आठ बाल श्रमिकों को विभिन्न जगहों से किया रेस्क्यू
जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश पर बाल श्रम रोकथाम के लिए जारी रेस्क्यू अभियान में आठ बाल श्रमिकों का रेस्क्यू किया गया। यह अभियान स्व. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल के तत्वावधान में चलाया जा रहा है। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश पर बाल श्रम रोकथाम के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान जारी। औद्योगिक एवं नगर थाना क्षेत्र आठ बाल श्रमिकों का रेस्क्यू किया गया।
रेस्क्यू अभियान की जानकारी
एंटी ह्मूमन ट्रैफिकिंग सेल एवं स्व. कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के तत्वावधान में जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा नियोक्ता पर प्राथमिक दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विशेष अभियान का उद्देश्य
यह जानकारी संस्थान से सचिव व जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के डायरेक्टर डॉ. सुधीर कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 जून विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग के निर्देश के आलोक में व्यापक रूप से अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य बिहार को बाल श्रम मुक्त राज्य बनाना है। जिसके तहत लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
कानूनी प्रावधान और सहायता
उन्होंने बताया कि बाल श्रम अधिनियम के तहत बच्चों से कार्य कराना कानूनी अपराध है, जिसके तहत नियोक्ता को 20 हजार से लेकर 50 हजार तक राशि का जुर्माना तथा दो वर्ष का सजा का प्रावधान किया गया है। रेक्स्यू कराए गए बच्चों को श्रम संसाधन विभाग के द्वारा 03 हजार रुपये योग्यताला जाती है। जयप्रकाश
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