Hajipur News: बोलबम के जयकारे संग हाजीपुर के रास्ते गरीबनाथ निकले कांवरिए
Hajipur News: हाजीपुर के एनएच- 22 पर बनाए गए शिविरों में सुविधाओं के साथ दिखी कई कमियां ट्रैफिक और लाइटिंग दुरुस्त, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत शुक्रवार को हुई बारिश के बाद टेंट में बिछाई गईं...

Hajipur News: हाजीपुर । निज संवाददाता सावन की पहली सोमवारी को बाबा गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए शुक्रवार को बोलबम के जयकारे के साथ कांवरिए रवाना हो गए। सोनपुर अनुमंडल के पहलेजा घाट से जल लेने के बाद कांवरिए हाजीपुर होते हुए मुजफ्फरपुर एनएच 22 के रास्ते मुजफ्फरपुर जिले के प्रसिद्ध गरीबनाथ धाम 65 किमी. की दूरी तय कर पहुंचेंगे। शिवभक्त गंगाजल लेकर 65 किमी की पैदल यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। कांवरियों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पहलेजा घाट से लेकर हाजीपुर जिला मुख्यालय और आगे भगवानपुर, गौरौल तक सरकारी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा कांवरिया शिविर लगाए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर शिविर लग गए हैं। हालांकि अभी सुरक्षा और व्यवस्थाएं नाकाफी दिखीं।
सुरक्षा
हाजीपुर शहर के दिग्घी से आगे एनएच 22 के किनारे शिविर बनाया गया है। पेयजल, प्राथमिक उपचार, विश्राम स्थल और प्रसाद की व्यवस्था अभी नाकाफी है। हाजीपुर शहर के राय बीरेन्द्र कॉलेज के पास, हाजीपुर पथ पर और भगवानपुर चौक पर भी शिविर संचालित हैं। गौरौल में स्थानीय समितियों के द्वारा निजी स्तर पर छोटे-छोटे शिविर का इंतजाम किया गया है। अधिकांश शिविरों में टेंट, पंखे और माइक की सुविधा है। 1. सुरक्षा: पहलेजा घाट से गौरौल तक हर 2-3 किमी पर पुलिस पिकेट तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी और सीसीटीवी निगरानी से कांवरियों में सुरक्षा रखी जा रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था
2. ट्रैफिक व्यवस्था: कांवरियों के लिए अलग लेन बनाई गई है। हाजीपुर शहर में डायवर्जन कर भारी वाहनों को रात में प्रवेश से रोका गया है, जिससे जाम की स्थिति कम है। जिला प्रशासन ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। जिसका कड़ाई से अनुपालन किया जा रहा है।
लाइटिंग
3. लाइटिंग : घाट से लेकर एनएच-22 और भगवानपुर तक सोलर लाइट और हाईमास्ट लाइट लगाए गए हैं। रात में यात्रा करने वाले कांवरियों को दिक्कत नहीं हो रही।
चिकित्सा
4. चिकित्सा : हर बड़े शिविर में स्वास्थ्य शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था है। ये कमी नजर आ रही 1. पेयजल और शौचालय : भीड़ के अनुपात में पेयजल के टैंकर और मोबाइल शौचालय कम पड़ रहे हैं। पहलेजा घाट और भगवानपुर के बीच 10 किमी तक सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं। 2. सफाई : शिविरों के आसपास कचरे और जलजमाव के कारण परेशानी है। प्लास्टिक और गंदगी से जलजमाव की स्थिति बन रही है। 3. विश्राम स्थल : रात में रुकने के लिए पर्याप्त दरी-चटाई और पंखे नहीं हैं। कई शिविरों में क्षमता से अधिक भीड़ है। क्या होना चाहिए प्रशासन को हर 5 किमी पर अतिरिक्त पेयजल, शौचालय और कचरा उठाव की गाड़ी लगानी चाहिए। स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ समन्वय कर 24 घंटे भोजन और दवा की उपलब्धता सुनिश्चित हो। रात्रि गश्त बढ़ाकर असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाए। कांवरियों का कहना है कि व्यवस्था पिछले साल से बेहतर है, लेकिन भीड़ बढ़ने पर सुविधाएं और बढ़ानी होंगी तभी यात्रा सुगम हो सकेंगी। कांवर लेकर जा रही मुजफरपुर प्रारू की महिला कांवरिया वेग देवी , मोहजमा देवी 70 वर्ष ,रेणुकादेवी 63 वर्ष और 19 वर्ष के युवा कांवरियां ने कहा कि पूर्व की तरह इस बार ठहरने की खास व्यवस्था नहीं है। अभी तैयारी चल रही है। बाबा गरीबनाथ जल चढ़ाने जा रहे हैं। बाद में जाने वाले कांवरियों को हो सकता है अधिक सुविधा मिलेगी। वहीं दरभंगा से आए चंदन कुमार और उनके अन्य साथियों ने प्रशासनिक व्यवस्था पूर्ण नहीं होना बताया। राय वीरेन्द्र कॉलेज में स्थित स्वास्थ्य कैम्प में स्वास्थ्य कर्मी रमेश कुमार ने बताया कि बारिश के कारण दवाईयां भींग गई हैं। इसे वितरण में परेशानी हो रही है। परिसर में जलजमाव के कारण कांवरियों के सेवा देने में परेशानी हो रही है। अमिताभ सिंह


