Hajipur News: मासांत कवि गोष्ठी में गजलकारों ने बांधा समां
Hajipur News: गांधी आश्रम के पुस्तकालय परिसर में मासांत कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, जैसे कि साधना कृष्ण की ‘गदरायल महुआ चुए लागल...’। आशुतोष सिंह और डॉ. नंदकिशोर का हंसी-मजाक भरा प्रदर्शन भी हुआ। अध्यक्ष सीताराम सिंह ने प्रस्तुति के अंत में सभी को अभिभूत कर दिया।

Hajipur News: हाजीपुर । संवाद सूत्र गजलकार कवि-गायक सीताराम सिंह की अध्यक्षता तथा डॉ. विजित्वर के संचालन में गांधी आश्रम स्थित पुस्तकालय परिसर में मासांत कवि गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में कवयित्री साधना कृष्ण ने ‘गदरायल महुआ चुए लागल... और डॉ. अशोक कुमार सिंह ने ‘तुम्हे भूख लग जाए तो खाना खरीद सकता हूं...। सुनाकर वाहवाही लूटी। बज्जिका के कवि गजल गायक आशुतोष सिंह ने ‘भादो मत बरसो याही देश’ गाकर जिंदगी के खट्टे-मीठे अनुभवों को उकेरा। हास्य व्यंग्य के कवि डॉ. नंदकिशोर प्रसाद सिंह ने तंज कसते हुए ‘पनिया के चलल हे सावरो... गाकर अपनी दमदार आवाज का परिचय दिया। डॉ. शिव बालक राय प्रभाकर ने ‘फूट डालो राज करो’ सुनाकर व्यवस्था पर प्रहार किया।
विवेका चौधरी ने“जो प्रेम गली में आया ही नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने...। और बज्जिका कवि हरि विलास राय ने सावन की घटा बन रही है, हाथों की चूड़ियां खनक रही है... सुनाकर सावन की छटा बिखेरी। प्रसिद्ध कवि विजय कुमार सिंह, रीना पाण्डेय, पुष्कर सिंह, कारनजीत सावरिया, प्रितम कुमार झा और दिनेश कुमार सिंह ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। अंत में अध्यक्ष सीताराम सिंह ने चुपके से चली आती चोरों की तरह... सुनाकर सभी को अभिभूत कर दिया। अंत में पुस्तकालय के कार्यकारी सचिव सुमन कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन कर कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया।- अमरेश श्रीवास्तव


