भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है वंदे मातरम
अरवल, निज प्रतिनिधि।जिला पदाधिकारी- सह- जिला निर्वाचन पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में संपन्न हुआ।

अरवल, निज प्रतिनिधि। 'वंदे मातरम' वह राष्ट्रीय गीत है जो देशभक्ति, एकता और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उसके 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में अरवल में एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी- सह- जिला निर्वाचन पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन कर की गई, जिसके पश्चात सभी उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम का उत्साहपूर्ण गायन किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त शैलेश कुमार ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा रहा है, जिसने असंख्य देशवासियों को देश की आजादी के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे इस राष्ट्रीय गीत के गौरवशाली इतिहास को याद रखें और देशभक्ति की भावना को जीवन में आत्मसात करें। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभाकक्ष में देशभक्ति का माहौल तब और भी गरिमामय हो गया जब सभी ने एक स्वर में 'वंदे मातरम' गाकर राष्ट्र के प्रति अपनी आस्था एवं सम्मान प्रकट किया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल राष्ट्रीय गीत की 150 वीं वर्षगाँठ को मनाना था, बल्कि यह भी स्मरण कराना था कि भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक यह गीत आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में धड़कता है।

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