
रबी के बीज लेने के लिए किसानों करनी पड़ रही कड़ी मशक्कत
हुलासगंज, निज संवाददाताजिसका मुख्य कारण बीजों का अनुदानित दर पर मिलना तथा वितरण की प्रक्रिया है। वितरण की प्रक्रिया के संबंध में किसानों ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसान हो...
हुलासगंज, निज संवाददाता प्रखंड अंतर्गत कृषि भवन में रबी फसल के अनुदानित दर पर बीज प्राप्त करने के लिए किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। जिसका मुख्य कारण बीजों का अनुदानित दर पर मिलना तथा वितरण की प्रक्रिया है। वितरण की प्रक्रिया के संबंध में किसानों ने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसान हो या मजदूर हो, चाहे भूमिहीन ही क्यों न हो ऑनलाइन कर बीज खरीद रहा है तथा स्थानीय बाजार में बेच दिया जा रहा है। जिससे वास्तविक किसानों को बीज नहीं मिल पा रहा है। लाट गांव निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था में सही मायने में जो किसान हैं और जो बीज के रुप में उपयोग करना चाहते हैं वे वंचित हो जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जो किसान बीज के लिए खरीदना चाहते हैं उन्हें आठ किलो तथा जो भूमिहीन हैं उन्हें पैंतीस किलो तक मसूर का बीज दिया जा रहा है। मिर्जापुर गांव निवासी किसान सुबोध कुमार ने बताया कि एक-एक घर में तीन तीन पौकेट चना गया है और मंसूर के लिए वही घरों के लोग फिर चक्कर लगा रहे हैं और वे भी जा रहे हैं। इस संबंध में कृषि पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि अगर ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि जरुरत मंद किसानों तक बेहतर बीज पहुंचे इसको लेकर दस दस क्विंटल चना एवं मंसूर का बीज प्रखंड के सभी पंचायतों में वितरित किया जाना है। चना का वितरण समाप्त हो चुका है। अब मंसूर का बीज सिर्फ खुदौरी पंचायत के किसानों को दिया जाना शेष है। दलहन उत्पादन के लिए बेहतर प्रभेद का बीज किसानों तक पहुंचे तथा दलहन उत्पादन बढ़े इसको लेकर किसानों को अनुदानित दर पर चना एवं मंसूर का बीज मिलना है। आवंटन के हिसाब से वैसे किसान जिन्हें चना मिलना है उन्हें मंसूर नहीं मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अधिकतम किसानों को आच्छादित करना है। अफरातफरी को लेकर बताया कि इच्छुक किसानों को औन लाईन करना होता है। अब जब ओनलाइन की प्रक्रिया में जो खेती किसानी से दूर है वैसे लोग भी दावेदार बन रहे हैं। यही आपाधापी का मुख्य कारण है। वहीं किसानों ने भी बताया कि वितरण के पूर्व पुख्ता जांच पड़ताल होनी चाहिए की व्यक्ति किसान हैं या नहीं।इसके लिए कम से कम जमीन का मालगुजारी रसीद प्रस्तुत किया जाय।

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