खेत बचाओ को ले संतुलित उर्वरक उपयोग को किया जागरूक

हिन्दुस्तान, हाजीपुर
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वैशाली जिले के मुकुंदपुर गांव में किसानों के लिए खेत बचाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें संतुलित उर्वरकों के उपयोग, बायो फर्टिलाइजर, और प्राकृतिक खेती पर जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को दक्ष उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक करना था।

खेत बचाओ को ले संतुलित उर्वरक उपयोग को किया जागरूक

वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत मुकुंदपुर गांव में किसानों के बीच खेत बचाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जागरूकता कार्यक्रम

डॉ.राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र के तत्वावधान में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ.अनिल कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित का नेतृत्व कृषि अभियंत्रण के ई.कुमारी नम्रता ने। उन्होंने कहा कि यह जागरूकता कार्यक्रम 30 जून तक चलेगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित एवं दक्ष उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक करना, बायो फर्टिलाइजर एवं ग्रीन मैन्यूरिंग को बढ़ावा देना, मिट्टी की सेहत एवं मिट्टी परीक्षण के महत्व को समझाया गया।

किसानों को जानकारी

कार्यक्रम में तिलहन मिशन को प्रोत्साहित करने लिए किसानोंको विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे केसीसी, पीएमएफवाई आदि योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही एल नीनो प्रभाव से बचाव, वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन, क्लाइमेट रेसिलियंट वैराइटज का प्रचार प्रसार के साथ खाद्य तेल की खपत में 10 प्रतिशत कमी लगाने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में उन्होंने किसानों को नकली उर्वरक एवं कीटनाशकों की पहचान संबंधी जानकारी भी किसानों को दी गई। इस अवसर पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सुधानंद प्रसाद लाल एवं वैज्ञानिक डॉ. कौशल किशोर ने किसानों को संतुलित उर्वरक के उपयोग एवं जैविक खेती विषय पर विस्तार से जानकारी दी।

प्राकृतिक खेती के लाभ

डॉ. सुदर्शन प्रसाद लाल ने बायो-फर्टिलाइजर, ग्रीन मैन्यूरिंग तथा मिट्टी की सेहत के संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी। ई. कुमारी नम्रता ने ने किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार के लिए खरीफ की मुख्य फसल धान की बुआई करने की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित किसानों को वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों का भ्रमण किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में एकेआरएसपी संस्था से अमित कुमार मिश्रा, राजीव रंजन, अभिषेक आनंद ने सक्रिय दिखे। इस दौरान मुकुंदपुर के प्रगतिशील किसान सत्येन्द्र कुमार सहनी ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि वे पिछले चार वर्षों से प्राकृतिक खेती के माध्यम से सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं तथा बिना जुताई के खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि वे कीट नियंत्रण के लिए प्रति सप्ताह जीवामृत का उपयोग करते हैं, जिससे कीट प्रकोप कम हो गया है और उत्पादन लागत की काफी कमी आई है। उन्होंने प्राकृतिक खेती से उन्हें एक एकड़ भूमि से प्रतिवर्ष लगभग एक लाख रूपये का शुद्ध आमदनी हो रही है। जयप्रकाश

सामान्य प्रश्न

इस जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित एवं दक्ष उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक करना है।
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