भूमिगत जेपी आंदोलन की सूची की फिर से होगी भौतिक जांच
जिले में 283 भूमिगत जेपी सेनानियों की फिर से भेजा जाएगा जांच प्रतिवेदन जिले में 283 भूमिगत जेपी सेनानियों की फिर से भेजा जाएगा जांच प्रतिवेदन

जिले में 283 भूमिगत जेपी सेनानियों की फिर से भेजा जाएगा जांच प्रतिवेदन सही तरीके से जांच नहीं होने और गलत रिपोर्टिंग के कारण संचिका को विभाग ने किया वापस अरवल निज संवाददाता। जेपी आंदोलन में भूमिगत होकर आंदोलन करने वाले जिले के 283 जेपी भूमिगत सेनानियों का फिर से भौतिक जांच की जाएगी। विदित हो कि पूर्व में सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से जिले के जेपी आंदोलन में 283 भूमिगत व्यक्तियों की भौतिक जांच की गयी थी। लेकिन गृह विभाग ने पूर्व जांच की गयी रिपोर्ट को सही नहीं माना और जेपी कोषांग गृह विभाग विशेष शाखा पटना के द्वारा एक बार फिर कई बिंदुओं पर जांच करने का निर्देश दिया है।
जांच के निर्देश
जेपी कोषांग गृह विभाग बिहार पटना के निर्देश पर सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी गोविंद मिश्रा के द्वारा पत्र जारी कर जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को जेपी आंदोलन में भूमिगत व्यक्तियों का भौतिक जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को निर्देश दिया गया है। जिन बिंदुओं पर जांच करना है उसमें आवेदक द्वारा आंदोलन के दौरान मिशा डीआईआर के तहत एक माह से कम कारा निरुद्धता का प्रस्तुत प्रमाण पत्र, थाना में वैसे लोगों के विरुद्ध यदि कोई प्राथमिकी दर्ज है उससे संबंधित साक्ष्य न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करने का साक्ष्य जिला पदाधिकारी न्यायालय से संबंधित कोई अभिलेखनीय साक्ष्य जिसमें उनका दावा संतुष्ट हो रहा है। इन्हीं सभी बिंदुओं पर जांच के बाद निर्णय लिया जा सकता है। वहीं आवेदन कर्ता का उम्र 18 मार्च 1974 से 21 मार्च 1977 के अवधि में 14 वर्ष से कम ना हो। सभी बिंदुओं पर जांच करते हुए जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रतिवेदन तैयार कर अपने-अपने क्षेत्र के भूमिगत जेपी आंदोलन के व्यक्तियों की पूरा जांच प्रतिवेदन देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी गोविंद कुमार मिश्रा ने बताया कि पूर्व में जांच हुई थी। लेकिन प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा जांच सही तरीके से नहीं की गयी थी। विभाग के द्वारा जो जांच करने के लिए दिया गया था उस निर्देश के अनुसार जांच नहीं की गयी। ऐसी स्थिति में रिपोर्ट गलत होने के कारण संचिका को वापस किया गया है। जेपी सेनानी गृह विभाग के द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार जांच करने का निर्देश जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया है। जांच के बाद स्पष्ट प्रतिवेदन आने के बाद उस आधार पर रिपोर्ट जेपी सेनानी गृह विभाग बिहार पटना को भेजी जाएगी।
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