जिलेभर में पारंपरिक रूप से मनाई गई मकर संक्रांति
शिक रूप से श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया शास्त्र सम्मत मकर संक्रांति का त्योहार गुरुवार को मनाएंगे जिलेवासी एकादशी रहने के कारण लोग खिचड़ी का...

हाजीपुर । संवाद सूत्र जिले भर में पारंपरिक रूप से मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। हालांकि शास्त्र सम्मत मकर संक्रांति का त्यौहार आज गुरुवार को मनाया जाएगा। आंशिक रूप से श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य किया। लोगों ने भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मकर संक्रांति में चावल की खिचड़ी का विशेष महत्व माना जाता है लेकिन एकादशी रहने के कारण लोग खिचड़ी का भोग भगवान को नहीं लगा सके न खा सके। मान्यता है कि एकादशी को चावल या उससे बनी खिचड़ी नहीं खाई जाती है।
वैसे त्यौहार को लेकर लोगों वी श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ था बच्चे पतंगबाजी में व्यस्त रहे। खिली धूप और मंद मंद बहती पछिया हवा का पूरा आनंद उठाया। लोगों ने अतिथियों वो घर पहुंचे रिश्तेदारों का स्वागत दही चुरा, गुरु व तिलकुट खिलाने के साथ किया। आचार्य पंडित डॉ राजीव नयन झा ने बताया कि बुधवार 14 जनवरी को पुण्यकाल 12 बजे के बाद था। लेकिन 15 जनवरी को महा पुण्यकाल 9.15 से सूर्यास्त तक रहेगा। सनी कुंभ राशि में बुध मंगल धनु राशि में तथा सूर्य मकर राशि में संचरण करेंगे इस बार की मकर संक्रांति तिथि बहुत ही शुभ फलदाई है। शास्त्र के अनुसार आज 15 जनवरी को त्यौहार मनाना ठीक है। इधर पारंपरिक रूप से 14 जनवरी को मनाने वाले श्रद्धालुओं का मनना है कि पूर्वजों से चली आ रही परंपरा के अनुसार त्यौहार मनाया है। उन्होंने बताया कि त्यौहार के साथ ही खरमास का समापन हो जायेगा। और घरों में शुभ कार्यों की शुरुआत होगी।इसी दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण हो जाता है। सूर्य के धनु से मकर राशि में जाने से खरमास भी समाप्त हो जाता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने और तिल का दान करने से सारे पाप कट जाते हैं। इधर ऐतिहासिक नारायणी नदी के कौनहारा घाट, घाट कौशल्या घाट, बाला दास घाट चित्रगुप्त घाट आदि पर श्रद्धालुओं ने आंशिक रूप से नारायणी नदी में डुबकी लगाई और भगवान भास्कर को अर्घ्य समर्पित कर मंगल कामना की। ठंड के बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। आवासीय परिसरों में चहल-पहल बनी हुई थी। बच्चों की किलकारी से गूंज उठा वातावरण बाजार में उमड़ी लोगों की भीड़ सुबह की ठंड, पछुआ हवा और खिली धूप के बीच बाजार में मकर संक्रांति के उत्साह में दिखा। बुधवार को सुबह से शाम तक दूध, दही तिलकुट आदि लेने के लिए अहले बाजार पहुंचे। दुकानदारों ने भी अपने ग्राहकों, शुभचिंतकों को त्यौहार से संबंधित सामग्रियों की बिक्री की। सबसे ज्यादा तिलकुट, चूड़ा, गुड, दही की मांग रही। तिलकुट की विभिन्न वेराइटी की जमकर विक्री हुई। गुड़, खोआ, चीनी की स्पेशल तिलकुट की भारी मांग तिलकुट थोक विक्रेता शिवशक्ति भंडार के भुला ने बताया कि गुड़, खोआ, चीनी की स्पेशल तिलकुट की भारी मांग थी। इधर, सुधा डेयरी संचालक मनीष ने बताया कि जो लोग मंगलवार को दूध-दही नही ले सके थे। उन्होंने बुधवार लिया है। इधर, सब्जी मंडी में भी सब्जी लेने के लिए लोगों की भीड़ बनी हुई थी। पतंगों की दुकानों पर बच्चों और युवाओं में पतंग लेने की होड़ मची थी। पूरा बाजार तिलकुट, लाई, चुरा आदि को सोंधी खुशबू से सराबोर था। गुड़ की तिलकुट 210 से 380, साधारण, तिलकुट 120 से 250, स्पेशल तिलकुट 600 और 800 प्रति किलो बिक्री की गई। हाजीपुर -02 - हाजीपुर - 03 - हाजीपुर - 04 - इन्सेट... महनार में मकर संक्रांति पर सामूहिक चूड़ा-दही भोज महनार । संवाद सूत्र मकर संक्रांति के अवसर पर महनार में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की झलक देखने को मिली। इस मौके पर समाजसेवी संजय कुमार राय और नगर परिषद के सभापति रमेश कुमार राय के नेतृत्व में सामूहिक चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया। संजय कुमार राय के सरमस्तपुर स्थित आवास पर आयोजित कार्यक्रम में महनार विधानसभा क्षेत्र के दिव्यांगजन, बुजुर्ग, विधवा और गरीब लोग शामिल हुए। इस दौरान 500 से अधिक जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए, और दिव्यांगजनों का सम्मान भी किया गया। संजय कुमार राय ने कहा कि मकर संक्रांति केवल पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सेवा का संदेश भी है। नगर परिषद सभापति रमेश कुमार राय के आवास पर भी चूड़ा-दही भोज का आयोजन हुआ। इसमें नगर परिषद के वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। रमेश कुमार राय ने कहा कि मकर संक्रांति नई फसल और खुशहाली का प्रतीक है, जो समाज के सभी वर्गों को जोड़ता है। इस अवसर पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और सभी ने मिलकर पर्व की खुशियों को साझा किया। महनार-03-बुधवार को महनार में दिव्यांगजन व जरूरतमंदों को कंबल देते संजय राय।
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