
मध्य विद्यालय निघवां के प्रधानाध्यापक को मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार
कुर्था, एक संवाददाता। यह सम्मान शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर 2025 को पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा।
कुर्था, एक संवाददाता। कुर्था प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय निघवां के प्रधानाध्यापक वीरेन्द्र प्रसाद भास्कर को इस वर्ष का राजकीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा। शिक्षा विभाग ने उनका नाम चयनित 72 उत्कृष्ट शिक्षकों की सूची में शामिल किया है। यह सम्मान शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितम्बर 2025 को पटना स्थित श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में प्रदान किया जाएगा। कुर्था के शिक्षक वीरेन्द्र प्रसाद भास्कर का चयन अरवल जिले ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों, बेहतर शिक्षण शैली और कुशल प्रशासनिक क्षमता के लिए चुना गया है शिक्षा क्षेत्र में उनके समर्पण को राज्यस्तरीय मंच पर पहचान मिलना न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने वाला कदम भी है।
इस बाबत प्रधानाध्यापक वीरेन्द्र प्रसाद भास्कर ने कहा कि शिक्षा और प्रेरणा से ही समाज में बदलाव संभव है। मेरा लक्ष्य ड्रॉप आउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है। वहीं बच्चों में एक बेहतर अनुशासन डेवलप करना व बेहतर शैक्षणिक माहौल में ढालना लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा मैट्रिक स्तर तक ग्रामीण परिवेश के सरकारी विद्यालय राजकीय मध्य विद्यालय कुर्था एवं उच्च विद्यालय कुर्था से किया उन्होंने अपनी मेहनत एवं लगन से मैट्रिक,इंटरमीडिएट, स्नातक की पढ़ाई में प्रथम श्रेणी प्राप्त की। वर्तमान में बिहार लोकसभा आयोग द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होकर दिनांक 3 सितंबर 1994 को नियमित शिक्षक के रूप में प्रथम नियुक्ति पाईं।इसके बाद विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापित होकर 2005 में कुर्था प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय मानिकपुर में कार्य किया। उन्होंने बच्चों के नैतिक एवं चरित्रिक विकास पर विशेष ध्यान दिया। डॉ भास्कर के द्वारा प्राथमिक शिक्षा की समस्याओं एवं उनका समाधान कर शिक्षा को कैसे गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए इसके बारे में ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बाल संसद ,अभिनयुक्त शिक्षक, छात्र प्रोफाइल एवं खेल-खेल में शिक्षा ,सामुदायिक सहभागिता ,सरल अंग्रेजी माध्यम एवं कांसेप्ट मैपिंग का प्रयोग कर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित विद्यालय को रोचक एवं गुणवत्तापूर्ण नवाचार का प्रयोग किया। डॉ भास्कर ने बताया कि प्रत्येक राष्ट्र के निर्माण में प्राथमिक शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में कुछ न कुछ समस्याएं रहती हैं यदि हम समस्या की बात करते रहेंगे तो समाधान नहीं हो सकता इसीलिए हमें इसके समाधान की बात करनी चाहिए। सरकारी शिक्षा के प्रति जो भ्रांति बन गई है उसे दूर करने की जिम्मेदारी स्वयं की होनी चाहिए। हमें एक अच्छा नेतृत्व करता बनना होगा डॉक्टर भास्कर ने कहा कि नवाचार में हमने समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया ।उन्होंने समाज को विद्यालय से जोड़कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि पीटीएम बैठक में अभिभावक को सम्मान एवं सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी देने का कार्य किया ।उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ एक-दो घंटे प्रतिदिन समय देकर बच्चों की समस्या का समाधान स्वयं एवं शिक्षक के द्वारा किया ।उन्होंने कहा कि शून्यनिवेश नवाचार में बच्चों को गणित की संख्या जोड़, घटाव, गुणा ,भाग जैसी संख्याओं को कम समय में आसानी से सिखाया जा सकता है। उनका जीवन परिचय संघर्ष पूर्ण रहा।

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