यूरिया की जगह करें अमोनियम सल्फेट का प्रयोग
अरवल, निज प्रतिनिधि। इसका 80-90 प्रतिशत प्रयोग के कारण 8.5 से 9 किलो नाइट्रोजन प्रयोग होता है। अमोनियम सल्फेट में नाइट्रोजन अमोनियम फार्मेट में आता है जिससे यह खेत में धीरे-2 घुलता है और 30-40 दिन तक...

अरवल, निज प्रतिनिधि। जिला प्रशासन के अनुसार कृषि वैज्ञानिकों का यह मानना है कि यूरिया की जगह पर किसान अमोनियम सल्फेट का प्रयोग कर अधिक उपज ले सकते हैं। बताया गया है कि सल्फेट में 10.5 किलो नाइट्रोजन व सल्फर 11.5 किलो पाया जाता है। इसका 80-90 प्रतिशत प्रयोग के कारण 8.5 से 9 किलो नाइट्रोजन प्रयोग होता है। अमोनियम सल्फेट में नाइट्रोजन अमोनियम फार्मेट में आता है जिससे यह खेत में धीरे-2 घुलता है और 30-40 दिन तक इसका नाइट्रोजन कार्य करता है। खेत में 80-90 प्रतिशत तक उपयोग होता है। जिससे ज्यादा दिन तक फसल की नाइट्रोजन की पूर्ति होती है।
11.5 किलो सल्फर की वजह से अतिरिक्त सल्फर नहीं डालना पड़ता। प्रति एकड़ 25 किलो का प्रयोग होता है जिसकी लागत 475 रुपए है। इससे वातावरण में प्रदूषण नहीं फैलाता। अमोनियम सल्फेट के प्रयोग से उत्पादकता में 20-25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होती है। किसान भाइयों से यह निवेदन है कि यदि यूरिया खाद मिल नहीं रही तो आप अमोनियम सल्फेट अपनी फसल में बढ़ोत्तरी व वातावरण शुद्ध रखने के लिए यूरिया के स्थान पर प्रति एकड़ 25 से 50 किलो अमोनियम सल्फेट प्रयोग करें। इससे आपकी उत्पादकता बढ़ेगी एवं आपको यह यूरिया से कम लागत में भी पड़ेगा और यूरिया का बेस्ट ऑप्शन है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




