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मौसम की बेरूखी से पान की खेती चौपट, किसान कर्ज में डूबे

अब पान की जगह किसान कर रहे हरी सब्जियों की खेती

मौसम की मार से कर्ज तले डूबे हैं उत्पादक

झड़का और गलका रोगों के कारण खेती को क्षति

मौसम की मार से पान उत्पादक किसानों ने इसकी खेती से मुंह मोड़ लिया पर इसके लिए महाजन से लिए कर्ज से उबर नहीं रहे हैं। किसान महाजन और बैंकों की कर्ज से उबरने के लिए पान के बरैठे को उजाड़कर सब्जियों की खेती कर रहे हैं। रविवार को पान उत्पादकों ने बताया कि इसकी महंगी खेती बैंक और महाजन से कर्ज लेकर की थी, पर मौसम की प्रतिकूलताओं के कारण वे कहीं के नहीं रहे।

पान उत्पादकों का कहना है कि इसकी खेती के लिए ऊंची भूमि का होना जरूरी होता है। पान के पौधे के पास पानी का जमाव नहीं हो और सर्दी-गर्मी से बचाव हो इसके लिए हर जुगत की जाती है। किसान बरैठा बनाकर पान की खेती करते हैं ताकि गर्मी में अधिक धूप और सूर्य की तेज किरणों से फसल का बचाव हो तथा ठंड में शीतलहर का प्रकोप से बच सके। पान उत्पादकों का कहना है कि इसकी खेती में बड़ी मेहनत की जरूरत होती है। गर्मी के मौसम में किसान बहंगी से पानी लाकर इस फसल को सींचते हैं। इस फसल को बचाने के लिए किसानों को काफी मेहनत के साथ अधिक पूंजी की भी जरूरत होती है।

यहां हरा पत्ता, पीला पत्ता, मगही पत्ता, मीठा पत्ता पान की खेती की जाती है। किसान अनिल चौरयिया, सुनील चौरसिया, बैजू चौरसिया, मनोज चौरसिया आदि ने बताया कि बीते दो दशक से पान की खेती के लिए मौसम उपयुक्त नहीं हो रहा है। इससे अधिकतर किसानों ने इसकी खेती से मुंह मोड़ लिया है। वे बताते हैं कि पान में झरका और गलका रोग का प्रकोप होने से फसल की बर्बादी होती है। किसान इससे बचाव के लिए फफूंदनाशक दवा का छिड़काव करते हैं। हालांकि छिड़काव के बाद भी रोग समाप्त नहीं होता है।

जिले के 52 गांवों में होती है पान की खेती

वैशाली जिले के 52 गांवों में पान की खेती होती है। महुआ के छतवारा, रामपुर, शाहपुर, लक्ष्मीपुर, चकोली, बाजितपुर, फुलार, बैद्यनाथपुर, विरनालखन सेन, सरसईं, गोरौल, धाने गोरौल, कटरमाला, अबाबकरपुर, बेझा, पिरोई, प्रेमराज, चकनसीर, कोआही, कैजू, नीलो रुकुंदपुर, मधौल, रामपुरानी, कोठिया, मालपुर, सुमेरगंज, फरीदपुर आदि गांवों में किसान पान की खेती करते आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार इसकी खेती के लिए कोई सहायता नहीं दे रही है। इससे पान उत्पादक किसान कर्ज में डूबे हैं।

फोटो: महुआ 01- महुआ के सरसई में एक खेत में की गई पान की खेती।

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  • Web Title:The cultivation of paan is affected by weather, farmer trapped in debt