नीट छात्रा मौत मामले में IMA का DGP को पत्र, फर्स्ट ट्रीटमेंट करने वाले डॉ सतीश की सुरक्षा की मांग
पटना में नीट छात्रा की मौत के बाद आईएमए ने हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल और उसके संचालक डॉ. सतीश कुमार सिंह की सुरक्षा को लेकर डीजीपी को पत्र लिखा है। पीड़िता को पहले इसी अस्पताल में भर्ती किया गया था, बाद में मेदांता रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हुई।

पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल और उसके संचालक डॉक्टर सतीश कुमार सिंह की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। आईएमए ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर अस्पताल परिसर और डॉक्टर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली पीड़ित छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद सबसे पहले उसे हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छात्रा करीब तीन दिनों तक यहां इलाजरत रही। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया था। मेदांता में इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।
छात्रा की मौत के बाद मामला काफी संवेदनशील हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। इसके बाद कुछ संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अस्पताल प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए जाने लगे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को देखते हुए आईएमए ने इसे चिकित्सकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया है। आईएमए का कहना है कि इलाज के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही की जांच कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन अस्पताल या डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा या दबाव स्वीकार्य नहीं है। इसलिए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा देने की मांग की गई है।इधर, हीरामती प्रभात मेमोरियल अस्पताल के सीएमडी डॉक्टर सतीश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखने के लिए दोपहर 12 बजे प्रेस वार्ता बुलाने की घोषणा की है।





