
5 फरवरी से शहनाई सीजन; सिर्फ रस्म नहीं, इवेंट बन गई हैं शादियां, बढ़ेगा कारोबार
खरमास के बाद शादी बाजार में रौनक लौट आई है। 5 फरवरी से शादी का लग्न शुरू हो रहा है। सोने के भाव में उतार-चढ़ाव से खरीदारी का पैटर्न बदल रहा है। हल्के वजन की ज्वैलरी और 18 कैरेट वाले सोने के गिफ्ट की मांग ज्यादा है।
खरमास और अन्य कारणों से पिछले दो माह से शांत पड़ी शहनाई एक बार फिर गूंजने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार आगामी 5 फरवरी से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। इसके साथ ही शहर में मांगलिक आयोजनों की रौनक लौट आई है। एक तरफ हॉल, होटल और धर्मशालाओं की बुकिंग फुल है, वहीं बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। रेडीमेड कपड़े, साड़ी, आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार पूरी तरह गुलजार हैं। भागलपुर का बाजार न सिर्फ जिले के लिए बल्कि बांका, मुंगेर और झारखंड के कई सीमावर्ती जिलों के लिए खरीदारी का प्रमुख केंद्र है।
ईस्टर्न बिहार रेडीमेड होजियरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार बताते हैं कि भागलपुर, कपड़ा व्यापार का बड़ा हब है। लग्न के दिनों में यहां रेडीमेड और होजियरी में प्रतिदिन लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। शादियों का स्वरूप अब बदल गया है। शादी अब केवल पारंपरिक रस्मों तक सीमित न रहकर फैशन और ग्लैमर का संगम बन गया है।
थीम बेस्ड शादियों की डिमांड बढ़ी, गिफ्ट आइटम में 18 कैरेट सोने का चलन बढ़ा
जब्बार चौक स्थित टेंट और कैटरिंग संचालक शुभम कुमार कहते हैं कि अब लोग टेंट-पंडाल ही नहीं, बल्कि पूरी थीम बेस्ड वेडिंग डिमांड कर रहे हैं। ग्राहक फोटो-वीडियो दिखाकर डेकोरेशन, दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, संगीत और यहां तक कि खाने का मेन्यू भी थीम के अनुसार ही तय कर रहे हैं। सर्राफा बाजार भी चमक उठा है। इनारा चौक स्थित ज्वेलरी शोरूम के मालिक विशाल आनंद का कहना है कि अब भारी-भरकम गहनों की जगह लाइटवेट और ट्रेंडी डिजाइनों की मांग ज्यादा है। दुल्हन के मुख्य गहनों के लिए 22 कैरेट सोने की मांग है, जबकि गिफ्ट आइटम के लिए 18 कैरेट सोने के आभूषणों का चलन बढ़ा है।





