कृषि विज्ञान केन्द्र में स्टार्टअप कंपनियों ने लगाई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी

Newswrap हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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हरिहरपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में ‘स्टेक होल्डर’ कार्यशाला में 100 से अधिक किसानों ने लिया भाग कृषि नावाचार, प्राकृतिक खेती, महिला अनुकूल कृषि यंत्र तथा मूल्य संवर्धन तकनीकों पर विचार विमर्श ...

कृषि विज्ञान केन्द्र में स्टार्टअप कंपनियों ने लगाई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी

हाजीपुर । एक प्रतिनिधि स्थानीय हरिहरपुर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में शुक्रवार को आगा खान ग्राम सहायता कार्यक्रम भारत सोशल अल्फा एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्टेक होल्डर’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 100 से अधिक महिला-पुरुष किसानों ने भाग लेकर अपने विचार को साझा किया। कार्यक्रम का केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह, सोशल अल्फा एवं आगा खान सहायता के कार्यक्रम पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस दौरान विभिन्न स्टार्टअप कंपनियों जैसे स्टेपुफाई, एग्रोश्योर, इकोसाइट कैप्सबार तथा रुद्र सोलर आदि ने कृषि यंत्रों एवं आधुनीक तकनीकों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में आए किसानों ने भ्रमण कर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

किसानों को नई तकनीकों की जानकारी

आगा खान सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को सिंचाई सुविधा के लिए सोलर पॉवर सिंचाई प्रणाली (इरिगेशन सिस्टम) उपलब्ध कराए जाने एवं युवाओं को उद्यम स्थापना के लिए प्रशिक्षण व सहायता प्रदान की जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने संतुलित उर्वरक का उपयोग करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मृदा जांच के आधार पर ही उर्वरक का प्रयोग करने अ बायो फर्टिलाइजर एवं हरी खाद का उपयोग कर रासायनिक उर्वरकों की मात्रा करने के लिए प्रेरित किया। वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान ने किसानों को बैगन में बांझपन एवं रोग नियंत्रण के लिए फसल चक्र अपनाने, संक्रिमत पौद्ये को उखाड़ने तथा उचित कीटनाशी दवाओं के छिड़काव की सलाह दी। साथ प्राकृतिक एवं जैविक खेती को सब्जियों की बीमारियों से बचाव का प्रभावी विकल्प को बताया।

महिला अनुकूल कृषि यंत्र

कृषि अभियंत्रण की ई. नम्रता ने किसानों के बीच महिला अनुकूल कृषि यंत्र एवं पोस्ट हार्वेस्ट तकनीकों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आम का पाउडर एवं अन्य मूल्य संबर्धित उत्पाद तैयार कर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोस्ट हार्वेस्ट लॉस को कम कर सकते हैं। स्टेपुफाई के प्रतिनिधि ने किसानों के बीच बैटरी चालित कृषि यंत्रों जैसे पॉवर टिलर, स्प्रेयर, डिगर एवं मक्का शेलर का डेमो दिखाकर यंत्रों के संचालन का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि ये सभी यंत्र विशेष रूप से महिला किसानों के लिए उपयोगी हैं।

महिला किसानों को कार्य करने में होगी आसानी

इन यंत्रों में जीरो वाइब्रेशन, कम रखरखाव तथा कम परिचालन लागत की सुविधा उपलब्ध है। इससे महिला किसानों को कार्य करने में आसानी होती तथा मजदूरी लागत में भी कमी आती है। उन्होंने बताया कि बैटरी चालित कृषि यंत्रों के उपयोग से मानव बल की आवश्यकता भी कम होती है। रुद्र सोलर के प्रतिनिधि ने किसानों के बीच सोलर ड्रायर का प्रत्यक्षण दिया तथा इसके महत्व एवं उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। बताया कि सोलर ड्रायर के माध्यम से फल एवं सब्जियों का सुरक्षित प्रसंस्करण एवं भंडारणकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए गृह विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ. कविता वर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर जानकारी देते हुए एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाव के लिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर बल दिया। वहीं वैज्ञानिक उद्यान जूना दाखवा ने सब्जी उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। अंत में किसानों, वैज्ञानिकों एवं विभिन्न स्टेक होल्डर्स के बीच कृषि नावाचार, प्राकृतिक खेती, महिला अनुकूल कृषि यंत्र तथा मूल्य संवर्धन तकनीकों पर विचार विमर्श किया गया। इस मौके पर सहायक डायरेक्टर अजीत चौधरी, प्रशांत कुमार, जयप्रकाश सिंह, मुकेश चंद्रा, अभिषेक आनंद, अमित कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे। - जय प्रकाश

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कार्यशाला में कितने किसानों ने भाग लिया?
कार्यशाला में 100 से अधिक महिला-पुरुष किसानों ने भाग लिया।
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