विश्व के सबसे विशाल शिवलिंग की पूजा कितना फलदायी? मोतिहारी में आस्था का उमड़ा सैलाब
शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक किया जाएगा। इसके लिए हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर सहित पांच नदियों का जल मंगाया गया है।

बिहार पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड के कैथवलिया गांव में मंगलवार को आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। चकिया–केसरिया पथ स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में सोमवार रात करीब 10:40 बजे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग पहुंचते ही पूरे इलाके में उत्साह का माहौल बन गया। इस सहस्रशिवलंगम के अभिषेक से 1008 शिवलिंगों के जलाभिषेक का फल प्राप्त होगा।
मंगलवार सुबह 8 बजे से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। हर ओर हर-हर महादेव, जय श्रीराम और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। भक्त ट्रक पर लदे विराट शिवलिंग के दर्शन, स्पर्श, पूजा-अर्चना और बेलपत्र अर्पण को लेकर उत्साहित नजर आए। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल कामना के लिए मन्नतें भी मांगीं।
जहां से रास्ता मिला, वहीं से पहुंचे श्रद्धालु
निर्माणाधीन मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए फिलहाल कई वैकल्पिक रास्ते खुले हैं। जिस दिशा से रास्ता खाली मिला, श्रद्धालु वहीं से परिसर में प्रवेश करते गए। पैदल, साइकिल, मोटरसाइकिल, ऑटो और कारों की सड़क किनारे लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं की भीड़ के साथ ही मंदिर परिसर और आसपास मेला सा नजारा बन गया। खाने-पीने की दुकानों पर लोगों की भीड़ रही। शिवलिंग के साथ सेल्फी लेने की होड़ खासकर युवाओं में देखने को मिली। स्कूलों में छुट्टी के कारण छात्र-छात्राओं की भी बड़ी संख्या मौजूद रही।
फटे टायरों ने बताई कठिन यात्रा की कहानी
जिस ट्रक पर शिवलिंग लाया गया था, उसी पर फटे टायरों का ढेर रखा दिखा। इससे तमिलनाडु के महाबलीपुरम से मोतिहारी तक की कठिन और लंबी यात्रा का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस व्यवस्था नदारद, प्राइवेट गार्ड संभालते रहे मोर्चा
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद मंदिर परिसर में स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं दिखी। व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी प्राइवेट गार्डों पर ही रही। भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
पार्किंग अव्यवस्था से लगा जाम
मंदिर परिसर के आसपास वाहन पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं ने सड़क किनारे ही वाहन खड़े कर दिए। इससे चकिया–केसरिया पथ पर बार-बार जाम की स्थिति बनी रही। राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा और जाम हटाने में पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
हेलीकॉप्टर से होगा जलाभिषेक
यह शिवलिंग 21 नवंबर को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से रवाना हुआ था, जो आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश होते हुए गोपालगंज और केसरिया के रास्ते कैथवलिया पहुंचा। शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक किया जाएगा। इसके लिए हरिद्वार, प्रयागराज, गंगोत्री, कैलाश मानसरोवर, सोनपुर सहित पांच नदियों का जल मंगाया गया है। यह सहस्त्रलिंगम शिवलिंग 1008 शिवलिंगों के जलाभिषेक के समकक्ष माना जाता है।
विराट रामायण मंदिर की भव्यता
शिवलिंग का वजन : 210 मीट्रिक टन
मंदिर का क्षेत्रफल : 120 एकड़
मंदिर की लंबाई : 1080 फीट, चौड़ाई : 540 फीट
कुल 18 शिखर और 22 मंदिर
मुख्य शिखर की ऊंचाई : 270 फीट
वर्ष 2030 तक मंदिर निर्माण पूर्ण होने का लक्ष्य
17 को विधि-विधान से होगी शिवलिंग की स्थापना
महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल के अनुसार, 17 जनवरी को पांच तीर्थों के जल से विधिवत अभिषेक के बाद विराट रामायण मंदिर में शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। शिवलिंग पर हेलीकॉप्टर से जलाभिषेक किया जाएगा। यह सहस्त्रलिंगम शिवलिंग 1008 शिवलिंगों के जलाभिषेक के समकक्ष माना जाता है।

लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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