घर में ही की थी पहली घटना, दादा ने दर्ज करवाया था पहला मुकदमा
मुखिया दादा कपिलदेव सिंह पर अभिजित उर्फ प्रिंस ने हमला कर दांत तोड़ दिया था और रुपये लूटने की कोशिश की। इसके बाद दादा ने गोरौल थाने में मामला दर्ज कराया। प्रिंस छोटी उम्र से अपराध कर रहा था और सुधार गृह में भी रहा। अंततः शुक्रवार को उसका एनकाउंटर हो गया।

मुखिया दादा कपिलदेव सिंह पर हमला कर मारपीट कर दांत तोड़ दिया था और रुपये लूटने का किया था प्रयास उस वक्त पोते के ऊपर दादा कपिलदेव सिंह ने गोरौल थाने में कांड संख्या - 145 / 2011 दर्ज कराया था गोरौल, संवाद सूत्र गोरौल थाना क्षेत्र के हूसेना खुर्द गांव निवासी नंदकिशोर सिंह के कुख्यात पुत्र अभिजित उर्फ प्रिंस का शुक्रवार को एनकाउंटर हो गया। प्रिंस बहुत ही कम उम्र से छोटे-मोटे अपराध को अंजाम देने लगा था। उसके पिता नंदकिशोर सिंह ग्रामीण डॉक्टर के साथ ही खैनी के व्यवसायी हैं। और अपने पूरे परिवार के साथ जिले के सराय में रहकर व्यवसाय करते हैं।
परिवार के साथ प्रिंस भी सराय में रहकर शिक्षा ले रहा था। वहीं पर उसकी संगत कुछ खराब और अपराधी किस्म के लड़कों से हो गई थी। उस वक्त उसकी उम्र लगभग 12-13 वर्ष की थी। उसी उम्र से उसने छोटी-छोटी घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया था। ट्रेन का वैक्यूम काटना, ट्रेन में लूटपाट करना उसकी आदत बन गई। ये सब देख उसके पिता उसे गांव लेकर पहुंचे, लेकिन यहां भी उसकी संगती गांव के उचक्कों संग से हो और छोटी-बड़ी घटनाओं को अंजाम देने लगा। एक घटना उसने अपने घर में ही कर डाली। अपने साथियों के साथ अपने मुखिया दादा कपिलदेव सिंह के ऊपर हथियार के बल हमला करते हुए मारपीट कर दांत तोड़ दिया और रुपये लूटने का प्रयास किया। दादा कपिलदेव सिंह ने गोरौल थाने में कांड संख्या - 145 / 2011 दर्ज कराया था। जिस कांड में वह नाबालिग होने के कारण सुधार गृह गया था। वहीं से वह अपराध की दुनिया में एक से बढ़ कर एक कांड करता चला गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


