
प्रशांत के आरोप निराधार तो कानूनी कार्रवाई करो; अब एक दिन मौन धारण करेंगे अश्विनी चौबे
बीजेपी नेताओं पर प्रशांत किशोर के आरोप पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होने कहा कि अगर आरोप निराधार हैं, तो कानूनी कार्रवाई के जरिए से उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो असाधारण और चिंताजनक हैं।
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर के ताबड़तोड़ बीजेपी नेताओं पर लगाए जा रहे आरोपों पर भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होने कहा कि पार्टी नेताओं पर प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों का बिंदुवार जवाब देना चाहिए। यदि आरोप निराधार हैं, तो कानूनी कार्रवाई के माध्यम से उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि चुनाव के समय आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं। लोग तरह-तरह के दावे करते हैं। लेकिन जिस तरह के आरोप अब हमारे भाजपा नेताओं पर लगाए जा रहे हैं, वह मेरे राजनीतिक जीवन में असाधारण और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत आरोप नहीं रह गया, बल्कि संगठन और जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है। इसलिए पार्टी के जिन नेताओं पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं उसका जवाब उन्हें देना चाहिए। चौबे ने मंगलवार को अपने गांव जाने के दौरान भागलपुर में ये बातें पत्रकारों से कही।
चौबे ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व से अनुरोध है कि इन आरोपों और उन चेहरों पर गंभीरता से विचार करे, ताकि बिहार को आगामी चुनाव में किसी भी तरह का नुकसान न हो। भाजपा को पंडित दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बिहार में कैलाशपति मिश्र जैसे नेताओं की मेहनत और संघर्ष से आज यह मुकाम मिला है। इसलिए, हमारे वरिष्ठ और पुराने साथियों की इन बातों को ध्यान में रखते हुए संगठन की एकजुटता बनाए रखते हुए इन आरोपों का जवाब देना चाहिए।
1990 में लालकृष्ण आडवाणी पर हवाला कांड के आरोप लगे थे, तब उन्होंने तुरंत लोकसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा की यही पहचान रही है। उन्होंने कहा कि वह साफ और पार्टी हित में बोलने वाले लोग हैं। चौबे ने कहा कि बिहार की राजनीति में सुचिता और ईमानदारी स्थापित करने के लिए वो लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आवास पर एक दिवसीय मौन धारण करेंगे। चौबे ने बार-बार दोहराया कि राजनीति में सुचिता साधारण कार्यकर्ता से लेकर बड़े नेताओं पर लागू होती है। राजनीति में चाहे उनका बेटा या भाई क्यों न हो, उनके लिए भी हमारा यही नजरिया है।
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वे आत्मविश्वास के साथ कहते हैं कि एनडीए बिहार में पूर्ण बहुमत के साथ फिर सरकार बनाएगी। दावा है कि एनडीए 225 सीटों विजयी होगी। यह केवल किसी एक चेहरे की वजह से नहीं है बल्कि इसलिए कि हमारे पास जनता के लिए ठोस और जनकल्याणकारी योजनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की योजनाएं जो महिलाओं, युवाओं, वृद्धों और हर वर्ग के हित को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं।





