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हत्या मामले में एक को आजीवन कारावास, 20 हजार अर्थदंड

हत्या मामले में एक को आजीवन कारावास, 20 हजार अर्थदंड

संक्षेप:

मुन्ना राय की घर से बुलाकर गोली मारकर कर दी गई थी हत्या पत्नी ने चार लोगों के खिलाफ सराय थाने में दर्ज कराई थी प्राथमिकी अदालत में अपर लोक अभियोजक ने कराई 09 गवाही

Dec 12, 2025 02:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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हाजीपुर । निज संवाददाता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम राजीव रंजन सिंह ने घर से बुलाकर गोली मारकर हत्या कर देने के चार साल पुराने मामले में गुरुवार को अभियुक्त धर्मेन्द्र को भादवि की धारा 302 में आजीवन करावास की सजा सुनाई है। यह जानकारी अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खां ने दी है। उन्होंने बताया कि अदालत ने आजीवन कारावास के साथ-साथ 20 हजार रुपए अर्थ दंड की भी सजा सुनाई गई है। उन्होंने बताया कि घर से बुलाकर हत्या का मामला मृतक मुन्ना कुमार राय की पत्नी साधना कुमारी ने चार लोगों के विरुद्ध दर्ज कराई थी। इस कांड में धर्मेन्द्र कुमार को अदालत ने हत्या मामले में दोषी करार दिया था।

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जबकि इस मामले में सुनवाई के दौरान दोषी पाए गए धर्मेन्द्र कुमार के पिता और भाई को संदेह का लाभ मिला था। यह है पूरा मामला अपर लोक अभियोजक ने बताया कि 18 जुलाई 2021 को बिदुपुर थाना क्षेत्र के मथुरा निवासी धर्मेन्द्र सिंह और अरविंद सिंह सराय थाना क्षेत्र के पौड़ा निवासी मुन्ना कुमार राय के घर पर आया। वहां आने के बाद दोनों ने उसे बताया कि उसके घर आने के उसकी बाइक मणिभकुहर गाछी के निकट खराब हो गई है। वहां चलकर बाइक बनवा देने का आग्रह किया। उसकी बातों पर विश्वास कर वह अपनी अपाची बाइक निकाली और दोनों को बैठाकर मणिभकुहर के लिए चल दिया। वहां पहले से और लोग मौजूद थे। वहां मौजूद लोगों उसकी बाइक रोकते ही मारपीट कर सादा गैर न्यायिक स्टाम्प पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाने लगे। इसकी जानकारी होने पर उसके परिवार वाले भी वहां पहुंच गए। इसका विरोध करने पर मुन्ना कुमार राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना को लेकर उसकी पत्नी साधना कुमारी ने सराय थाने में धर्मेन्द्र सिंह समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। 12 फरवरी 2022 में हुआ था आरोप पत्र का गठन इस मामले में पुलिस ने धर्मेन्द्र सिंह के विरुद्ध 12 फरवरी 2022 को न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया। न्यायालय में इसके विरुद्ध 24फरवरी 2022 को संज्ञान लिया गया।इस मामले में 2022 को आरोप गठन किया गया।इस मामले में अपर लोक अभियोजक ख्वाजा हसन खां द्वारा कराए गए 09 साक्षियों के परीक्षण -प्रतिपरीक्षण के बाद धर्मेन्द्र सिंह को दोषी करार दिया गया था। गुरुवार को दोषी अभियुक्त को सजा सुनाई गई।