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लोकतंत्र की भूमि से प्रशांत किशोर ने शुरू की जनसुराज यात्रा

चार दिनों तक वैशाली के गांवों में लोगों के बीच करेंगे सीधा संवादचार दिनों तक वैशाली के गांवों में लोगों के बीच करेंगे सीधा...

लोकतंत्र की भूमि से प्रशांत किशोर ने शुरू की जनसुराज यात्रा
हिन्दुस्तान टीम,हाजीपुरSun, 29 May 2022 11:50 PM
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हाजीपुर, निज संवाददाता।

प्रशांत किशोर ने अपनी जनसुराज यात्रा की शुरुआत रविवार को लोकतंत्र की आदि भूमि वैशाली जिले से की है। उन्होंने महत्वपूर्ण यात्रा शुरू करने की जानकारी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। प्रशांत किशोर ने कहा कि वो अगले 4 दिनों तक वैशाली जिले के अलग-अलग गांवों और प्रखंडों में लगभग 40 जगहों पर जाएंगे। गांव के लोगों से मिलेंगे। जनसुराज की सोच के बारे में बताएंगे। इस दौरान हर दिन जनसुराज की सोच पर लोगों के बीच सीधा संवाद करेंगे। पहले दिन महनार के गावों में जाएंगे। इसी तरह अगले चार दिनों तक जिले के विभिन्न अलग-अलग लगभग 40 स्थानों पर जन सुराज के तहत लोगों के बीच संवाद कार्यक्रम करेंगे।

प्रशांत किशोर चार दिनों तक वैशाली में रहेंगे। रविवार को वह हाजीपुर के परिसदन में रात्रि विश्राम करेंगे। सुबह जन सुराज यात्रा पर निकल जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब तक 60 हजार लोग जनसुराज से जुड़ गए हैं और जुड़ने का सिलसिला जारी है। इससे जुड़ने की संख्या रोज काफी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि जनसुराज का मूल मकसद है कि जनता के लिए सुशासन, जिसकी कल्पना महात्मा गांधी ने की थी। मीडियाकर्मियों के प्रश्न के उत्तर में कहा कि पदायात्रा के बाद बिहार के लोगों से मिली फीडबैक के आधार पर राजनीति से जुड़ी अगला निर्णय लूंगा। फिलहाल जन सुराज की सोच को लोगों तक पहुंचाना पदयात्रा का मूल उद्धेश्य है।

12 से 15 महीने तक करेंगे बिहार के गांवों की पदयात्रा

उन्होंने कहा कि जन सुराज की सोच को लोगों तक पहुंचाने और बताने के लिए पदयात्रा 12 से 15 महीने तक गांवों में पदयात्रा करेंगे। इस बीच पटना या दिल्ली नहीं जाऊंगा। बिहार के विकास के लिए सही लोग, सही सोच और सामूहिक प्रयास पर बल देते हुए कहा 2 अक्तूबर से जब पदयात्रा शुरू करेंगे, तो उसे बिना पूरा किए वापस पटना या दिल्ली नहीं लौटेंगे। उनका मानना है कि इस पदयात्रा में 12-15 महीने का समय लगेगा। इसके बाद लोगों के साथ बैठकर बिहार की समस्याओं और उसके समाधान का एक ब्लूप्रिंट जारी करेंगे। प्रशांत किशोर ने युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि बिहार के युवाओं की राजनीति में बहुत ज्यादा दिलचस्पी होती है। मैं ऐसे युवाओं को एकजुट कर सबको एक मंच पर लाना चाहता हूं।

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