
बैंकों का साख जमा अनुपात कम रहने पर जतायी नाराजगी
अरवल में अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समीक्षा समिति की बैठक हुई। बैठक में पीएमईजीपी और पीएमएफएमई योजनाओं की समीक्षा की गई। बैंकों को निर्देश दिए गए कि वे ऋण वितरण बढ़ाएं और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करें। वित्तीय वर्ष 2025-26 में साख योजना में सुधार की आवश्यकता पर चर्चा हुई।
पीएमईजीपी के अंतर्गत अधिक से अधिक ऋणों का वितरण करें एवं लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें अपर समाहर्ता द्वारा बैंकों को अन्य कई बिन्दुओं पर दिए गए कई आवश्यक निर्देश अरवल, निज प्रतिनिधि। समाहरणालय सभाकक्ष में अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के द्वितीय एवं तिमाही का जिला स्तरीय परामर्शदात्री समीक्षा समिति (डीएलसीसी) की बैठक हुई। समीक्षा के क्रम में सर्वप्रथम जिले के वार्षिक साख योजना में उपलब्धि एवं ऋण जमा अनुपात जो कि 30 सितंबर 2025 के अनुसार क्रमश: 34.02 प्रतिशत तथा 43.64 प्रतिशत रहा है। इस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसमें वृद्धि करने के लिए निदेशित किया गया।
जिन बैंकों का साख जमा अनुपात एवं वार्षिक साख योजना मानक से कम रहा उस पर अपर समाहर्ता रवि प्रसाद चौहान के द्वारा नाराजगी व्यक्त की गयी। वार्षिक साख योजना में पूरे बिहार में जिले का 21वां तथा ऋण जमा अनुपात में जिले का 31वां स्थान रहा, जिसमें और वृद्धि की आवश्यकता है। वार्षिक साख योजना में लक्ष्य से कम प्राप्ति वाले बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे अपने लक्ष्य को इस वित्तीय वर्ष में प्राप्त करना सुनिश्चित करें। पीएमईजीपी एवं पीएमएफएमई योजना की समीक्षा की गई एवं लक्ष्य से कम प्राप्ति पर समी बैंकों को निर्देश दिया गया कि पीएमईजीपी के अंतर्गत अधिक से अधिक ऋणों का वितरण करें एवं लक्ष्य प्राप्त करना सुनिश्चित करें। अपर समाहर्ता द्वारा बैंकों को अन्य कई बिन्दुओं पर आवश्यक निर्देश दिए। मौके पर अग्रणी जिला प्रबंधक जयनाथ कुमार, जिला विकास प्रबंधक रजनीकांत सिंह, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं जिले के बैंकों के जिला समन्वयक के साथ अन्य उपस्थित रहे।

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