सीएम बनना होता तो कब के बन गए होते..., मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर प्रशांत किशोर के बेबाक बोल
जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से पूछे गये सवालों और उनके जवाब पर सबसे ज्यादा तालियां बजीं। प्रशांत किशोर से पूछे गये इस सवाल पर कि क्या वे भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं? उनका जवाब था ‘हम कुछ नहीं बनना चाहते। बनना होता तो कब का बन गये होते।’
बिहार में अब चुनाव के 20 दिन भी नहीं बचे हैं। राज्य में सियासी हलचल बढ़ चुकी है। एनडीए और महागठबंधन के अलावा इस बार बिहार में प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी भी सभी 243 सीटों पर ताल ठोकने का दावा कर रही है। हालांकि, खुद प्रशांत किशोर किसी भी विधानसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। शनिवार को 'हिन्दुस्तान समागम' में आए प्रशांत किशोर ने बड़ा दावा किया और बेबाकी से अपनी बातों को रखा। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनना होता तो वो कब का बन गए होते।

जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से पूछे गये सवालों और उनके जवाब पर सबसे ज्यादा तालियां बजीं। प्रशांत किशोर से पूछे गये इस सवाल पर कि क्या वे भी मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं? उनका जवाब था ‘हम कुछ नहीं बनना चाहते। बनना होता तो कब का बन गये होते।’ दोबारा उनसे यह पूछा गया कि आप मीठी बातें कर रहे हैं। लेकिन जनसुराज का लक्ष्य तो सत्ता में आना ही है?
इस पर उनका जवाब था ‘अगर मुझे सत्ता में आना होता तो इसके कई रास्ते थे। उन्हें समाज को एक अच्छी पार्टी देनी है जिसमें शिक्षित लोग हैं। इस लिए उन्होंने सभी जगहों पर पढ़े-लिखे उम्मीदवारों को खड़ा किया है। दवा व्यवसायी प्रदीप चौरसिया ने कहा कि प्रशांत किशोर का जवाब सधा हुआ था। उन्होंने बेबाकी से अपनी राय रखी।





