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खरीफ महोत्सव पर कार्यशाला व प्रशिक्षण में मोटे अनाज पर फोकस

हाजीपुर, एक प्रतिनिधि। खरीफ महोत्सव पर कार्यशाला व प्रशिक्षण में मोटे अनाज पर फोकसखरीफ महोत्सव पर कार्यशाला व प्रशिक्षण में मोटे अनाज पर फोकसखरीफ महोत्सव पर कार्यशाला व प्रशिक्षण में मोटे अनाज पर...

खरीफ महोत्सव पर कार्यशाला व प्रशिक्षण में मोटे अनाज पर फोकस
हिन्दुस्तान टीम,हाजीपुरMon, 27 May 2024 11:45 PM
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हाजीपुर, एक प्रतिनिधि।
स्थानीय दिग्घी स्थित जिला कृषि कार्यालय के सभागार में सोमवार को खरीफ महोत्सव के तहत कार्यशाला व प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। खरीफ महोत्सव पर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन पौद्या संरक्षण पटना के उप निदेशक मो. इस्माईल एवं जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. वेद नारायण सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम कृषि से जुड़े योजनाओं के प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उप निदेशक ने कहा कि खरीफ में कृषि योजना चल रही, इसके बारे में मार्च में ही लक्ष्य निर्धारित किया गया है। खरीफ मौसम में मोटे अनाज के फसलों के उत्पादन पर जोर दिया गया जिसमें मक्का समेत अन्य मोटे अनाज के फसले शामिल है। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि कृषि पदाधिकारियों व कृषि समन्वयक से विचार विमर्श के बाद ही फसलों का टारगेट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कृषि पदाधिकारियों व कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाली जिले में खेती-बारी का रैकिंग निचले पायदान पर है, जो चिंता का विषय है। इस दौरान गरमा फसल की समीक्षा के दौरान महुआ से डाटा रिपोर्ट असंतोष जनक पाए जाने पर महुआ के कृषि पदाधिकारी को फटकार लगाकर डाटा में सुधार कर 30 मई तक प्रस्तुत करने को कहा गया।

कृषि योजनाओं को कलस्टर बनाकर होगा संचालित

खरीफ महोत्सव के दौरान के जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. वेद नारायण सिंह ने कहा कि सरकार की सभी कृषि विभाग की योजना इस बार कलस्टर में संचालित किया जाएगा। वर्त्तमान खरीफ मौसम में कृषि विभाग मोटे अनाज की खेती जैसे मक्का, चीना, महुआ, कौनी समेत अन्य मोटे फसलों पर विशेष फोकस है। इललिए लक्ष्य के अनुरूप मक्का की खेती के लिए प्रत्येक प्रखंड वाइज 25-22 एकड़ का कलस्टर मक्के की खेती के लिए तैयार किया गया है। पौद्या संरक्षण के उप निदेशक मो. इस्माईल ने ऑनलाइन आवेदन, कलस्टर में कृषकों को प्रत्येक्षण एवं सीड्स वितरण के लिए सभी प्रक्रियाओं से प्रसार कर्मियों को अवगत करया और कहा कि 192 प्रत्यक्षण एवं शंकर मक्का बीज वितरण के तहत 383 क्वींटल बीज वितरण कलस्टर के किसानों के बीच होगा। उसी प्रकार दलहन के लिए 03, ज्वार फसल में 02 का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने कहा कि अनुदानित दर पर मक्का का बीज किसानों के मनोनुकूल वेराइटी पर लागत का 50 प्रतिशत अथवा 150 रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है। मक्का प्रत्यक्ष्ण एवं सीड्स वितरण के लिए 220 क्वींटल आवंटन प्राप्त हो गया है तथा मिलेट्स में 125 क्वींटल का लक्ष्य प्राप्त हो गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक राजस्व ग्राम में मिट्टी का नमूना संग्रह किया जाएगा। मिट्टी जांच कर किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने मिट्टी का नमूना संग्रह किया है उसे भी कलस्टर से जोड़ने के लिए प्रसार कर्मियों को निर्देश दिया।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए आत्मा के उप परियोजना निदेशक सियाराम साहु ने कृषि विकास के लिए चलाए जा रहे योजनाओं का विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए 29 मई से लेकर 23 जून के बीच प्रखंड मुख्यालय में खरीफ महोत्सव 2024 अंतर्गत् प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक ने केला फसल एवं केला से बने उत्पाद के बारे में विस्तार से जानकारी और केला के किस्म जैसे मालभोग, चीनिया से किस्त की खेती के बारे में जानकारी दी गई।

इन कृषि विशेषज्ञ व पदाधिकारियों की चर्चा

खरीफ महोत्सव में पौद्या संरक्षण के सहायक निदेशक अजीत शरण, उद्यान के सहायक निदेशक शशांक कुमार, सहायक निदेशक प्रक्षेत्र रिंकी कुमारी, कृषि अभियंत्रण के सहायक निदेशक गरिमा झरिया, आत्मा के उप परियोजना निदेशक रमण कुमार, उषा किरण, आत्मा के अजीत कुमार, कृषि समन्वयक चन्द्रकांत सिंह समेत अनेक वक्ताओं ने अपने अनुभव को साझा किया।

हाजीपुर-4-जिला कृषि कार्यालय के सभागार में आयोजित खरीफ महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन व संबोधित करते उप निदेशक मो. इस्माईल व अन्य।

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