DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › हाजीपुर › अनियमित दिनचर्या और घरेलू परेशानियों से हो सकता मानसिक रोग
हाजीपुर

अनियमित दिनचर्या और घरेलू परेशानियों से हो सकता मानसिक रोग

हिन्दुस्तान टीम,हाजीपुरPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:40 PM
अनियमित दिनचर्या और घरेलू परेशानियों से हो सकता मानसिक रोग

हाजीपुर। एक प्रतिनिधि

सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभागार में सोमवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम एवं मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाजरत मरीज शामिल थे।

सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसके वर्मा और बिहार चिकित्सा कर्मचारी संघ के जिला मंत्री वीरेन्द्र कुमार ने संयुक्त से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. सिंह ने कहा कि शरीर और मानसिक स्थिति सही रखकर ही स्वस्थ रह सकते हैं। शरीर में उतार-चढ़ाव होने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अव्यवस्थित दिनचर्या और कई अन्य परेशानियों के कारण लोग मानसिक रोग के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक रोग का अर्थ केवल दिमागी बीमारी नहीं होती है। नशे की लत, किसी परिवारिक परेशानी या अन्य कारणों से नींद नहीं आना, रक्तचाप का बढ़ जाना भी मानसिक रोग की निशानी हो सकता है। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को समाज में मानसिक रोगों से संबंधित फैली भ्रांतियों को दूर करने आह्वान किया। इस मौके पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एसके वर्मा ने कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मी अपने कार्य क्षेत्र में मानसिक रोगियों को पहचान कर अस्पताल में समुचित उपचार कराने में सहयोग दें।

कार्यक्रम में जिला मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी दयानंद श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर इस बार एक असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य का थीम रखा गया है। उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक स्तर पर भी भेदभाव काफी बढ़ा है। भेदभाव भी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भौतिक चिकित्सक डॉ. अमरेश कुमार ने लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आज के युवा पीढ़ी व्यसनों के कुचक्र में फंसकर अवसाद, तनाव से ग्रसित हो आत्महत्या करते हैं जो कि चिंता का विषय है।

कार्यक्रम को जिला वीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. एसपी सिंह, मानसिक रोग विशेषज्ञ अभिषेक शरण, डॉ. सुरभि श्रीवास्तव, नैदानिक मनोवैज्ञानिक कुमकुम त्रिपाठी ने भी अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में जिला लेखा रुक्मिणी कुमारी, जिला समन्वयक जयवर्द्धन सिंह, डॉ. हरवंश कुमार, रिंकू कुमारी, विद्या ज्योति सिन्हा, सुजाता कुमारी, पूनम, आशा कुमारी शामिल थीं।

संबंधित खबरें