गैस संकट के साथ महंगाई की दोहरी मार झेल रहे विद्यार्थी

Apr 06, 2026 01:43 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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खुले बाजार में 100 रुपए में मिलने वाली गैस अब या तो उपलब्ध नहीं है, या 250-300 में मिल रही घर से दूर रहकर पढ़ाई करने वाले बैचलर छात्रों का जीवन संकट में खुले बाजार में नहीं मिल रही गैस, ठीक से नहीं...

गैस संकट के साथ महंगाई की दोहरी मार झेल रहे विद्यार्थी

हाजीपुर। संवाद सूत्र खाड़ी देशों में युद्ध के कारण भारत के विभिन्न राज्यों में उत्पन्न हुए गैस संकट और बढ़ती महंगाई का असर अब हाजीपुर में पढ़ाई कर रहे ग्रामीण इलाके के छात्रों पर साफ तौर पर दिखने लगा है। खासकर बैचलर छात्र, जो शहर में किराए के कमरों में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए रसोई गैस और खाद्य सामग्री का इंतजाम करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। कोचिंग मंडी के पास रहने वाले ग्रेजुएशन के छात्र अंकेश बताते हैं कि पहले खुले बाजार में 100 से 120 रुपए में मिलने वाली गैस मिल जाती थी। अब या तो उपलब्ध नहीं है, या फिर ब्लैक में 250 सौ से 300 सौ तक में मिल रही है।

उन्होंने बताया कि कई दुकानों पर गैस मिलनी बंद हो गई है। अगर कहीं मिल भी रही है तो इतनी महंगी कि हमारे जैसे छात्रों के लिए खरीद पाना मुश्किल हो गया है। छात्रों का कहना है कि महंगाई का असर सिर्फ गैस तक सीमित नहीं है। दाल, चावल, आटा और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि कुछ छात्र घर से राशन लेकर आते हैं, जिससे थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन गैस जैसी जरूरी चीज का कोई विकल्प नहीं है। वहीं, एक अन्य छात्र ऋषभ का कहना है कि अब खुले में गैस मिलना लगभग बंद हो चुका है। दोगुना-तीन गुना पैसा देने के बाद भी दुकानदार गैस देने को तैयार नहीं हैं। प्रशासन द्वारा कालाबाजारी पर की जा रही सख्ती के कारण दुकानदार भी डर के कारण गैस नहीं बेच रहे हैं। शहर छोड़कर गांव लौटने पर विचार उन्होंने बताया कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई छात्र अब शहर छोड़कर गांव लौटने पर विचार कर रहे हैं। जिन छात्रों के घर आसपास हैं, वे पहले ही गांव से ही कोचिंग के लिए आना-जाना शुरू कर चुके हैं। इससे उनकी पढ़ाई और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह समस्या तेजी से गहराती जा रही है, लेकिन अब तक इसके समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है। व्यापक असर छात्रों की पढ़ाई अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी, तो इसका सीधा व्यापक असर छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ सकता है। छात्रों ने बताया कि युद्ध कहीं और हो रहा है और परेशानी और महंगाई के चपेट में हम आ रहे हैं। भारत जो पूरे तरीके से आयात पर निर्भर देश है उसे विकल्प के तौर पर कोई और रास्ता देखना चाहिए ताकि नागरिक चैन, सुकून और व्यवस्थित जिंदगी जी सके। हाजीपुर-02- रविवार को हाजीपुर नगर के सुभाष चौक के समीप गैस एजेंसी के पास खाली पड़ा छोटा गैस सिलेंडर।

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