खुलकर 03.35 बजे जसीडीह, 04.55 बजे झाझा, 05.28 बजे जमुई, 06.55 बजे किउल, 08 बजे शेखपुरा के अलावा वारिसलीगंज, नवादा, तिलैया, वजीरगंज, पैमार, मानपुर सहित अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए दिन के 12 बजे गया पहुंचेगी।


