
गांव में अपने स्तर से अलाव जलाकर ठंड से निजात पा रहे लोग
महुआ और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड के बावजूद सरकारी स्तर पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। लोग स्वयं अलाव जलाने के प्रयास कर रहे हैं, जिससे यात्रियों, मजदूरों और आम जनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। न तो कंबल वितरण हुआ है और न ही कोई अन्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
कड़ाके के ठंड के बावजूद सरकारी स्तर पर कहीं भी नहीं जले अलाव, बाजार और चौक चौराहा पर ठंड से बचने को लेकर अलाव को ढूंढते हैं लोग महुआ,एक संवाददाता। कड़ाके की ठंड पड़ने के बावजूद महुआ सहित आसपास के इलाकों में कहीं भी सरकारी स्तर पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। जिसके कारण लोग स्वयं अपने स्तर से अलाव जलाकर ठंड से बचने के लिए कोशिश कर रहे हैं। हालांकि यात्रियों,मजदूरों,आम जनों,राहगीरों को सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने से भारी परेशानी हो रही है। शुक्रवार को कड़ाके की ठंड में लोग ठिठुरते रहे। इस परिस्थिति में वे सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की खोज की लेकिन कहीं भी उन्हें यह सुविधा नहीं मिली।
न तो महुआ नगर परिषद के द्वारा कहीं भी अलाव की व्यवस्था की गई है और नहीं पंचायतों में यह सुविधा जनप्रतिनिधियों द्वारा दी जा रही है। बस स्टैंड में गाड़ियां पकड़ने के लिए खड़े यात्रियों को ठंड में ठिठुरना पड़ रहा है। वही चौक चौराहे पर खड़े रिक्शावाला, ठेलावाला, खोमचावाला, रेहरीवाला, राहगीर और आमजन अलाव की खोज करते रहे। ऐसे तो स्थानीय दुकानदार और अन्य लोग कूड़े, पत्ते, लकड़ी, कूट, कागज, टायर आदि जलाकर ठंड से निजात पाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां ना तो सरकारी स्तर पर कहीं कंबल वितरण या गया है और नहीं कोई संस्था या जनप्रतिनिधियों के द्वारा ही यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिससे गरीब लोगों को ठंड सता रहा है। महुआ 05- महुआ के ग्रामीण चौक पर अपने स्तर से अलाव जलाकर तापते लोग।

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