अवैध लेनदेन में कोडिंग, फाइल में हेराफेरी कर टेंडर फिक्सिंग; रिशुश्री के कारनामों के नए-नए खुलासे
रिशुश्री को निविदा से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां पहले ही मिल जाती थी। इन गोपनीय जानकारियों का फायदा उठाते हुए उसने कई निविदाएं शेड्यूल रेट पर डाली और उसे हासिल किया।

बिहार के सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार की कड़ियां जुड़ने के साथ ही हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों की पड़ताल में सामने आया है कि ठेकेदार रिशु श्री की पैठ सिर्फ अफसरों तक नहीं थी। उसने नगर विकास एवं आवास सहित कई कार्य विभागों से जुड़े कार्यालयों में निचले स्तर पर कर्मियों में भी अपनी पैठ बना रखी थी। इनकी मदद से उसने कई बार सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर निविदाएं हासिल कीं।
इंजीनियर और कर्मियों से ली गोपनीय जानकारियां
सूत्रों के मुताबिक रिशुश्री ने नगर निकायों में निविदा कार्य देखने वाले इंजीनियर व कर्मियों को भी अपने प्रभाव में ले रखा था। इनकी मदद से रिशुश्री को निविदा से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां पहले ही मिल जाती थी। इन गोपनीय जानकारियों का फायदा उठाते हुए उसने कई निविदाएं शेड्यूल रेट पर डाली और उसे हासिल किया। शेड्यूल रेट किसी विशेष मद या कार्य के लिए अधिकतम या मानक मूल्य को बताता है। इसके चलते दूसरे ठेकेदार निविदा हासिल करने में सफल नहीं हो सके। कार्यालयों के आईटी से जुड़े कर्मी भी निविदा दस्तावेजों की हेरफेर में उसकी मदद करते थे। एसवीयू ने रिशु श्री के विरुद्ध दर्ज मामले में आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं।
सीतामढ़ी-पटना नगर निगम कार्यालय की भी जांच संभव
टेंडर घोटाला में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी के कार्यकाल से जुड़ी फाइलों को खंगालना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में एसवीयू की एक टीम ने मंगलवार को सहरसा नगर निगम कार्यालय में पुराने दस्तावेजों की जांच की थी। मुमुक्षु चौधरी सीतामढ़ी, मधुबनी में नगर आयुक्त और पटना नगर निगम में भी अपर नगर आयुक्त रहे हैं। ऐसे में सीतामढ़ी और पटना नगर निगम कार्यालय में भी उनके कार्यकाल के दस्तावेजों को खंगाला जा सकता है। इस दौरान स्वीकृत व पूर्ण हुई परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट बनाये जाने की संभावना है। बिहार प्रशासनिक सेवा के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी मुमुक्षु चौधरी के विरुद्ध ईडी और एसवीयू ने पहले ही मामला दर्ज कर रखा है। ईडी ने पीएमएलए के तहत उनका बयान भी दर्ज किया है। इस बयान में उन्होंने स्वीकार किया है कि सीतामढ़ी के नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार पाने के लिए रिशु श्री ने वरीय अधिकारियों को 25 लाख रुपये दिये थे।
सभी पहलुओं की एसवीयू जांच करेगी
सूत्रों के मुताबिक निकायों में जांच के दौरान विवादित निविदाओं से जुड़ी फाइल और रिकॉर्ड को जब्त किया जायेगा। संदेह वाले विभागों में वर्ष 2018 से 2024 तक टेंडर किसको मिला, टेंडर की राशि कितनी थी, योजना पर वास्तविक खर्च कितनी होनी चाहिए थी, इन सभी पहलुओं की एसवीयू जांच करेगी।
साइट निरीक्षण पर अभियंता का एक फीसदी कमीशन
पटना। टेंडर घोटाला में योजनाओं से जुड़े अधिकारी से लेकर अभियंताओं का कमीशन तय था। प्रवर्तन निदेशालाय द्वारा कांड की जांच के दौरान दर्ज किए गए बयान और डिजिटल साक्ष्य से इसकी जानकारी मिली है। बयान के मुताबिक अधिकारियों तक अवैध भुगतान पहुंचाने की व्यवस्था बनाई गई थी। ईडी को मिले एक व्हाट्सएप चैट में साइट निरीक्षण या अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर संबंधित इंजीनियर को एक प्रतिशत राशि दिए जाने का जिक्र किया गया है। ठेकेदार और अधिकारी के बीच हुई डिजिटल बातचीत में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का पूर्णता प्रमाणपत्र (कम्प्लीशन सर्टिफिकेट) हासिल करने के लिए कॉलेज प्रशासन को करीब 1.25 लाख रुपये का भुगतान करने की जानकारी दी गई है।
अवैध भुगतान के लिए कोड शब्दों का इस्तेमाल
सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में मिले चैट रिकॉर्ड में अवैध भुगतान के लिए पैकेट और अन्य कोड शब्दों का इस्तेमाल पाया गया। पूछताछ में कथित तौर पर बताया गया कि इनका उपयोग संबंधित अधिकारियों तक नकद राशि पहुंचाने के लिए किया जाता था ताकि ठेकों और परियोजनाओं का काम बिना बाधा चलता रहे। ईडी को मिले बयान में दावा किया गया है कि वरिष्ठ अफसरों की यात्रा और वीजा से जुड़े खर्चों का भुगतान हवाला के माध्यम से किया गया। जांच में कुछ बैंक खातों में धनराशि भेजे जाने का भी उल्लेख है।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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