एनडीए और महागठबंधन ने 100 नए चेहरों को मैदान में उतारा, BJP के 31 विधायक बेटिकट
संक्षेप: जदयू और भाजपा ने जहां 31 विधायकों को बेटिकट किया, वहीं राजद और कांग्रेस ने 36 मौजूदा विधायकों को चुनावी मैदान में उतारने से परहेज किया है। इसके अलावा दोनों गठबंधनों ने अपनी परम्परागत सीटें भी सहयोगियों के लिए छोड़ दी हैं।
बिहार के चुनावी मैदान को फतह करने के लिए एनडीए और महागठबंधन ने अपने-अपने हिसाब से सधी चाल चली हैं। अधिक से अधिक सीटें हासिल करने के लिए दोनों गठबंधनों ने 100 नए लड़ाकों पर दांव खेला है। यही नहीं, मौजूदा विधायकों के खिलाफ आम जनता में पनपे आक्रोश को देखते हुए 27 फीसदी विधायकों को बे-टिकट कर दिया है। जदयू और भाजपा ने जहां 31 विधायकों को बेटिकट किया, वहीं राजद और कांग्रेस ने 36 मौजूदा विधायकों को चुनावी मैदान में उतारने से परहेज किया है। इसके अलावा दोनों गठबंधनों ने अपनी परम्परागत सीटें भी सहयोगियों के लिए छोड़ दी हैं।

सहयोगी दलों के लिए एनडीए ने 22 तो महागठबंधन ने 18 सीटें छोड़ी हैं। गौरतलब है कि भाजपा वर्ष 2020 के चुनाव में 74 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके बाद वीआईपी के तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद विधानसभा चुनाव के पहले तक 80 विधायक हो गए थे। पार्टी ने 17 विधायकों को बेटिकट किया है।
जिनके टिकट कटे हैं, उनमें मोतीलाल प्रसाद, मिथिलेश कुमार, रामप्रीत पासवान, जयप्रकाश यादव, स्वर्णा सिंह, रामसूरत राय, डॉ. निक्की हेम्ब्रम, अरुण कुमार सिन्हा, नंदकिशोर यादव, अमरेंद्र प्रताप सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, डॉ. सीएन गुप्ता, कुसुम देवी, भागीरथी देवी, मिश्रीलाल यादव, रश्मि वर्मा और ललन कुमार शामिल हैं। जदयू ने आठ विधायकों को बेटिकट किया है। इनमें दिलीप राय, वीना भारती, अमन भूषण हजारी, अशोक कुमार, नरेन्द्र कुमार सिंह उर्फ गोपाल मंडल, डॉ. संजीव कुमार, राजीव सिंह और सुदर्शन कुमार शामिल हैं।
वहीं राजद ने इस बार 31 विधायकों को बेटिकट कर दिया है। इनमें छोटे लाल राय, भूदेव चौधरी, मो. कामरान, भीम यादव, विजय कुमार सिंह, मो. नेहालउद्दीन, भरत बिंद, किरण देवी, रामविशुन सिंह आदि प्रमुख हैं। कांग्रेस से बेटिकट पांच विधायकों में विजय शंकर दूबे, अजय कुमार सिंह, मो. आफाक, इजहारूल हुसैन और छत्रपति यादव शामिल हैं।
एक-दूसरे के लिए त्यागी परम्परागत सीटें
जदयू, भाजपा और हम ने एनडीए के नए सहयोगी रालोमो और लोजपा (आर) के लिए 22 सीटें छोड़ी है। इनमें जदयू और भाजपा ने 10-10 तो हम ने दो सीटें छोड़ी हैं। जदयू ने इस बार सहयोगी दलों के लिए बाजपट्टी, बेलसंड, कोचाधामन, मढ़ौरा, महुआ, तेघड़ा, साहेबपुर कमाल, परबत्ता, नाथनगर, पालीगंज, अगिआंव, तारापुर, चेनारी, सासाराम, दिनारा, ओबरा, शेरघाटी, अतरी और गोविंदपुर सीटें छोड़ दी हैं। वहीं, भाजपा ने सहयोगी दलों के लिए बख्तियारपुर, मनेर, दरौली, बरौली, फतुहा, कहलगांव जैसी सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं।
