
गनियारी में 1700 मीटर तक बनेगा रिंग बांध, जुटा विभाग
बोल्डर पीचिंग के साथ बनने वाले बांध को लेकर विभाग के द्वारा योजना बनाया जा रहा गंगा नदी में पानी कम होने की वजह से वर्तमान समय में कटाव की रफ्तार में कमी आई है
उम्मीदें - 2026 सहदेई बुजुर्ग । राजेश कुमार प्रखंड क्षेत्र के नयागांव पश्चिमी पंचायत के गनियारी वार्ड संख्या-13 में हो रहे कटाव से अगले वर्ष 2026 में निजात की उम्मीद जगी है। इसको लेकर आपदा विभाग की ओर से बोल्डर पिचिंग के साथ 17 सौ मीटर तक करोड़ों रुपए की लागत से बांध का निर्माण कराया जाएगा। आपदा विभाग के एसडीओ ने यह जानकारी देते हुए बताया कि खडगपुर बखोबाड़ी से लेकर निलकंठ ब्रह्मस्थान कुल 17 सौ मीटर तक करोड़ों रुपए की लागत से रिंग बांध बनाया जाएगा। बोल्डर पीचिंग के साथ बनने वाले बांध को लेकर विभाग के द्वारा योजना बनाया जा रहा है।
साथ ही डीपीआर एवं नक्सा भी तैयार किया जा रहा है। बोल्डर पीचिंग के साथ अगर बांध तैयार हो जाता है, तो गनियारी के साथ-साथ नयागांव पूर्वी, नयागांव पश्चिमी, सुल्तानपुर, देसरी प्रखंड के भिखनपुरा, आजमपुर समेत अन्य पंचायत एवं गांव के हजारों किसानों को फायदा होगा। साथ ही दियरा इलाका फिर से हरा भरा हो जाएगा। कटाव के कारण सैकड़ों लोग घर से बेघर हो गए हैं। साथ ही खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। कटाव धीरे-धीरे हाजीपुर-महनार मुख्य मार्ग की ओर बढ़ रहा है। पिछले पांच माह में लगभग 98 प्रतिशत घर कटाव की भेंट चढ़ गया। गंगा नदी में पानी कम होने की वजह से वर्तमान समय में कटाव की रफ्तार में कमी आई है। नयागंज हाट के सामने शंभु राय के चिमनी और बरियारपुर के सामने ठगु राय के घर के पास कटाव पहुंच गया। गंगा नदी कटाव कर जितना उत्तर दिशा की ओर आई है, ठीक उसी तरह दूसरे छोड़ दक्षिण दिशा की ओर जमीन पड़ने लगा है। जहां खेती शुरू की जा सकती है। यहां के लोग दूसरे छोड़ पर अपना जीवन फिर से तलाशने लगे हैं। फिलहाल पहले जहां सात किलोमीटर दूर थी, जो अब नजदीक आ गई। साथ ही दो हजार एकड़ से ज्यादा उपजाऊ जमीन कटाव की भेंट चढ़ गई है। कटाव के कारण अब गनियारी का अस्तित्व खोने के कगार पर पहुंच गया है। अब मात्र दो प्रतिशत घर बचे हैं, कटाव की दहशत से लोग उसे भी खाली कर खानाबदोश की जीवन जी रहे हैं। उधर. जिन लोगों का घर कटाव की भेंट चढ़ा है, उनके सामने रहने, सहने खाने पीने की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई पीड़ित नाते रिश्तेदार के यहां शरण ले लिए है, तो कई प्लास्टिक टांग कर खुले आसमान के नीचे रहने के लिए विवश है। इन लोगों का घर अब तक कटाव की चढ़ा भेंट गनियारी में हो रहे कटाव से अर्जुन राय उमाशंकर राय,संजीत राय,राजीव राय,जमाहिर राय, रामा राय, भूलूं राय, जयलाल राय, शिवचंद्र राय,अनिल राय, देवी राय, रामप्रवेश राय, ललित राय, रामविलास राय, प्रमोद राय, रामप्रवेश राय, रंजीत राय, चन्द्र मोहन राय, पिंकी देवी, श्यामपरी देवी , लाल बाबू राय, रामप्रवेश राय, बिंदा राय, अवधेश राय, जुलम राय, अरविंद ठाकुर, प्रमोद राय, राजकुमार राय, नवल राय, प्रदीप राय, गोगल राय, संजय राय, कपल राय, वकील राय, सीपाही राय, कुशेश्वर राय, देवप्रसाद राय, जगदीश राय, ममता देवी, संतोंष राय, उमेश राय, सुरेश सिंह, अनरजीत राय, शिवचंद्र राय, विरचन्द्र राय, जयलाल राय, भुल्लु राय, संजीत राय, उमाशंकर राय, राजीव राय, रामाशंकर राय, अग्निदेव सिंह, उमेश सिंह, प्रमोद सिंह, अमोद सिंह, धर्मेंद्र सिंह, दिलिप सिंह, पवन सिंह, विपिन सिंह, अमरेश सिंह, परम राय, नरेश राय, रामसिंगार राय, कपल राय, उमाशंकर राय, रामशंकर राय, सुदेश राय, नन्दन राय, जगेश्वर राय, जावाहर राय समेत सैकड़ों लोगों का घर कटाव के भेंट चढ़ गया है। कटाव से खेती का रकबा घटा गनियारी गांव का रकवा 26 सौ विगहा था। कटवा के कारण अब यह मात्र 15 विगहा पर पहुंच गया है। जिसके कारण खेती का रकवा भी घट गया। उपजाऊ जमीन का रकवा घटने के बाद इस बार रवि फसल न के बराबर लगाई गई है। किसानों का कहना है कि कटवा से सभी खत्म हो गया। अब उन लोगों के पास उपजाऊ जमीन नहीं बची है। जिसके कारण सालों भर खाने योग्य फसल का उत्पादन कर सके। गांव के युवा वर्ग मजदूरी के तलाश में पलायन कर गए हैं। बच्चों का शिक्षा दिक्षा एवं परवरिश रुक गया है। खेती ही सहारा था, जो कटाव का भेंट चढ़ गया। सहदेई - 02 - सहदेई के गनियारी में हुए कटाव और भेंट चढ़ा हुआ खेत और घर।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




