Hindi NewsBihar NewsHajipur NewsFarmers Struggle to Protect Crops Amid Intensifying Cold Wave
शीतलहर के प्रकोप से फूलदार फसलों पर लाही की असर से सहमे किसान

शीतलहर के प्रकोप से फूलदार फसलों पर लाही की असर से सहमे किसान

संक्षेप:

महुआ में शीतलहर के बढ़ते प्रकोप ने फूलदार फसलों पर गंभीर प्रभाव डाला है, जिससे किसान चिंतित हैं। आलू और तेलहन उत्पादक किसान कीटनाशक और फफूंद नाशक दवा का छिड़काव कर रहे हैं, लेकिन लाही के कारण फसलों की गुणवत्ता में कमी आ रही है। किसान फसलों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

Dec 19, 2025 03:02 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हाजीपुर
share Share
Follow Us on

महुआ,एक संवाददाता। शीतलहर के प्रकोप बढ़ने से जनजीवन के साथ-साथ फूलदार फसलों पर कुप्रभाव पड़ने लगा है। जिससे किसान सहमे है और फसल को बचाने के लिए हर जद्दोजहद कर रहे हैं। बुधवार को तेलहन और आलू उत्पादक किसान कीटनाशक के साथ फफूंद नाशक दवा की छिड़काव करने में जुटे थे। जिससे उन्हें फसल उत्पादन में अतिरिक्त खर्च वहन करने पर रहे हैं। किसानों ने बताया कि शीतलहर के प्रकोप बढ़ने से लाही का प्रकोप बढ़ेगा। जिसका असर फूलदार फसलों पर होगा। इस समय सबसे ज्यादा सरसों के पीले फूलों पर लाही का कुप्रभाव होगा। इससे फसल कमजोर पड़ जाएगी और दाने छोटे हो जाएंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

किसानों ने यह भी बताया कि लाही सरसों फसल के लिए खतरनाक है। इससे तेलहन फसल के उत्पादन में कमी आती है। महुआ के तेलहन उत्पादक सुरेंद्र राय, प्रमोद राय, नितेश कुमार, महेश सिंह, पप्पू सिंह, रंजीत कुमार सिंह, राजू सिंह, बिगुल प्रसाद, निरंजन कुमार, खोपी के विनय कुमार सिंह आदि बताते हैं कि अगात बुआई वाली सरसों, राई, तोड़ी में फूल खिल गए हैं। जिससे उसमें छीमिया भी लगने लगी है। वही पछात बुआई वाली फसल में अभी फूल नहीं आए हैं। लाही के कारण से फसल काले पड़ जाते हैं और उसमें निकलने वाले दाने कमजोर होते हैं। जिससे तेल नहीं निकलता है। हालांकि किसान रोग से बचाव को लेकर किट और फफूंद नाशक दवा का छिड़काव भी कर रहे हैं। इधर शीतलहर के कारण किसान आलू को बचाने के लिए भी जद्दोजहद कर रहे हैं। उस पर रोग नाशक दवा के छिड़काव में लगे हैं। महुआ-04-महुआ के कन्हौली के खेत में लहलहाती सरसों के पौधे में खिले पीले पीले फूल।