महाभारत की कहानी सुना जज ने बरकरार रखी फांसी की सजा, ट्रिपल मर्डर में HC का फैसला
रोहतास में 2021 के ट्रिपल मर्डर केस के दो दोषियों को फांसी की सजा को पटना हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। जमीन विवाद में हुए इस हत्याकांड को अदालत ने महाभारत की कहानी से जोड़कर दुर्लभतम केस में से एक बताया।

पटना हाईकोर्ट के जज ने महाभारत की कहानी का जिक्र करते हुए ट्रिपल मर्डर केस के दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। बिहार के रोहतास जिले में साढ़े 4 साल पहले हुए ट्रिपल मर्डर केस के दो दोषियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। उच्च न्यायालय के जज ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि इस केस को देखकर महाभारत की कहानी याद आ गई, जिसमें कौरवों ने जमीन और सत्ता के लिए अपने ही रिश्तेदारों का खून बहाया था।
पटना हाईकोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेंद्र पांडे की बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद 67 पेज का फैसला सुनाया। यह हत्याकांड 13 जुलाई 2021 का है, जिसमें जमीन विवाद के चलते एक पिता और उनके दो बेटों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। 2 मई 2024 को रोहतास के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दो सहोदर भाइयों अनिल और सोनल सिंह को तिहरे हत्याकांड में दोषी करार दिया था। फिर 9 मई, 2024 को उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।
क्या है पूरा मामला
रोहतास जिले के खुदराव गांव निवासी विजय सिंह और उनके बेटे दीपक एवं राकेश सिंह का पट्टेदारों से जमीन को लेकर विवाद हो गया था। वारदात की शाम आरोपी अजय सिंह, सोनल सिंह और अमन सिंह ने तीनों पिता-पुत्रों पर लाठी-डंडों और तलवार से हमला कर दिया था। आरोपियों ने उनके शरीर पर हथियार से कई वार किए। विजय सिंह की पत्नी शकुंतला देवी ने आस-पड़ोस के लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई उन्हें बचाने नहीं आया।
हमले में पति और दोनों बेटों के बुरी तरह जख्मी होने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मदद से तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
अदालत ने क्या कहा?
पटना हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि इस केस को देखने पर महाभारत की याद आती है, जो एक कहानी है। चचेरे भाइयों के बीच जमीन और सत्ता को लेकर विनाशकारी संघर्ष हुआ था। कौरव ही आक्रमणकारी थे, जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को मारने का प्रयास किया था। संपत्ति हड़पने या साम्राज्य की सत्ता हथियाने के लिए महाभारत हुआ था। महाभारत की कहानी हमें केवल एक ही बात की ओर ले जाती है, जिसका अंत काफी दुखद हुआ।
जज ने कहा कि उसी तरह हमलावरों ने न केवल तीन लोगों की जान ली, बल्कि उनकी घर की महिलाओं की मौत की भी वजह बने, जिन्होंने अपने प्रियजन को कोने के बाद अपनी जान गंवा दी। परिवार में अब उकने रोते-बिलखते बच्चे ही रह गए। हाईकोर्ट ने इसे दुर्लभतम मामलों में से एक बताया और दोनों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखने का फैसला सुनाया।
(पटना से विधि संवाददाता की रिपोर्ट)
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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