
बंदियों के मूलभूत अधिकारों में नहीं होनी चाहिए कोई कटौती
मंडल कारा में बंदियों के अधिकारों पर हुई चर्चा, जिसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे ने की।
मंडल कारा में बंदियों के अधिकारों पर हुई चर्चा काको, निज संवाददाता। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर बुधवार को मंडल कारा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडे ने की। इस मौके पर डीएम अलंकृता पांडे ने कहा कि बंदी भी हमारे समाज के ही नागरिक हैं। जब तक अपराध सिद्ध नहीं होता, वे निर्दोष माने जाते हैं, इसलिए उनके मूलभूत अधिकारों शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, सम्मान और सुरक्षामें किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कारा प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रत्येक बंदी तक मानवाधिकारों की पहुंच सुनिश्चित की जाए और जेल के वातावरण को सुधार एवं पुनर्वास के अनुरूप बनाए रखा जाए।
एसडीपीओ संजीव कुमार ने कहा कि अपराध के कारण जेल आना मानव होने के अधिकारों को समाप्त नहीं करता। बंदियों को वे सभी अधिकार प्राप्त हैं जो एक आम नागरिक को मिलते हैं। उन्होंने सभी बंदियों से अपील की कि सही व्यवहार और सकारात्मक सोच के साथ यहां से रिहा होकर समाज में एक जिम्मेदार नागरिक की तरह नई शुरुआत करें। उन्होंने यह भी बताया कि जहानाबाद जिला अब नक्सल प्रभाव से मुक्त है और सभी को मुख्यधारा से जुड़कर बेहतर जीवन जीने की अपील की। प्रोबेशन अधिकारी सुमित्रा और स्नेहा ने कहा कि जिन बंदियों को जमानत मिल चुकी है, लेकिन राशि जमा न कर पाने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ सके हैं, उनकी रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर डालसा सचिव को भेजी जाएगी ताकि उन्हें जल्द रिहाई मिल सके। इस अवसर पर पुरुष एवं महिला बंदियों द्वारा गीत-संगीत और मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किए गए। समारोह में विशेष एडीएम तेज नारायण राय, डीसीएलआर आकांक्षा गुप्ता, एसडीपीओ (2) संजीव कुमार, नालसाझ्रडालसा के प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता राजीव कुमार और बैजनाथ तथा प्रोबेशन पदाधिकारी सुमित्रा , स्नेहा सांवि और नसीम अंजुम उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कारा अधीक्षक अजीत कुमार और उपाधीक्षक भोला प्रसाद शर्मा ने किया।

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