लंबित वेतन भुगतान के लिए शिक्षक करेंगे धरना-प्रदर्शन व अनशन

हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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हाजीपुर। लगभग तीन महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों का सब्र टूट रहा है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में वेतन नहीं मिला, तो वे आंदोलन करेंगे। उन्होंने बताया कि आर्थिक संकट के कारण उनकी बुनियादी आवश्यकताएं प्रभावित हो रही हैं।

लंबित वेतन भुगतान के लिए शिक्षक करेंगे धरना-प्रदर्शन व अनशन

हाजीपुर। संवाद सूत्र लगभग तीन महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे शिक्षकों का सब्र अब टूट रहा है। वेतन नहीं मिलने के कारण शिक्षक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। सोमवार को जिला शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति, वैशाली के तत्वावधान में जिला के प्रमुख शिक्षक संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि एक सप्ताह के अंदर नियोजित शिक्षकों के लगभग तीन महीनों के लंबित वेतन भुगतान एवं शिक्षकों की अन्य ज्वलंत समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो समिति बाध्य होकर चरणबद्ध आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं आमरण अनशन करने को विवश होगी। इस निर्णय में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ एवं बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के नेतृत्वकर्ताओं ने सहमति जताई। शिक्षकों ने बताया कि स्थिति अब बद से बदतर हो चुकी है। इलाज, बच्चों की पढ़ाई, बैंक ईएमआई, राशन, घर का किराया जैसी मूलभूत आवश्यकताएं प्रभावित हो रही हैं। पूरा शिक्षक परिवार विवश होकर इस आंदोलन का हिस्सा बनने को मजबूर है।

आंदोलन की घोषणा

परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, वैशाली के जिला अध्यक्ष दिनेश पासवान, जिला वरीय सचिव नवनीत कुमार, हाजीपुर प्रखंड अध्यक्ष राजू रंजन चौधरी एवं लालगंज प्रखंड अध्यक्ष विकास रौशन ने संयुक्त रूप से कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि शिक्षकों को अपने ही वेतन के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। आखिर शिक्षकों के दो महीनों के वेतन का आवंटन कहां विलुप्त हो गया। यदि सरकार की आर्थिक स्थिति कमजोर है तो उसे स्पष्ट रूप से पूरे बिहार की जनता को बताएं। शिक्षकों को लगातार मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना देकर उनका मनोबल तोड़ा जा रहा है, जिसे अब शिक्षक समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष उत्पलकांत, महासचिव पंकज कुशवाहा, महुआ प्रखंड के शिक्षक नेता ललित दास, सत्येन्द्र पटेल एवं राघवेंद्र कुमार ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले शिक्षकों को ही आर्थिक असुरक्षा में धकेल रही है। - अमरेश श्रीवास्तव

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शिक्षकों ने वेतन के लिए कब तक इंतजार किया?
शिक्षकों ने लगभग तीन महीनों से वेतन का इंतजार किया।
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