देर रात भूख लगी तो नहीं मिलेगा भोजन, पेंट्रीकार में खाना मिलने की नई टाइमिंग जान लीजिए
Indian Railway News: रात में पेंट्रीकार बंद होने से ट्रेनों का अवैध वेंडरों का दबदबा बढ़ सकता है। अधिकृत वेंडर की आड़ में अवैध वेंडर ट्रेन में चढ़ेंगे और यात्रियों से चाय प्रति कप, पानी प्रति बोतल आदि की अधिक कीमत वसूलेंगे। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ-साथ रेलवे की छवि खराब होगी।

Indian Railway News: ट्रेन से रात में सफर करने वाले यात्रियों को पेंट्रीकार के भरोसे रहने पर भोजन-नाश्ते की दिक्कत हो सकती है। ट्रेनों में अब रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक पेंट्रीकार में खाना-नाश्ता के साथ गरम पानी आदि नहीं मिल सकेगा। आईआरसीटीसी ने सभी जोन को आदेश जारी कर रात में पेंट्रीकार सेवा बंद रखने का निर्देश दिया है। आईआरसीटीसी ने इसे अपने सोशल हैंडिल पर शेयर कर उपभोक्ताओं को भी जानकारी दी है। आईआरसीटीसी ने कहा है कि रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक पेंट्रीकार सेवा पूरी तरह बंद रहेगी। इस दौरान पेट्रीकार की किचेन की सफाई और मेंटेनेंस होगा। रात में भूख लगने या फिर खाद्य सामग्री के लिए यात्रियों को स्टेशन के स्टॉल या वेंडर पर निर्भर रहना होगा।
दिल्ली जाने वाली 22 ट्रेनों में ही पेंट्रीकार
मुजफ्फरपुर जंक्शन से गुजरने वाली 36 ट्रेनों में ही पेंट्रीकार की सुविधा है। इसमें वंदे भारत, राजधानी के अलावा मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। मुजफ्फरपुर से दिल्ली के लिए 44 नियमित ट्रेन चलती है, इनमें सिर्फ 22 सप्तक्रांति, स्वतंत्रता सेनानी, बिहार संपर्क क्रांति समेत चार सुपरफास्ट, वैशाली समेत पांच मेल एक्सप्रेस और राजधानी एक्सप्रेस में पेट्रीकार की सुविधा है।
इन ट्रेनों की आधी से अधिक यात्रा रात में ही पूरी होती है। ऐसे में रात में पेंट्रीकार बंद होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी। रेलवे के नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) के अनुसार, मुजफ्फरपुर से प्रतिदिन 102 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें 92 नियमित ट्रेनें हैं। इनमें से अधिकांश ट्रेन दरभंगा, जयनगर, सहरसा, रक्सौल, सीतामढ़ी, सहरसा, बरौनी आदि स्टेशनों से खुलती है और मुजफ्फरपुर के रास्ते जाती हैं।
अवैध वेंडरों का बढ़ सकता है दबदबा
रात में पेंट्रीकार बंद होने से ट्रेनों का अवैध वेंडरों का दबदबा बढ़ सकता है। अधिकृत वेंडर की आड़ में अवैध वेंडर ट्रेन में चढ़ेंगे और यात्रियों से चाय प्रति कप, पानी प्रति बोतल आदि की अधिक कीमत वसूलेंगे। इससे यात्रियों को परेशानी के साथ-साथ रेलवे की छवि खराब होगी।
तीन माह बाद खुली कपरपुरा रेलवे गुमटी, आवागमन शुरू
इधर मुजफ्फरपुर में कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 (सी) शनिवार को तीन महीने बाद आवागमन के लिए फिर से खोल दिया गया। वैशाली की सांसद वीणा देवी, विधायक ई. अजीत कुमार और कांटी प्रमुख कृपाशंकर शाही की मौजूदगी में बैंड-बाजे के बीच गुमटी खुलने के समय आसपास के गांवों के लोग भी मौजूद थे। गुमटी खुलने से खुश ग्रामीणों ने आपस में मिठाइयां भी बांटीं। गुमटी खुलने से सदातपुर, बझिला जगदीशपुर, शहबाजपुर, शेरपुर, मुबारकपुर, शेरना, कांटी सहित एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में सहूलियत हो गई। इतने गांव के लोग इस गुमटी के बंद होने से काफी परेशान थे। उनका आवागमन काफी लंबा हो गया था।
वैशाली सांसद वीणा देवी ने कहा कि जनता के लिए बंद गुमटी खुलवाई गई है। रेलवे ने जनहित में यह कार्य किया है। यह पुराना साहेबगंज मार्ग है। अभी भी इसपर ट्रैफिक का काफी दबाव है। उन्होंने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को इसके लिए बधाई दी है। कहा है कि उनकी शिकायत पर उन्होंने संज्ञान लेते हुए जनहित में गुमटी खुलवाने का काम किया।
25 फरवरी की रात बंद हुई थी गुमटी
विदित हो कि बीते 25 फरवरी की आधी रात को कपरपुरा रेलवे गुमटी अचानक बंद कर दी गई थी। इसके बाद डीएम से लेकर रेलमंत्री व डीआरएम तक से बंद रेलवे गुमटी को खोलने को लेकर मांग की गई थी।


