20-25 साल के छोकरा तो है नहीं, बेवजह तूल दिया जा रहा; हिजाब विवाद में नीतीश के सपोर्ट में जीतनराम मांझी
हिजाब विवाद में नीतीश कुमार के बचाव में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि वे 20-25 साल के लड़के नहीं हैं, 74 साल के बुजुर्ग हैं। ऐसे में ये कोई गलती नहीं है, इस घटना को अभिभावक की नजर से देखना चाहिए। इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है।
हिजाब विवाद में सियासी बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ विपक्ष नीतीश कुमार की घेराबंदी में जुटा है, तो वहीं एनडीए के नेता इस घटना को बेवजह तूल देने की बात कर रहे हैं। अब इस मामले में केंद्रीय मंत्री और हम के संरक्षक जीतनराम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होने नीतीश का बचाव करते हुए कहा कि नीतीश कुमार अगर 20-25 वर्ष के लड़के होते और हिजाब खींचते तो सवाल उठता, लेकिन 74 वर्ष का बूढ़ा आदमी इस तरह से करे तो कोई गलत बात नहीं है। उसे अभिभावक की नजर से देखना चाहिए। नीतीश कुमार उम्र और अनुभव में उस मुकाम पर हैं, जहां उनकी मंशा पर सवाल खड़ा करना खुद में एक राजनीतिक एजेंडा है
जीतनराम मांझी ने एक वाकया का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में उनसे एक महिला पत्रकार ने प्रश्न पूछा। उस समय उसके बाल चेहरे पर झूल रहे थे। उससे अगर मैंने बाल ठीक से रखने के लिए कह दिया, तो उसमें गलत क्या है। ठीक उसी तरह नीतीश कुमार ने कहा कि बेटी कल को तुम डॉक्टर होगी। पब्लिक से मिलना-जुलना होगा। ये हिजाब हटा लो, तो इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक महिला डॉक्टर आयुष विभाग में ज्वॉइन करने जा रही हैं। हिजाब पहना है,तो एक अभिभावक के तौर पर टोका जाना गलत कैसे हो सकता है। अगर डॉक्टर पेशेंट के सामने जाएंगी, तो कैसे रूबरू होंगी। इस पूरे प्रकरण में नीतीश कुमार ने कुछ भी गलत नहीं किया है। जो लोग इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहे हैं।
मांझी ने कहा कि इस मामले के बाद भी मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि महिला डॉक्टर नौकरी ज्वॉइन करेंगी। उससे भी बड़ी खुशी की बात यह है कि खुद महिला डॉक्टर ने कहा है कि नीतीश कुमार की मंशा गलत नहीं थी। डॉक्टर को इन राजनीतिक विवादों में नहीं पड़ना चाहिए और निडर होकर सेवा करनी चाहिए। गया में केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने पत्रकारों से प्रेसवार्ता में ये बातें कहीं।





