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28 नवंबर, 2020|5:06|IST

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कार्यपालक अधिकारी के खिलाफ पार्षद एकजुट

कार्यपालक अधिकारी के खिलाफ पार्षद एकजुट

मंगलवार को हुई नगर पंचायत की सामान्य बैठक अपने कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के साथ ही खत्म हो गई। आठ माह बाद हुई नपं की सामान्य बैठक अपने ईओ की गैर हाजिरी के कारण न किसी मुद्दे पर कोई चर्चा-परिचर्चा ही कर सकी।

न कोई प्रस्ताव लिया गया अथवा न ही किसी पहलू पर कोई निर्णय ही लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य पार्षद पिंकी देवी ने की जिसमें उप मुख्य पार्षद संजय यादव समेत विभिन्न वार्ड पार्षद भी मौजूद थे। प्रशासनिक भवन के बदले हुए माहौल में आहूत उक्त बैठक में ईओ की गैरहाजिरी से वहां मौजूद मुख्य एवं उप मुख्य पार्षद समेत सभी पार्षद सिरे से विरोध जताया। ऐसे में बैठक के शुरू होते ही पार्षद सुबोध केशरी ने ईओ के कथित मनमाने रवैए पर रोष जताते हुए उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया जिसका बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने समर्थन करते हुए उसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। निंदा प्रस्ताव को राज्य सरकार को भी भेजने का निर्णय लिया गया। पार्षदों ने ईओ की कार्यशैली व कार्यकलापों को एक सुर में कोसते हुए आरोप लगाया स्वेच्छाचारितापूर्ण कार्यशैली एवं एकला चलो रे वाली नीति के कारण न उनके जन प्रतिनिधि होने के कोई मायने रह गए हैं और न ही नगर के विकास का ही कोई कार्य हो रहा है। कहा,अकर्मण्यता की हद यह है कि पिछले 28 दिसंबर को हुई बैठक में कुल 22 प्रस्ताव पारित किए गए थे।

किंतु करीब आठ माह बीत जाने के बावजूद आलम यह है कि उक्त 22 में एक भी प्रस्ताव पर आज तक अमल नहीं हो पाया है। ऐसे में क्या हमलोग हर बैठक में सिर्फ पिछली बैठकों की संपुष्टि के लिए ही चुने गए हैं,यह सवाल कई पार्षद पूछते मिले।

ये पार्षद रहे बैठक में मौजूद:

मु.पा पिंकी देवी,उप मु.पा संजय यादव,वार्ड पार्षद कामख्या देवी,प्रतिमा देवी,सुबोध केशरी,सुधा देवी,सीमा राज,उषा देवी,मोनो देवी,मोनी कुमारी,दिनेश कुमार,कालीकांत,ओंकार पासवान,दिलीप साह व सुनीता देवी। इनके अलावा विधायक प्रतिनिधि संजय सिंहा,जेई घनश्याम सिंह व सी.पी.चौधरी अवास अभियंता रोहित राज भी मौजूद थे। पर ईओ व सिटी मैनेजर के अलावा कई विभागों के पदाधिकारी अनुपस्थित दिखे।

क्या कहते हैं ईओ

87 योजनाओं हेतु जरूरी 7.73 करोड़ का फंड नहीं था और दूसरे मद् से फंड डायवर्ट करने का मुझे अधिकार न होने से मैनें इस बावत विभाग से मार्ग दर्शन मांगा है। सशक्त समिति से मूलत:74 योजनाएं ही पारित हुई थीं। पानी टंकी की 10 में पांच का टेंडर व एग्रीमेंट मैनें बीते जनवरी में ही कर दिया था। मनमानी का आरोप शायद इसलिए कि मैं सरकार के नियम-निर्देशों के अनुसार ही चलता हूं।- रामाशीष शरण तिवारी,ईओ,नपं,झाझा

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  • Web Title:Councilors united against executive officer