
भारत-नेपाल रेल सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद; काठमांडू में हिंसक आंदोलन के बाद फैसला
पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन के खिलाफ भड़की हिंसा के बीच भारत- नेपाल रेल सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है। जिसके बाद बॉर्डर पर स्थित स्टेशनों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। बिहार के मधुबनी के जयनगर स्टेशन पर नेपाली यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं।
पड़ोसी देश नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन और भष्ट्राचार के खिलाफ जेन-जेड के हिंसक प्रदर्शन के कारण भारत-नेपाल रेल सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर गया दिया है। सुरक्षा के लिहाज से दोनों रैक को जयनगर स्टेशन पर लगा दिया गया। ताकि कोई क्षति न हो सके। नेपाली स्टेशन अधीक्षक श्रवण मीणा ने बताया मंगलवार की सुबह वाली ट्रेन गई और वापस आई है। एक बजे नेपाल रेलवे द्वारा बढ़ते प्रदर्शन के कारण परिचालन को अनिश्चित कालीन के लिए रोक दिया है।

उन्होंने बताया कि एक ट्रेन रैक आ गयी है। दूसरी आ रहा है। इधर इंडो-नेपाल ट्रेन परिचालन ठप होने के कारण नेपाल के सीमावर्ती स्टेशनो के दर्जनों यात्री जयनगर में फंस गये है। जनकपुरधाम के यात्री सुमन्त थापा रमेश कुमार बताया कि ट्रेन ठप होने से भारी परेशानी हो रही है।
मालूम कि जनकपुरधाम समेत सिरहा जिले में कर्फ्यू के कारण अन्य संसाधनों से नेपाल जाना कठिनाइयों भरा है। महिनाथपुर, परवा,खजूरी के यात्री शांति देवी,रामसुफल यादव समेत अन्यो ने बताया कि ट्रेन परिचालन ठप होने से दिक्कत हो रही है। हालात के कारण फूट ऑवर ब्रिज पर बैठे है। इधर नेपाली स्टेशन पर सुरक्षा में तैनात एसएसबी जवानो द्वारा स्टेशन को खाली करा दिया है। एक को छोड़, आनेजाने वाले फाटक बंद कर दिये है। जिससे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
आपको बता दें करप्शन और सोशल मीडिया पर बैन को लेकर हुए नेपाल में हिंसक आंदोलन में सड़क से संसद तक भारी हंगामा हुआ। इस दौरान कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। जिसमें 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई जबकि 350 से अधिक घायल हैं। कई स्थानों पर सेना तैनात करनी पड़ी और कर्फ्यू लगाना पड़ा। जेन जेड के बैनर तले काठमांडू में स्कूली छात्रों समेत हजारों युवा संसद भवन के सामने एकत्र हो गए और सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटाने की मांग करने लगे। इस दौरान युवा सरकार विरोधी नारे लगा रहे थे।