राजद ने सहयोगी दलों के लिए बरूराज, पारू, गौराबौराम, आलमनगर, औराई, सिकटी, बिहपुर, कटिहार, कुशेश्वरस्थान, लौरिया, गोपालपुर, सुगौली और केसरिया, जबकि कांग्रेस ने बांकीपुर, लालगंज, राजगीर और बाढ़ सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी है।
महागठबंधन ने कई नए चेहरों को उतारा
राजद ने 31 नए चेहरों पर भरोसा जताया है। इनमें प्रमुख तौर पर माला पुष्पम, रितु प्रिया चौधरी, तनुश्री मांझी, पृथ्वी राय, अरुण गुप्ता, ओसामा शहाब, विशाल जायसवाल, वैजयंती देवी, पिंकी चौधरी, शिवानी शुक्ला, डॉ. करिश्मा राय, सुशील सिंह कुशवाहा, अवनीश विद्यार्थी, रेखा गुप्ता, देवा गुप्ता, रामबाबू सिंह, कुणाल किशोर, फैसल रहमान, नवनीत झा, स्मिता पूर्वे गुप्ता, इशरत परवीन, रजनीश भारती, चाणक्य प्रकाश रंजन, राजेश यादव, गुड्डू चंद्रवंशी, अमोद चंद्रवंशी, डॉ. गुलाम शाहिद, अजय दांगी और शमशाद आलम शामिल हैं।
कांग्रेस से 10 नए चेहरे पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनमें शशांत शेखर, इंद्रदीप चंद्रवंशी, उमेर खान, त्रिशुलधारी सिंह, बीके रवि, ओम प्रकाश गर्ग, इसरारूल होदा, मनोज विश्वास, नलिनी रंजन झा और अमित गिरि शामिल हैं। वामदलों से सात उम्मीदवार पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं।
इनमें दिव्या गौतम, धनंजय, अनिल कुमार, विश्वनाथ चौधरी, राकेश कुमार पांडेय, मोहित पासवान और शिव कुमार यादव पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वीआईपी ने आठ नए चेहरों को चुनावी मैदान में उतारा है। इसमें भोगेन्द्र सहनी, नवीन कुमार, उमेश सहनी, बाल गोविंद बिंद, अपर्णा मंडल, सौरभ अग्रवाल, गणेश भारती सदा, वरुण विजय शामिल हैं।
लोजपा (आर) ने 10-10 नए चेहरे उतारे
पुराने और चुनावी मैदान में मात खा चुके चेहरों को फिर से चुनावी दंगल में आजमाने की जगह दलों ने इस बार नए चेहरों पर दांव लगाया है। भाजपा ने इस बार 10 नए चेहरे को उतारा है। इनमें मैथिली ठाकुर, रत्नेश कुशवाहा, संजय गुप्ता, सुजीत कुमार सिंह, त्रिविक्रम सिंह, डॉ. सियाराम सिंह, आनंद मिश्र, छोटी कुमारी, सुभाष सिंह, रमा निषाद और रंजन कुमार शामिल हैं।
वहीं, जदयू ने इस बार 24 नए चेहरों को तरजीह दी है। इनमें कविता साह, अतिरेक कुमार, ईश्वर मंडल, कोमल सिंह, अजय कुशवाहा, आदित्य कुमार, भीषम कुशवाहा, विकास सिंह उर्फ जीशु सिंह, इन्द्रदेव मंडल, डॉ. मांजरीक मृणाल, रवीना कुशवाहा, अभिषेक कुमार, बबलू मंडल, नचिकेता मंडल, रूहेल रंजन, राहुल सिंह, समृद्ध वर्मा, विशाल साह, श्वेता गुप्ता, नागेन्द्र रावत, सोनम रानी सरदार, पप्पू कुमार वर्मा, ऋतुराज कुमार, चन्देश्वर चन्द्रवंशी शामिल हैं।
हालांकि चन्द्रवंशी जहानाबाद के सांसद रह चुके हैं, लेकिन पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं लोजपा (आर) ने अपने हिस्से की 29 सीटों में 10 पर नए लड़ाके उतारे हैं





