शाबाश सूर्यवंशी! हरारे में रनों की बरसात, वैभव के शहर समस्तीपुर में एक साथ मनी होली और दिवाली
वैभव ने मात्र 80 गेंदों का सामना कर 175 रनों की आतिशी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 15 चौके, 15 छक्के लगाये। 14 साल के सूर्यवंशी ने विश्व रिकॉर्ड बना दिया।

बिहार के समस्तीपुर से निकले वैभव सूर्यवंशी ने शुक्रवार को ऐसा तूफान मचाया कि भारतीय अंडर-19 टीम छठी बार विश्व चैंपियन बन गई। युवा ब्रिगेड के जग जीतने के बाद अब बारी सीनियर टीम इंडिया की है, जो टी-20 विश्व कप में शनिवार को अमेरिका के खिलाफ अपने अभियान का आगाज करेगी। शुक्रवार को अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में ऐतिहासिक जीत हासिल की।
भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से हराया। इससे पहले वैभव ने मात्र 80 गेंदों का सामना कर 175 रनों की आतिशी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने कुल 15 चौके, 15 छक्के लगाये। 14 साल के सूर्यवंशी ने एक यादगार पारी खेली और महज 55 गेंदों पर तीन अंक का आंकड़ा छूकर इस टूर्नामेंट में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।
मैदान में रनों की बरसात, शहर में जश्न का सैलाब
जैसे-जैसे वैभव का स्कोर बढ़ रहा था, पूरा समस्तीपुर जिला जश्न के सागर में डूबता गया। स्थानीय पटेल मैदान में दोपहर से ही पटाखे छूटने शुरू हो गए थे। वैभव के बचपन के कोच ब्रजेश कुमार के नेतृत्व में युवा क्रिकेटरों ने जमकर जश्न मनाया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां साझा कीं।
ताजपुर में मली गई गुलाल, बजा ढोल-मजीरा
वैभव के पैतृक क्षेत्र ताजपुर और मोतीपुर में भी उत्सव जैसा माहौल रहा। युवा व्यवसायी उमेश कौशिक ने मित्रों के साथ रंग-अबीर लगाकर और ढोल-मजीरा बजाकर जीत का जश्न मनाया। लोगों ने पटाखे और फुलझड़ियां जलाकर एक साथ होली और दिवाली मनाई। वैभव के चाचा राजीव सूर्यवंशी ने भावुक होते हुए कहा कि वैभव में बचपन से ही अद्भुत प्रतिभा थी। यही कारण है कि वह हर मैच में नया इतिहास रच रहा है।
गौरवशाली उपलब्धि पर बोले प्रबुद्ध जन
शहर के त्रिलोकनाथ उपाध्याय ने बताया कि ताजपुर जैसे छोटे कस्बे से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। वहीं, उमेश कौशिक ने कहा कि हमें गर्व है कि वैभव हमारे गांव का बालक है। हम दुआ करते हैं कि वह आगे चलकर दोहरा शतक बनाए और कामयाबी के शिखर को चूमे। अधिवक्ता राकेश कुमार कर्मशील ने कहा कि इतनी कम उम्र में ऐसी सफलता समाज के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सिर्फ 32 गेंदों में अर्धशतक
यह अंडर-19 विश्व कप फाइनल में किसी खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड है और टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में यह टीम का सबसे बड़ा स्कोर भी है। सूर्यवंशी ने यह पारी तब खेली, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। उन्होंने सिर्फ 32 गेंदों का सामना कर अपना अर्धशतक पूरा किया और इसी अंदाज में खेलते हुए दूसरा अर्धशतक सिर्फ 23 गेंद में बना लिया। उनकी 175 रन की पारी में से 150 रन सिर्फ बाउंड्री से ही आये, जिसमें 15 छक्के और इतने ही चौके शामिल हैं। इस पारी के दौरान उन्होंने विपक्षी टीम के गेंदबाजों की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा दीं। अब उनके नाम युवा वनडे पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड है। सूर्यवंशी के दबदबे का अंदाजा इससे ही लग जाता है कि उनके 100 से 150 रन तक पहुंचने के दौरान दूसरे छोर पर खड़े वेदांत त्रिवेदी ने सिर्फ चार गेंदों का सामना किया। सूर्यवंशी की बल्लेबाजी इतनी जबरदस्त थी कि आधे मैच तक भारत का रन रेट लगभग 10 था।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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