क्या बांकीपुर में प्रशांत किशोर के स्कूल बैग पर संकट है? जन सुराज ने सिंबल पर PC बुलाई

लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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Prashant Kishor Election Symbol: बांकीपुर में चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सिंबल के मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अटकलों का दौर शुरू कर दिया है। 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को स्कूल बैग चिह्न मिला था।

Prashant Kishore Bankipur Election Meeting

Prashant Kishor Election Symbol: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से उप-चुनाव लड़ रहे प्रशांत किशोर के दल जन सुराज पार्टी (जेएसपी) ने आज (शुक्रवार) दोपहर 12.30 बजे चुनाव चिह्न के मसले पर पटना में एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया है। इलेक्शन सिंबल के मुद्दे पर पार्टी के मीडिया वालों को बुलाने से अटकलों का एक दौर शुरू हो गया है कि क्या प्रशांत किशोर के स्कूल बैग सिंबल पर बांकीपुर उप-चुनाव में कोई खतरा है। आपको याद दिला दें कि बिहार विधानसभा के नवंबर 2025 के आम चुनाव में जन सुराज पार्टी के सभी कैंडिडेट को राज्य में एक समान स्कूल बैग चुनाव चिह्न आवंटित किया गया था। हालांकि, पार्टी 3 फीसदी से ज्यादा वोट लाने के बावजूद कोई सीट जीत नहीं पाई थी।

सूत्रों के मुताबिक बांकीपुर के रिटर्निंग अफसर ने अभी तक औपचारिक रूप से किसी भी कैंडिडेट को चुनाव चिह्न आवंटित नहीं किया है। सूत्रों का कहना है कि सिंबल आवंटन को आयोग के स्तर पर औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही आधिकारिक रूप से उम्मीदवारों को सिंबल की जानकारी दी जाएगी। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक विधानसभा के मुख्य चुनाव में राज्य की कम से कम 5 फीसदी सीटों पर लड़ रहे किसी रजिस्टर्ड गैर-मान्यता प्राप्त दल के सभी कैंडिडेट को एक समान सिंबल मिल सकता है। लेकिन उप-चुनाव पर यह नियम लागू नहीं होता है। जन सुराज पार्टी के सूत्रों को भरोसा है कि प्रशांत किशोर को बांकीपुर उप-चुनाव में भी स्कूल बैग सिंबल ही मिलेगा।

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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने से खाली बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान है और 3 जुलाई को मतगणना के बाद चुनाव के नतीजे आएंगे। इस सीट पर नामांकन वापसी का समय बीत चुका है। बांकीपुर के मैदान में लगभग दो दर्जन उम्मीदवार उतर आए हैं, इसलिए मुकाबला मजेदार होता दिख रहा है। लालू यादव और नीतीश कुमार नाम के भी एक-एक कैंडिडेट लड़ रहे हैं। भाजपा ने पहले अभिषेक बंटी को टिकट दिया, लेकिन घोटाला में परिवार का नाम होने की बात पता चलने पर कैंडिडेट बदलकर नीरज सिन्हा को लड़ा दिया। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने 2025 के चुनाव में दूसरे नंबर पर रहीं रेखा गुप्ता को फिर से टिकट दिया है। कई चुनाव से भाजपा के कब्जे में रहे इस इलाके में मुख्य मुकाबला नीरज सिन्हा, प्रशांत किशोर और रेखा गुप्ता के बीच ही दिख रहा है।

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चुनाव से पहले कैंडिडेट सेलेक्शन की वजह से परसेप्शन की लड़ाई में पिछड़ती दिख रही भाजपा ने अचानक से जन सुराज पार्टी को तोड़ने का ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों में प्रशांत से हाथ छुड़ाकर केसी सिन्हा, चेतना झांब, बिट्टू सिंह, गोपाल सिंह जैसे चेहरे भाजपा में पहुंचे चुके हैं। इनमें कुछ नवंबर के चुनाव में जन सुराज पार्टी के टिकट पर चुनाव भी लड़े थे। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पटना दौरे के दौरान अपना गढ़ बचाने के लिए कार्यकर्ताओं और नेताओं की फौज उतार दी है। उन्होंने बांकीपुर के एक-एक घर तक जाने का टास्क कार्यकर्ताओं को दिया है। बिहार में भाजपा नेता सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें आम जनता मतदान करेगी। प्रशांत किशोर के खुद लड़ने की वजह से उप-चुनाव हाईप्रोफाइल बन गया है, जो बांकीपुर को सम्राट चौधरी सरकार के कामकाज पर जनादेश के तौर पर पेश कर रहे हैं।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

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रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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