हाथ अंदर, शरीर बाहर; 9 किमी तक ट्रेन की खिड़की से लटकते गया मोबाइल चोर, यात्रियों ने गजब सबक सिखाया
पूर्णिया कोर्ट से पाटलिपुत्र जा रही जनहित एक्सप्रेस में सवार एक यात्री का मोबाइल फोन झपटने की कोशिश करने वाले चोर की जान पर बन आई। यात्रियों ने चलती ट्रेन की खिड़की के अंदर से उसके हाथ पकड़ लिए। आरोपी खिड़की के बाहर लटका हुआ ही मानसी से खगड़िया आ गया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।
ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों के मोबाइल फोन को खिड़की से झपटने वाले एक उचक्के की जान पर बन आई। जैसे ही झपटमार ने ट्रेन की खिड़की के अंदर हाथ डालकर एक यात्री का मोबाइल फोन चुराने की कोशिश की, वैसे ही वहां बैठे अन्य यात्रियों ने उसके हाथ पकड़ लिए। ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी तो युवक ऐसे ही लटकते-लटकते दूसरे स्टेशन पहुंच गया। इसके बाद यात्रियों ने उसे रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। यह घटना बिहार के खगड़िया जिले की है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें उचक्का चलती ट्रेन की खिड़की से लटके हुए उसे बख्श देने की मिन्नतें कर रहा है।
यह घटना 9 जुलाई देर रत की बताई जा रही है। शुक्रवार को इसका सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो गया। जानकारी के अनुसार यह वाकया, खगड़िया-मानसी रेलखंड का है। चलती ट्रेन से यात्री का मोबाइल फोन झपटने में एक उचक्के की जान पर आफत आ गई। यात्रियों ने बोगी के अंदर से उसका हाथ पकड़ लिया। इस बीच मोबाइल झपटमार चलती ट्रेन में खिड़की के बाहर लटके-लटके ही दूसरे स्टेशन पर आ गया।
जनहित एक्सप्रेस का वाकया
दरअसल, पूर्णिया कोर्ट से पाटलिपुत्र (पटना) के बीच चलने वाली 13205 अप जनहित एक्सप्रेस ट्रेन आधी रात में मानसी स्टेशन पहुंची। रात करीब 1 बजकर 35 मिनट पर स्टेशन से ट्रेन खुली तो आउटर के पास खड़े एक उचक्के ने कोच में खिड़की के किनारे बैठे एक यात्री के हाथ में पकड़ा हुआ मोबाइल फोन खींचने की कोशिश की। आरोपी बाहर से ही ट्रेन की खिड़की को पकड़कर उछला और हाथ अंदर डालकर मोबाइल खींचने लगा।
यात्रियों ने फुर्ती दिखाई, उचक्के को तुरंत पकड़ा
हालांकि, पहले से सतर्क यात्री ने उचक्के का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद, अंदर बैठे अन्य यात्रियों ने भी बाहर लटके मोबाइल चेर के हाथ को ट्रेन के अंदर से कसकर पकड़ लिया। ट्रेन की स्पीड बढ़ गई और उचक्के को भागने का मौका भी नहीं मिला। बताया जा रहा है कि बाहर मौजूद उसके किसी साथी ने पैर पकड़कर नीचे खींचने की कोशिश भी की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया।
जान की गुहार लगाता रहा…
फिर आरोपी युवक चलती ट्रेन की खिड़की के बाहर लटकते हुए ही जान बचाने की गुहार लगाते रहा। ट्रेन जब मानसी से 9 किलोमीटर का सफर पूरा कर खगड़िया रेलवे स्टेशन पहुंच गई, तो यात्रियों ने उसे जीआरपी के हवाले कर दिया।
भागलपुर का रहने वाला है आरोपी
जीआरपी थानाध्यक्ष और पुलिस बल खिड़की के बाहर लटके आ रहे उचक्के को अपने कब्जे में लेकर थाने लेकर गए। वहां पूछताछ में उसने अपना पता और नाम भागलपुर जिले के नवगछिया थानान्तर्गत मुमताज मुहल्ला के रहने वाले बरकत मंसूरी बताया। हालांकि, जब ट्रेन में यात्रियों ने उससे नाम और पता पूछा तो उसने कुछ और बताया था। उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले भी इसी तरह की घटना खगड़िया बेगूसराय रेलखंड भी सामने आई थी।
जीआरपी ने मोबाइल चोर को भेजा जेल
खगड़िया जीआरपी थानाध्यक्ष मो. सलाउद्दीन ने बताया कि पकड़े गए उचक्के के पास से एक मोबाइल भी बरामद किया गया है। मामला दर्ज कर गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


