
टीबी मरीजों को पोषण के लिए चार माह से नहीं मिल रहा पैसा
पैसा नहीं रहने के कारण 605 यक्ष्मा मरीज प्रभावित , टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए दी जाती है राशि
पैसा नहीं रहने के कारण 605 यक्ष्मा मरीज प्रभावित यक्ष्मा मरीजों को पोषण से संबंधित मिलने वाली 20 लाख से अधिक राशि लंबित टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार उपलब्ध कराने के लिए दी जाती है राशि हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव अरवल, निज संवाददाता। जिले में यक्ष्मा मरीजों को पोषण के लिए मिलने वाली राशि का आवंटन नहीं रहने के कारण पिछले चार माह से पैसा नहीं मिला है। जिसके कारण जिले के 605 यक्ष्मा मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पैसा के लिए टीबी से पीड़ित मरीज जिला यक्ष्मा कार्यालय का चक्कर लगाकर परेशान हैं। जिले में या क्षमता मरीजों को प्रति माह 1000 पोषण के लिए दिया जाता है लेकिन पिछले चार माह से या क्षमता मरीजों को प्रति माह मिलने वाली 1000 की राशि नहीं मिल पाया है जिसके कारण या क्षमता से पीड़ित मरीजों को पोषण के उचित सामग्री खरीदारी करने में भारी परेशानी हो रही है पिछले चार माह से पैसा नहीं मिलने के कारण यक्ष्मा मरीजों को पोषण से संबंधित मिलने वाली 20 लाख से अधिक राशि लंबित है।
जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉक्टर बैजनाथ प्रसाद ने बताया कि जिले में यक्ष्मा से ग्रसित 605 मरीज है जिन्हें प्रत्येक माह 1000 पोषण के लिए दिया जाता है। लेकिन पिछले चार माह से पैसा नहीं रहने के कारण राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस मामले में 20 लाख से अधिक राशि बकाया है। उन्होंने बताया कि पैसा आने के बाद जिले के सभी यक्ष्मा मरीज के खाते में राशि डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि पैसा भुगतान के लिए सभी प्रक्रिया पूर्ण करके रखी गई है। पैसा आते ही भुगतान किया जाएगा ताकि जिले के सभी यक्ष्मा से ग्रसित मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने बताया कि निक्षय मित्र बनने वाले टीबी मरीजों को प्रोटीन युक्त आहार उपलब्ध कराते हैं। यह पोषण आहार मरीजों के रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा कर उन्हें तेजी से स्वस्थ्य होने में मदद करता है। टीबी के लक्षणों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह संक्रामक रोग है, जो हवा के माध्यम से फैलता है। दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम को हल्का बुखार आना, पसीना आना, वजन घटना, भूख न लगना तथा बच्चों में वजन का न बढ़ना इसके प्रमुख लक्षण है, ऐसे लक्षण पाये जाने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जांच कराना चाहिए। निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान कर टीबी से लड़ने में करें मदद अधिकारी- कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं समाज के सक्षम व्यक्ति भी निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान कर टीबी से लड़ने में मदद कर सकते हैं। जिससे टीबी जैसी भयावह रोग से जिले को टीबी मुक्त किया जा सके। गौरतलब है कि टीबी एक संक्रामक रोग है जो हवा के माध्यम से फैलता है। दो हफ्ते से अधिक खांसी, शाम को हल्का बुखार, पसीना आना ,छाती में दर्द, वजन में कमी ,भूख न लगना, बच्चों में वजन का न बढ़ना ये कुछ ऐसे लक्षण हैं जो टीबी होना प्रकट करते हैं। लक्षण होने पर नजदीक के अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। मरीज 6 माह के डॉट्स के उपचार से पूरी तरह ठीक हो जाता है।

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