वैशाली में एफएसएएस फील्ड टेस्टिंग एवं प्रशिक्षण प्रारंभ
16 मई तक किसानों को ऑल लाइन उर्वरक खरीदारी का मिलेगा प्रशिक्षण किसान अब क्यूआरकोड के माध्यम से ऑनलाइन खाद की कर सकेंगे खरीदारी फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य में पूरे राज्य में वैशाली जिले का उत्कृष्ट...

हाजीपुर। निज संवाददाता उर्वरक विभाग, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय भारत सरकार की ओर से संचालित फर्टिलाइजर सेल्फ एपलिकेशन सिस्टम के अन्तर्गत वैशाली जिले में फील्ड टेस्टिंग एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।
कार्यक्रम की जानकारी
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि सतत निगरानी एवं अनुश्रवन के कारण एग्री स्टैक योजना अंतर्गत फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य में पूरे राज्य में वैशाली जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। इसके कारण वैशाली जिले का चयन राज्य स्तर पर इस महत्त्वपूर्ण परियोजना के लिए किया गया है।
किसानों को प्रशिक्षण
इस कार्यक्रम के तहत गोरौल प्रखंड के रसूलपुर कोरीगांव राजस्व ग्राम को चयनित किया गया है, जहां बड़ी संख्या में किसानों का फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य पूर्ण किया गया है। दिनांक 12 मई 2026 से 16 मई 2026 तक किसानों को मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उर्वरक बुकिंग की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
क्यूआर कोड की व्यवस्था
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को ऐप के माध्यम से उर्वरक बुकिंग कर क्यूआर कोड उपलब्ध कराया जा रहा है। किसान इस क्यूआरकोड के माध्यम से चिन्हित उर्वरक प्रतिष्ठानों से भुगतान कर अपने बुक किए गए उर्वरकों की खरीद कर सकेंगे। यह व्यवस्था किसानों को उनकी फसल की आवश्यकता एवं उपलब्ध रकवा के अनुसार अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों की सुगम एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन
इससे उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा किसानों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए भारत सरकार की सेंट्रल प्रोजेक्ट टीम से नामित सदस्य सुमित बाधवा एवं पीयूष प्रियदर्शी 10 मई 2026 से 16 मई 2026 तक क्षेत्र भ्रमण कर किसानों एवं संबंधित पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
तकनीकी जानकारी
किसानों को उपलब्ध करवाएंगे तकनीकी जानकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी सहायक निदेशक (शष्य), अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, प्रगतिशील किसान तथा संबंधित उर्वरक प्रतिष्ठानों के प्रोपराइटर उपस्थित रहकर किसानों को तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराएंगे। जिला प्रशासन की ओर से सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
भविष्य की दिशा
फील्ड टेस्टिंग के दौरान अधिक से अधिक किसानों को इस नई डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि भविष्य में उर्वरक वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं किसान हितैषी बनाया जा सके।
किसानों से अपील
डीएम ने किसानों से अपील की जिला पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लें तथा डिजिटल माध्यम से उर्वरक बुकिंग की सुविधा का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित यह व्यवस्था किसानों को समय की बचत, पारदर्शिता एवं सुविधाजनक सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध होगी। - अमिताभ सिंह
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