Farmers Struggle with Urea Shortage and High Prices in Mehndiya Markets यूरिया को लेकर किसानों की बढ़ी परेशानी, Jahanabad Hindi News - Hindustan
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यूरिया को लेकर किसानों की बढ़ी परेशानी

एक दुकान से दूसरे दुकान भटकते देखे जा रहे हैं किसान, इन दिनों प्रखंड क्षेत्र के तमाम बाजारों में यूरिया की कमी को लेकर किसान काफी परेशान दिख रहे हैं और वे यूरिया के लिए एक दुकान से दूसरे दुकान भटकते...

Newswrap हिन्दुस्तान, जहानाबादSun, 24 Aug 2025 09:45 PM
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यूरिया को लेकर किसानों की बढ़ी परेशानी

एक दुकान से दूसरे दुकान भटकते देखे जा रहे हैं किसान कुछ दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत पर की जा रही खाद की बिक्री मेहंदिया, एक संवाददाता। इन दिनों प्रखंड क्षेत्र के तमाम बाजारों में यूरिया की कमी को लेकर किसान काफी परेशान दिख रहे हैं और वे यूरिया के लिए एक दुकान से दूसरे दुकान भटकते देखे जा रहे हैं। बीते 10-15 दिनों से प्रखंड के मेहंदिया, बेलसार, परासी, बलिदाद आदि बाजारों में यूरिया खाद की काफी किल्लत देखी जा रही है। किसान धान रोपण के बाद अपने-अपने खेतों में यूरिया खाद का उपयोग करना चाह रहे हैं। इसको लेकर वे प्रखंड के तमाम बाजारों में खाद को लेकर भ्रमण करते देखे जा रहे हैं।

किसानों की स्थिति यह है कि दिन के अहले सुबह से वह दुकानों के आगे साइकिल लगाकर खड़े हो जा रहे हैं कि काश हमें खाद मिल जाए। लेकिन उन्हें मायूसी ही हाथ लग रही है। किसान सुरेश शर्मा, कौशल कुमार, दीनबंधु दिनकर, सौरभ कुमार आदि ने बताया कि यूरिया खाद की किल्लत हम लोगों को परेशान कर रहा है।ऐसी स्थिति में हम लोगों की खेती पीछे पड़ जाएगी और धान का उत्पादन कम हो जाएगा। इन किसानों ने यह भी बताया कि खाद की किल्लत लगातार बनी हुई है। ऐसी स्थिति में चोरी छुपे कुछ दुकानदारों द्वारा उच्च कीमत पर खाद की बिक्री की जा रही है जो निर्धारित रेट से बहुत ज्यादा है। इस बाबत पूछे जाने पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी मिथिलेश कुमार ने बताया कि विगत एक सप्ताह पहले खाद का अभाव हुआ था। लेकिन इधर एक-दो दिनों से खाद आना शुरू हो गया है और खाद का उठाव भी हुआ है। आगे के दो चार दिनों में खाद की स्थिति सामान्य हो जाएगी और प्रखंड के सभी बाजार के दुकानों पर खाद पूर्व की तरह ही पर्याप्त मात्रा में मिलने लगेगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि खाद को लेकर मारामारी ना किया जाए। ऐसे भी धन रोपण के 40 दिन के बाद पहला खाद खेत मे पड़ना चाहिए। किसान धान रोपण के तुरंत बाद अपने-अपने खेतों में खाद छिटना शुरू कर दिए हैं, जिससे एकाएक खाद की परेशानी हो गई है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के अंदर खाद की पर्याप्त मात्रा प्रखंड के तमाम खाद दुकानों पर हो जाएगी।

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