अनियमितता के आरोप में बर्खास्त किए गए पिंजौरा पंचायत के मुखिया
जांच रिपोर्ट के आलोक में विभाग की कार्रवाई, जांच रिपोर्ट के आलोक में विभाग की कार्रवाई

जांच रिपोर्ट के आलोक में विभाग की कार्रवाई 5 साल तक चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध जहानाबाद, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। पंचायतीराज विभाग ने काको प्रखंड के पिंजौरा पंचायत के मुखिया रामानंद सिंह को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही अगले पांच वर्षों तक किसी भी प्रकार का पंचायत चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह कार्रवाई लोक प्रहरी सह मगध प्रमंडल आयुक्त द्वारा गठित आरोप एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुखिया रामानंद सिंह पर वित्तीय अनियमितता एवं विभागीय नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोपों में वर्ष 2024-25 के दौरान ग्राम सभा से बिना पारित कराए योजनाओं का क्रियान्वयन करना तथा उनसे संबंधित राशि की निकासी शामिल है।
इसके अलावा स्वच्छता पर्यवेक्षक के चयन में विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने और पंचायत के अभिलेखों में दर्ज कुल 80 योजनाओं में से केवल 55 योजनाओं को ही सरकारी पोर्टल पर अपलोड करने का भी मामला सामने आया था। आरोपों के बाद जिला प्रशासन द्वारा जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। जहानाबाद के कार्यपालक दंडाधिकारी को पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपा गया था। जांच के दौरान आरोपों को सही पाया गया और यह स्पष्ट हुआ कि मुखिया द्वारा पंचायती राज अधिनियम 2006 की संबंधित धाराओं का उल्लंघन का दोषी पाया गया। साथ ही भ्रष्ट आचरण बरतने के भी पर्याप्त साक्ष्य मिले। जांच पूर्ण होने के बाद तैयार प्रतिवेदन लोक प्रहरी सह मगध आयुक्त, मगध प्रमंडल को भेजा गया। प्रतिवेदन पर विचार करते हुए आयुक्त ने मुखिया रामानंद सिंह को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त करने का आदेश जारी किया। इसके साथ ही उन्हें अगले पांच वर्षों तक किसी भी चुनाव में भाग लेने से वंचित कर दिया गया है। कार्रवाई के बाद पंचायत क्षेत्र में कार्रवाई की चर्चा का विषय बना है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


