मधेपुरा से अररिया, पूर्णिया से कटिहार; सम्राट के कंधे पर नीतीश का हाथ सीएम का कोई संकेत!

Ritesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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CM Nitish Samrat Choudhary News: कोसी और सीमांचल में समृद्धि यात्रा कर रहे नीतीश कुमार का हाथ मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया और कटिहार की सभाओं में सम्राट चौधरी के कंधे पर टिका रहना क्या सीएम का कोई संकेत है?

मधेपुरा से अररिया, पूर्णिया से कटिहार; सम्राट के कंधे पर नीतीश का हाथ सीएम का कोई संकेत!

Nitish Samrat Choudhary News: राज्यसभा चुनाव लड़कर दिल्ली जाने को तैयार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोसी और सीमांचल इलाके में घूम रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सम्राट चौधरी सरकार में नंबर 2 की हैसियत रखते हैं और नीतीश की समृद्धि यात्रा से राजनीतिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं। नीतीश ने पहले मधेपुरा, तब अररिया, फिर पूर्णिया और अब कटिहार की सभाओं में भाषण के अलावा एक चीज दोहराई। सम्राट के कंधे पर हाथ। हर जगह एक जैसा दृश्य। नीतीश खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन मंच पर जिस तरह वो सम्राट से मुखातिब होते हैं, पीठ पर हाथ रखकर सम्राट से जनता का अभिवादन करवाते हैं, जो माहौल बनाते हैं, उससे चर्चा होने लगी है कि कहीं नीतीश नए सीएम का संकेत तो नहीं दे रहे हैं। नई सरकार के गठन में नीतीश की प्रभावी भूमिका होगी, यह भाजपा के कई नेता कह चुके हैं।

कभी लालू यादव की आंख का तारा रहे तारापुर के विधायक सम्राट चौधरी अलग-अलग पार्टियों के रास्ते भाजपा में पहुंचे हैं। सम्राट चौधरी को गृहमंत्री अमित शाह का भरोसा हासिल है, इसलिए उन्हें पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाया। जब नीतीश महागठबंधन छोड़कर दूसरी बार एनडीए में वापस लौटे तो जनवरी 2024 में उन्हें उप-मुख्यमंत्री बनाया गया। तब से वो सरकार में नंबर 2 हैं। दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा हैं। सम्राट से ज्यादा पुराने भाजपाई विजय सरकार में काफी एक्टिव हैं। भाजपा ने नीतीश से पहली बार होम मिनिस्ट्री लेकर इस सरकार में सम्राट को गृहमंत्री बनाया है, जो उन पर पार्टी और पार्टी नेतृत्व के मजबूत भरोसे का इशारा है।

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महागठबंधन सरकार के दौरान नीतीश सरकार को उखाड़ने के बाद मुरेठा खोलने का ऐलान करने वाले सम्राट समय का पहिया घूमने पर नीतीश सरकार में तेजस्वी यादव की जगह डिप्टी सीएम बन गए। पिछले दो साल के दौरान नीतीश और सम्राट के रिश्ते में काफी मजबूती आ गई है। नीतीश के राज्यसभा लड़ने के ऐलान के बाद भी सम्राट भविष्य में उनकी भूमिका को समझते हैं और खुले मंच से कह रहे हैं कि आगे भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकसित बिहार का सपना पूरा होगा।

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नीतीश राज्यसभा का चुनाव जीतकर दिल्ली जाएंगे, यह तय है। नीतीश के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने से पहले भाजपा को सीएम का चेहरा तय कर लेना होगा। यह काम नीतीश की सहमति से या संकेत से हो, करना भाजपा को है। बिहार में भाजपा का पहला मुख्यमंत्री बनने की रेस में कई नाम चल रहे हैं, जिसमें सम्राट चौधरी के अलावा केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम स्वाभाविक तौर पर चल रहा है। दोनों अमित शाह के भरोसेमंद हैं। नित्यानंद राय एक विधानसभा चुनाव में भाजपा के अघोषित सीएम कैंडिडेट समझे जाते थे। दोनों के अलावा मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल, नीतीश मिश्रा, संजीव चौरसिया जैसे नाम हैं।

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बिहार में भाजपा के सीएम पद के दावेदारों की लिस्ट की लंबाई इस बात पर निर्भर करती है कि उसे तैयार करने वाला सीएम चुनने के भाजपाई तौर-तरीकों से कितना वाकिफ है। यह पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा कोई नहीं बता सकता कि अगला सीएम कौन होगा। भाजपा विधायक दल का नेता चुनने वाली बैठक में दिल्ली से आए पर्यवेक्षक की जेब में पर्ची पर भाजपा के 89 विधायक, 22 विधान पार्षद, 12 लोकसभा और 4 राज्यसभा सांसद में किसी का भी नाम हो सकता है। सदन से बाहर का नाम भी हो सकता है। भाजपा की सरप्राइज भरी राजनीति को नीतीश शायद कंधे पर हाथ रखकर सम्राट के जरिए साधने की कोशिश कर रहे हैं।

नीचे देखिए मधेपुरा और अररिया के कार्यक्रमों की तस्वीर

Nitish Kumar Samrat Choudhary
Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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